भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ के बांस शिल्प उत्पादों की मांग बढ़ी
रायपुर, 24 नवम्बर 2011
भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ के बांस शिल्प उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ी है । खूबसूरत ढंग से बनाये गये इन उत्पादों को लोग पसंद कर रहे हैं । राज्य के दूरस्थ अंचलों से आये शिल्पकारों ने बांस के उपयोग से विभिन्न प्रकार की कृलाकृतियॉ और रोजाना उपयोग में आने वाली सामग्रियां प्रदर्शित की है ।
दर्शक बड़ी संख्या में इन शिल्पकारों के स्टाल पर आकर जानकारी हासिल कर रहे हैं और उत्पादों को खरीद कर भी ले जा रहे है । इस स्टाल पर बांस से तैयार घड़ी , बांसुरी , दीवार कैलेंडर , पेन स्टैंड, छड़ी और अन्य आकर्षक वस्तुएं उपलब्ध है । इन उत्पादों का मूल्य 10 रूपये से लेकर तीन हजार रूपए तक है।
छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में एक बड़े इलाके में बांस बहुतायत में प्राप्त होता है । नारायणपुर से आये बांस शिल्पकार श्री सोबाराम ने बताया कि राज्य षासन के सहयोग से उन्हें इस व्यापार मेले में आने का अवसर प्राप्त हुआ है । यहां उनके उत्पादों को लोग पसंद कर रहे हैं । उन्हें कई लोगों से मिलने का अवसर मिला जो उनसे थोक में सामग्री बनवाना चाहते है । उन्होंने बताया कि बांस से सजावटी सामान सहित रोजमर्रा के कार्य में प्रयुक्त होने वाले समानों को तैयार करना एक कठिन प्रक्रिया होती है । जंगलों से बांस काटकर लाने के बाद उसे छीला जाता है फिर आवष्यकतानुसार उसे अलग-अलग आकारों में काटकर विभिन्न उत्पाद तैयार किये जाते है । उन्होंने बताया कि उनके परिवार के लोग वर्षो से इस कार्य में लगे है ।

