छत्तीसगढ़ में 39 लाख से अधिक स्कूली बच्चों को मिल रहा है पौष्टिक एवं ताजा भोजन
रायपुर, 17 नवम्बर 2011
छत्तीसगढ़ में मध्यान्ह भोजन योजना के तहत 39 लाख 22 हजार 222 स्कूली छात्र-छात्राओं को दोपहर में पौष्टिक और ताजा भोजन दिया जा रहा है। इनमें शासकीय, अनुदान प्राप्त, मदरसा बोर्ड, संस्कृत बोर्ड और नगरीय निकायों की 33 हजार 844 प्राथमिक शालाओं और 13 हजार 771 पूर्व माध्यमिक शालाओं के छात्र-छात्राएं शामिल हैं। राज्य शासन द्वारा मध्यान्ह भोजन के लिए हर स्कूल में समुचित प्रबंध किए गए हैं। मध्यान्ह भोजन में प्रतिदिन बच्चों को भात, दाल, सब्जी के साथ-साथ आचार और पापड़ देने सप्ताह भर का मीनू तय किया गया है। बच्चों को सप्ताह में दो दिन मंगलवार और शनिवार को मीठा में खीर या हलवा खिलाया जा रहा है।
स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि सरगुजा जिले में चार लाख पांच हजार 725, बिलासपुर जिले में चार लाख 41 हजार 456, रायगढ़ जिले में दो लाख 03, राजनांदगांव जिले में दो लाख 53 हजार 08, दुर्ग जिले में चार लाख 36 हजार 855, रायपुर जिले में पांच लाख 84 हजार 127, बस्तर जिले में दो लाख 55 हजार 130, नारायणपुर जिले में 28 हजार 102, कोरिया जिले में 93 हजार 748, जांजगीर-चांपा जिले में
दो लाख 41 हजार 774, कोरबा जिले में एक लाख 71 हजार 297, जशपुर जिले में एक लाख 29 हजार 580, कबीरधाम जिले में एक लाख 51 हजार 67, महासमुंद जिले में एक लाख 65 हजार 982, धमतरी जिले में एक लाख 16 हजार 694, उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले में एक लाख 24 हजार 413, दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले में 81 हजार 680 तथा बीजापुर जिले में 41 हजार 581 बच्चों को मध्यान्ह भोजन दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा मध्यान्ह भोजन योजना की नियमित मॉनिटरिंग के लिए इस योजना को ऑन लाईन किया गया है। इसमें प्रदेश के समस्त जिला शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों को लॉग इन रखा गया है।

