जनदर्शन में 33 लाख के निर्माण कार्य मंजूर : मुख्यमंत्री ने दी स्वीकृति
रायपुर, 08 दिसम्बर 2011
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज सवेरे यहां
अपने निवास पर आम जनता की समस्याएं सुनी और समस्याओं के निराकरण के लिए
अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए
ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न प्रतिनिधि मंडलों ने मुख्यमंत्री से
मुलाकात कर उन्हें अपनी समस्याएं बतायी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान ग्रामीणों
और जनप्रतिनिधियों के आग्रह पर लगभग 33 लाख रूपए की लागत के बारह विभिन्न
निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रदान की। जरूरतमंद 38 मरीजों को मुख्यमंत्री
के निर्देश पर नि:शुल्क इलाज के लिए अम्बेडकर अस्पताल भेजा गया है।
मुख्यमंत्री निवास पर लगाए गए डायबिटिक रिसर्च सोसायटी रायपुर के स्टॉल पर
जनदर्शन में आए एक सौ से अधिक लोगों की ब्लडशुगर की नि:शुल्क जांच की गयी।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री पुन्नूलाल मोहले के नेतृत्व में
बिलासपुर जिले के मुंगेली से आए नागरिकों के प्रतिनिधि मंडल ने मुंगेली के
पूर्व
सांसद स्वर्गीय श्री निरंजन प्रसाद केशरवानी की प्रतिमा के अनावरण
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण मुख्यमंत्री को
दिया। इस प्रतिनिधि मंडल ने संत गुरू घासीदास की जयंती के अवसर पर कोरबा और
बिलासपुर जिले के कोटा में आयोजित किए जा रहे समारोहों में भी शामिल होने
का न्यौता मुख्यमंत्री को दिया। वरिष्ठ नेता श्री रामसेवक पैकरा के नेतृत्व
में सरगुजा जिले के प्रतापपुर क्षेत्र से आए ग्रामीणों के आग्रह पर
मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत सकलपुर के पांच किसानों के सिंचाई पम्पों के
बिजली कनेक्शन के लिए सरगुजा एवं उत्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण से
राशि मंजूर करने की स्वीकृति प्रदान की। अनुसूचित जनजाति वर्ग के इन
किसानों ने मुख्यमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा
सिंचाई पम्पों के कनेक्शन के लिए 75 हजार 562 रूपए की मांग की गयी है।
मुख्यमंत्री ने भिलाई नगर के खुर्सीपार मोहल्ले की श्रीमती संगीता सोनी की
ग्यारह माह की बेटी श्रृध्दि की आंखों के इलाज के लिए मुख्यमंत्री सहायता
कोष से 40 हजार रूपए की राशि मंजूर की। श्रीमती सोनी ने इस सहायता के लिए
मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। इस दौरान बीरगांव निवासी नि:शक्त छात्र श्री
गोवर्धन वर्मा ने मुख्यमंत्री से मुलाकात करके एक ट्रायसायकल प्रदान करने
का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि वे इस वर्ष ग्यारहवी की परीक्षा उत्तीर्ण
कर चुके हैं। अब उन्हें महाविद्यालय जाने के लिए ट्रायसायकल की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने आदिवासी विकास विभाग के सचिव को ट्रायसायकल उपलब्ध कराने के
निर्देश दिए हैं।

