शिक्षा से ही खुलेंगे तरक्की के रास्ते : डॉ. रमन सिंह : मुख्यमंत्री ने किया एकलव्य विद्यालय और केन्द्रीय विद्यालय का शुभारंभ
रायपुर 4 दिसम्बर 2011
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि राज्य, देश और समाज की तरक्की के तमाम रास्ते शिक्षा के जरिए ही खुलते है। उन्होंने आज शाम जिला मुख्यालय राजनांदगांव के नजदीक ग्राम पनेका में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय और राजनांदगांव में केन्द्रीय विद्यालय का शुभारंभ किया। डॉ. रमन सिंह ने वहां आयोजित कार्यक्रमों में विशाल जनसमूह को संबोंधित करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। उन्होंने इन दोनों विद्यालयों में प्रवेश ले चुके बच्चों को आशीर्वाद प्रदान कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार समाज के इन कमजोर वर्गों के सामाजिक-आर्थिक और शैक्षणिक विकास के लिए वचनबध्द है। राज्य सरकार की यह भी मंशा है कि इन वर्गो के बच्चों को भी डॉक्टर, इंजीनियर, पॉयलेट, कृषि विशेषज्ञ, नर्स, शासकीय अधिकारी और कर्मचारी बनने का मौका मिले। इसके लिए उन्हें शिक्षण और प्रशिक्षण की हर प्रकार की सुविधा दी जा रही है। उन्हें विभिन्न व्यवसायों और उद्योगों में स्वरोजगार के लिए भी सहायता दी जा रही है। उनके लिए सभी जरूरी सुविधाओं से सुसज्जित आश्रम विद्यालय, छात्रावास और स्कूल-कॉलेज भी खोले जा रहे हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश के सभी बच्चों को अच्छी गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिले और वे पढ़-लिखकर राज्य और देश के विकास में सहभागी बनें, यह प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उल्लेखनीय है कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भवन का निर्माण राजनांदगांव के नजदीक ग्राम पेण्ड्री में किया जा रहा है, इसके लिए ग्यारह करोड़ 61 लाख रूपए मंजूर किए गए हैं। विद्यालय में कुल 480 सीटें होंगी। इस सत्र में छठवीं कक्षा में राजनांदगांव, बस्तर (जगदलपुर), नारायणपुर और
बीजापुर जिलों के नक्सल पीड़ित आठ विकासखण्डों के साठ बच्चों को प्रवेश दिया गया है। इस विद्यालय का भवन निर्माण पूर्ण होने तक इसके संचालन की वैकल्पिक व्यवस्था ग्राम पनेका स्थित आदिमजाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के आश्रम शाला भवन में की गई है। मुख्यमंत्री ने आज ही शाम राजनांदगांव में जिले के तीसरे केन्द्रीय विद्यालय का भी शुभारंभ किया। उल्लेखनीय है कि जिले में दो केन्द्रीय विद्यालय खैरागढ़ और डोंगरगढ़ में पहले से संचालित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री की विशेष पहल पर केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने राजनांदगांव में भी केन्द्रीय विद्यालय की स्वीकृति दी है। इसके लिए ग्राम पेण्ड्री में 15 एकड़ भूमि पर लगभग 15 करोड़ रूपए की लागत से भवन बनाने की योजना है। फिलहाल केन्द्रीय विद्यालय के संचालन के लिए राजनांदगांव के महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल परिसर में वैकल्पिक इंतजाम किया गया है। इस केन्द्रीय विद्यालय में कक्षा पहली से पांचवी तक 204 बच्चों का चयन कर अब तक 182 बच्चों को प्रवेश दिया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने ग्राम पनेका में आयोजित कार्यक्रम में दस लाख रूपए की लागत से निर्मित अनुसूचित जाति बालक आश्रम शाला भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने इतनी ही लागत से एकीकृत कार्ययोजना के तहत इस भवन के लिए बनने वाले अहाते का भी शिलान्यास किया। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (पनेका) में राज्य के नक्सल पीड़ित इलाकों के साठ बच्चों को कक्षा छठवीं में प्रवेश दिया गया है, जिनमें राजनांदगांव जिले के मानपुर, मोहला, चौकी, डोंगरगढ़ और डोंगरगांव विकासखण्ड शामिल हैं। साथ ही बस्तर संभाग के फरसगांव, नारायणपुर और बीजापुर विकासखण्डों के बच्चों को भी प्रवेश दिया गया है। डॉ. रमन सिंह ने आज के कार्यक्रम में ग्राम पनेका में हाई स्कूल भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान करते हुए पनेका-फरहद सड़क डामरीकरण, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना से करवाने की भी घोषणा की। उन्होंने ग्राम पंचायत पनेका के आश्रित गांव बाकल में पुल निर्माण की भी मंजूरी तुरन्त प्रदान कर दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगरीय प्रशासन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने की। लोकसभा सांसद श्री मधुसूदन यादव ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पाठयपुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री अशोक शर्मा, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री लीलाराम भोजवानी, विधायक श्री खेदूराम साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री दिनेश गांधी और छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती रेखा मेश्राम सहित अनेक पंच-सरपंच, जनपद और जिला पंचायत सदस्य तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

