छत्तीसगढ़ में गरीबों के भोजन और इलाज की बेहतर व्यवस्था : मुख्यमंत्री डॉ. सिंह
श्री आदिनाथ जिनालय और दादाबाड़ी प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री
रायपुर, 05 दिसंबर 2011
मुख्यमंत्री
डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में गरीब परिवारों को दो वक्त के भोजन
के साथ ही उनके इलाज की बेहतर व्यवस्था राज्य सरकार ने सुनिश्चित की है।
प्रदेश के लगभग 34 लाख गरीब परिवारों को मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता
योजना के तहत दो रुपए एवं एक रुपए किलो में हर माह 35 किलो चावल दिया जा
रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बाल हृदय सुरक्षा योजना के तहत गरीब
परिवार के हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के इलाज की नि:शुल्क व्यवस्था भी सरकार
कर रही है। इस योजना में अब तक लगभग दो हजार हृदयरोग से पीड़ित बच्चों का
नि:शुल्क इलाज कराया जा चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह कल शाम
राजनांदगांव जिला मुख्यालय से 10 किमी दूर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-6 के
किनारे ग्राम ठेकवा में श्री आदिनाथ जिनालय एवं दादाबाड़ी प्रतिष्ठा
महोत्सव में उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित कर रहे थे।
उन्होंने वहां
युगांतर इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में आदिनाथ जिनालय में पूजा-अर्चना की और
मुनि श्री पीयूष सागर आदिठाणा एवं साध्वी मृगावती आदिठाणा का आशीर्वाद
प्राप्त किया। इस अवसर पर राजनांदगांव जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेश
मूणत, लोकसभा सांसद श्री मधुसूदन यादव, बीस सूत्रीय क्रियान्वयन समिति के
उपाध्यक्ष श्री खूबचंद पारख, नॉन अध्यक्ष श्री लीलाराम भोजवानी, पाठयपुस्तक
निगम के अध्यक्ष श्री अशोक शर्मा सहित जिनालय के ट्रस्टी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने प्रतिष्ठा समारोह को सम्बोधित करते हुए आगे कहा कि
राजनांदगांव का विधायक होने के नाते यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि वे
इस कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेशनल हाईवे के किनारे
मंदिर की स्थापना हुई है । सुन्दर उपाश्रय भवन का निर्माण किया गया है।
इसके लिए उन्होंने समस्त ट्रस्टियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री
ने कहा कि छत्तीसगढ़ में इलाज की त्वरित व्यवस्था के लिए 172 स्थानों पर
108 संजीवनी एक्सप्रेस की सुविधा शुरू की जा रही है । अब तक बारह जिलों में
यह व्यवस्था शुरू हो गई है। संजीवनी एक्सप्रेस के माध्यम से अब तक 8 हजार
से ज्यादा लोगों की जान बचाई जा सकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में
शराब बंदी की दिशा में कारगर प्रयास किया जा रहा है। गौ-हत्या पर यहां
पूर्णत: प्रतिबंध है। उन्होंने बताया कि गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के
लिए कामधेनु विश्वविद्यालय अंजोरा में प्रारंभ किया जा रहा है। उन्होंने
कहा कि सभी के सहयोग एवं आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ को सुख, शांति, समृध्दि एवं
विकास की दृष्टि से देश का अग्रणी राज्य बनाएंगे। उन्होंने इस मौके पर
प्रदेश की ढ़ाई करोड़ जनता की ओर से श्री आदिनाथ जिनालय और दादाबाड़ी
प्रतिष्ठा महोत्सव में पधारे जैन मुनियों एवं अन्य लोगों का स्वागत किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए रत्नसागर जी महाराज ने कहा
कि परोपकार ही धर्मनीति है। दूसरों के हित का संरक्षण एवं सहयोग व्यक्ति को
धर्म नीति से जोड़ता है। छत्तीसगढ़ में धर्मनीति और राजनीति का अच्छा संयोग
है। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकास कर रहा है। उन्होंने इस मौके
पर छत्तीसगढ़ की स्कूली शिक्षा में संस्कार और नैतिक शिक्षा को शामिल करने,
यौन शिक्षा को स्कूलों में लागू न करने और मध्यान्ह भोजन में शुध्द आहार की
उपलब्धता सुनिश्चित करने का आग्रह मुख्यमंत्री से किया। इस मौके पर मुनि
पीयूष सागर जी ने अपने भजन एवं स्तुति के माध्यम से जीवन की नश्वरता का
संदेश दिया। उन्होंने इस मौके पर सभी के कल्याण की कामना की। इस मौके पर
मुख्यमंत्री ने 'युगांतर सृजन' पत्रिका का विमोचन किया तथा जैन समाज की
सेवाभावी संस्थाओं जिनदत्त सूरि सेवा संघ, जैनम, देवाआनंद जैन स्कूल, समता
मंच, आनंद मंगल यात्री संघ, महावीर महिला मंडल, जैन सेवा संघ, महावीर
इंटरनेशनल, भारतीय जैन संघटना सहित अन्य संस्थाओं एवं समाजसेवियों को
सम्मानित किया। इस अवसर पर चार मुमुक्षू सहित प्रतिभावान बच्चों को भी
मुख्यमंत्री ने सम्मानित करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी। महोत्सव
में जैन संघटना के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग उपस्थित
थे।

