गरीब कैंसर पीड़ितों का होगा नि:शुल्क इलाज : डॉ. रमन सिंह
मुख्यमंत्री ने जनदर्शन में स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों को बुलाकर दिए निर्देश
रायपुर 08 दिसम्बर 2011
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज सवेरे यहां अपने निवास पर साप्ताहिक कार्यक्रम 'जनदर्शन' में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाकर उन्हें यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि गरीब तबके के कैंसर के मरीजों का पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से संबंधित क्षेत्रीय कैंसर चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान में बेहतर से बेहतर नि:शुल्क इलाज किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के संचालक डॉ. कमलप्रीत सिंह, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. सुबीर मुखर्जी, संचालक आयुष डॉ. जी.एस. बदेशा, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. ए.के. शर्मा , अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विवेक चौधरी और अन्य अधिकारियों से कहा कि राज्य सरकार ने इस संस्थान को गरीब परिवारों के कैंसर पीड़ितों के समुचित इलाज के लिए कीमोथैरेपी, रेडियेशन और ऑपरेशन की सभी जरूरी सुविधाएं दी है, जिनका लाभ मरीजों को मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने जनदर्शन में आए कुछ कैंसर पीड़ित मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण भी मेडिकल कॉलेज और अम्बेडकर अस्पताल के डॉक्टरों से करवाया। उनमें से जरूरतमंद मरीजों को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज से संबंध्द क्षेत्रीय कैंसर चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान में भेजा गया। मुख्यमंत्री ने इन अधिकारियों से कहा कि आगामी जनदर्शन कार्यक्रमों में संस्थान से एक वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञ को भी उपस्थित रहने के लिए निर्देश दिया जाए।मुख्यमंत्री को आज के जनदर्शन में उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले के चारामा विकासखण्ड स्थित ग्राम बारगरी से आए ग्रामीणों के प्रतिनिधि मण्डल ने बताया कि ग्राम बारगरी के समीप स्थित नैनी बांध के सायफन की मरम्मत का कार्य काफी लंबे समय से लंबित है। बार-बार जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को इस कार्य के संबंध में आवेदन दिया गया है, लेकिन यह कार्य अब तक नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को बताया कि ग्राम सुराज अभियान में भी इस संबंध में अधिकारियों को आवेदन दिया गया था। इस बांध से चांवड़ी, बारगरी, गिरहोला, राधोटोला और ऊंकारी गांवों में लगभग पांच सौ एकड़ में सिंचाई होती थी, लेकिन साइफन खराब होने के कारण बांध का पानी नदी में चला जाता है। इससे किसानों के खेतों में सिंचाई नहीं हो पाती है। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की इस शिकायत पर नाराजगी प्रकट की और जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता को टेलीफोन पर इस कार्य को तत्काल कराने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने कहा कि पिछड़ा क्षेत्र अनुदान योजना अथवा विभागीय योजनाओं से भी यह कार्य कराया जा सकता है। उन्होंने प्रमुख अभियंता को इस कार्य में हुए विलंब पर जल संसाधन विभाग के संबंधित अनुविभागीय अधिकारी से जवाब तलब करने के निर्देश दिए।
क्रमांक 4028/सोलंकी

