'फर्जी फायनेंस कम्पनियों से सावधान रहे जनता' रिजर्व बैंक द्वारा चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक
रायपुर, 01 दिसम्बर 2011

भारतीय रिजर्व बैंक ने जनता को फर्जी अथवा अनधिकृत गैर बैंकिंग फायनेंस कम्पनियों और चिटफण्ड कम्पनियों से सावधान रहने की सलाह दी है। रिजर्व बैंक की आज यहां आयोजित 19 वीं राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में इसके लिए प्रदेश सरकार के सहयोग से जनता के बीच जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया। भारतीय रिजर्व बैंक के भोपाल से आए क्षेत्रीय निदेशक (छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश) श्री पी.के. पण्डा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इस बारे में व्यापक विचार-विमर्श हुआ। बैठक में राज्य सरकार के अपर सचिव विधि विभाग श्री के.एल. चरयाणी, पुलिस महानिरीक्षक श्री पी.एन. तिवारी और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो के पुलिस अधीक्षक श्री आर.एस. नायक सहित भारतीय रिजर्व बैंक के उप महाप्रबंधक श्री एस.एन. तिवारी, बैंक की छत्तीसगढ़ इकाई के प्रभारी श्री निर्मल चन्द और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री पण्डा ने कहा कि गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं को कारोबार के लिए अथवा शाखा खोलने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक में अपना पंजीयन करवाना अनिवार्य है। उन्हें हर साल अपने पंजीयन प्रमाण पत्र का नवीनीकरण भी करवाना होता है। ऐसी कम्पनियों का आडिट भी नियमित रूप से होना चाहिए। इन कम्पनियों में निवेश करने से पहले नागरिकों को इसकी पुष्टि कर लेनी चाहिए कि ये कम्पनियां भारतीय रिजर्व बैंक में पंजीकृत हैं अथवा नहीं। बैठक में यह भी तय किया गया कि गैर बैंकिंग फायनेंस कम्पनियों और चिटफण्ड कम्पनियों के बारे में सरकारी नियम कानूनों की जानकारी देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के छत्तीसगढ़ राज्य कार्यालय के अधिकारी रायपुर स्थित भारत सरकार के क्षेत्रीय प्रचार कार्यालय के सहयोग से वीडियो सी.डी. आदि के जरिये ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार करेंगे। राज्य शासन के पुलिस अधिकारियों तथा सभी लोक अभियोजकों और जिला अल्प बचत अधिकारियों को भी इस बारे में नियम कानूनों की पूरी जानकारी होनी चाहिए।
बैठक में बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा जिला कलेक्टरों के माध्यम से हर जिले में हर महीने जनसमस्या निवारण के लिए दो-दो शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसे ध्यान में रखकर यह भी तय किया गया कि इन शिविरों में भी रिजर्व बैंक के अधिकारी जाएं और आम जनता को इस महत्वपूर्ण विषय पर जानकारी दें। प्रचार अभियान के तहत रिजर्व बैंक द्वारा जागरूकता शिविर आयोजित करने का भी प्रयास किया जाएगा। शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पोस्ट मास्टरों और ग्राम स्तरीय अन्य कर्मचारियों का भी सहयोग लिया जाएगा। उन्हें भी इस संबंध में नियम कानूनों की पूरी जानकारी दी जाएगी, ताकि वे स्थानीय ग्रामीणों को सचेत कर सकें। क्षेत्रीय निदेशक श्री पण्डा ने बैठक में यह भी बताया कि गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए भारत सरकार के चिटफण्ड कम्पनी अधिनियम को मध्यप्रदेश सरकार ने अपना लिया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार को भी यह अधिनियम लागू करने का सुझाव दिया।
श्री पण्डा ने बैठक में बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने देश भर में आम जनता के बीच वित्तीय साक्षरता और वित्तीय शिक्षा को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इसके लिए मिडिल स्कूल तथा हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल स्तर के बच्चों के लिए रिजर्व बैंक द्वारा पाठयक्रम भी तैयार किया जा रहा है, जिसमें बच्चों को बैंको में खाता खोलने, पैसा जमा करने और राशि आहरण की प्रक्रिया की भी जानकारी हिन्दी और देश की अन्य सभी भाषाओं में दी जाएगी। भारतीय रिजर्व बैंक की राज्य समन्वय समिति की आगामी बैठक में लीड बैंक के अधिकारी को भी आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया।

