प्रतिनियुक्ति वाले कर्मचारियों का विशेष वेतन बढ़ा
राज्य सरकार ने जारी किया आदेश
रायपुर दिसंबर 2011
प्रदेश के शासकीय सेवकों के प्रतिनियुक्ति संबंधी विशेष वेतन में चार गुना बढ़ोत्तरी की गई है। वित्त विभाग द्वारा इस संबंध में कल एक दिसंबर को यहां मंत्रालय से आदेश जारी कर दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ वेतन पुनरीक्षण नियम 2009 के अंतर्गत स्वीकृत वेतनमानों के संदर्भ में राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है कि बाह्य सेवा में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ शासकीय सेवकों को मुख्यालय परिवर्तन न होने की स्थिति में उनके प्रतिनियुक्ति पद के ग्रेड वेतन के 20 प्रतिशत के समान और मुख्यालय परिवर्तन होने की स्थिति में प्रतिनियुक्ति के ग्रेड वेतन के 40 प्रतिशत के समान प्रतिनियुक्ति भत्ता दिया जाएगा। पूर्व में प्रतिनियुक्ति वेतन अधिकतम 400 रूपये प्रति माह की सीमा के अधीन वेतन का 5 प्रतिशत प्रति माह और मुख्यालय परिवर्तन होने की स्थिति में 600 रूपये प्रति माह की सीमा के अधीन 10 प्रतिशत प्रति माह की दर से दिया जाता था।
राज्य शासन द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि शासकीय सेवकों के बाह्य सेवा में प्रतिनियुक्ति पद पर पदस्थापना अवधि में प्रतिनियुक्ति पद के वेतनमान के लिए विकल्प देने की वर्तमान व्यवस्था को समाप्त किया जाएगा। जिन मामलों में शासकीय सेवकों को बाह्य सेवा में प्रतिनियुक्ति पर रहने की निर्धारित अधिकतम 4 वर्ष की अवधि के बाद प्रतिनियुक्ति अवधि में वृध्दि की जाती है ,तो भले ही यह वृध्दि समन्वय में आदेश प्राप्त कर ली गई हो, चार वर्ष की अवधि के बाद बढ़ाई गई किसी भी प्रतिनियुक्ति अवधि के लिए प्रतिनियुक्ति भत्ता की पात्रता न होने संबंधी वर्तमान व्यवस्था यथावत् रहेगी।
छत्तीसगढ़ वेतन पुनरीक्षण नियम 2009 में वेतन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति भत्ता की नई दरें 1 दिसंबर 2011 से लागू होंगी। यदि इस तिथि के पूर्व किसी शासकीय सेवक के बाह्य सेवा में प्रतिनियुक्ति पर छत्तीसगढ़ वेतन पुनरीक्षण नियम 2009 के आधार पर प्रतिनियुक्ति भत्ता अथवा विकल्प के आधार पर प्रतिनियुक्ति पद का वेतनमान स्वीकृत किया गया है तो ऐसा स्वीकृति आदेश निरस्त माना जाएगा और उन्हे पूर्व वेतनमान के आधार पर प्रतिनियुक्ति भत्ता की पात्रता होगी। यदि अधिक भुगतान हुआ है तो वह वसूली योग्य होगा।
क्रमांक-3942/हर्षा

