मुख्यमंत्री आज देंगे 127 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
एनीकट एवं जलाशयों के निर्माण से किसानों का बरसों पुराना सपना होगा साकार
नौ एनीकटों एवं सिंचाई जलाशयों से होगी लगभग आठ हजार हेक्टेयर में सिंचाई
मुख्यमंत्री करेंगे कपालफोड़ी तटबंध एवं साहनीखार-धौराभाठा एनीकट का भूमिपूजन
रायपुर 09 दिसम्बर 2011
मुख्यमंत्री
डॉ. रमन सिंह कल 10 दिसम्बर को धमतरी जिले के प्रवास के दौरान जिले के
नागरिकों को लगभग 127 करोड़ रुपए की लागत के विभिन्न निर्माण कार्यों की
सौगात देंगे। डॉ. सिंह मगरलोड विकासखण्ड के ग्राम-खट्टी (नारी) में आयोजित
कार्यक्रम में लगभग 115 करोड़ 58 लाख रुपए की लागत के विभिन्न निर्माण
कार्यों का लोकार्पण और ग्यारह करोड़ 47 लाख रुपए की लागत के निर्माण
कार्यों का भूमिपूजन करेंगे।
डॉ. सिंह निर्धारित दौरा कार्यक्रम के
अनुसार रायपुर से दोपहर 1.45 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर दोपहर 2.05
बजे धमतरी जिले के ग्राम खट्टी (नारी) पहुंचेंगे और वहां आयोजित कार्यक्रम
में शामिल होने के बाद शाम 4.10 बजे रायपुर लौट आएंगे। मुख्यमंत्री डॉ.
सिंह वहां आयोजित कार्यक्रम में खट्टी एनीकट, परसुलीडीह एनीकट, राजाडेरा
जलाशय, बकोरी जलाशय, बेलोरा जलाशय, पनवई व्यपवर्तन योजना, नारधा तटबंध,
अमलीडीह कुटेना, पैरी नदी पर पुल निर्माण, क्षेत्रीय ग्रामीण प्रशिक्षण
संस्थान (कुरूद) का लोकार्पण करेंगे। लोकार्पित होने वाले सात एनीकट और
सिंचाई जलाशयों से खरीफ सीजन में सात हजार 547 हेक्टेयर में और रबी मौसम
में साढ़े तीन हजार हेक्टेयर में सिंचाई हो सकेगी। इस दौरान मुख्यमंत्री एक
सौ स्कूली छात्राओं को सायकल वितरित करेंगे। इसके अलावा डॉ0 सिंह कपालफोड़ी
तटबंध निर्माण, साहनीखार एनीकट, धौराभाठा एनीकट का भूमिपूजन भी करेंगे। इन
दोनों एनीकट के पूरा होने पर खरीफ और रबी सीजन में 450-450 हेक्टेयर में
सिंचाई हो सकेगी। मुख्यमंत्री धमतरी जिले के मगरलोड विकासखण्ड के
ग्राम-खट्टी के समीप महानदी पर 15 करोड़ 53 लाख 46 हजार रूपये की लागत से
निर्मित खट्टी एनीकट कॅम काजवे का लोकार्पण करेंगे। इस एनीकट से महानदी के
तट पर बसे ग्राम-खट्टी, बड़ी करेली, नारी, गुदगुदा तथा चारभाठा ग्रामों में
खरीफ तथा रबी मौसम में लगभग इक्तीस-इक्तीस सौ हेक्टेयर में अतिरिक्त
सिंचाई हो सकेगी। साथ ही ग्रामीणों को निस्तारी और आवागमन की सुविधा भी
मिलेगी।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि परसुलीडीह एनीकट
कुरूद विकासखण्ड के ग्राम-नवागांव परसुलीडीह के समीप खारून नदी पर लगभग दो
करोड़ 84 लाख 42 हजार रूपये की लागत से निर्मित है। इससे लगभग तीन सौ
हेक्टेयर खरीफ एवं तीन सौ हेक्टेयर रबी क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई होगी।
योजना से ग्राम- परसुलीडीह, तर्रीघाट तथा नवागांव के किसानों को लाभ
मिलेगा। पाहंदा एनीकट मगरलोड विकासखण्ड के ग्राम-पाहंदा के समीप पनवई नाला
पर निर्मित है। इसकी अनुमानित लागत दो करोड़ 76 लाख 62 हजार रूपये है। इसके
निर्माण से लगभग एक सौ हेक्टेयर खरीफ एवं एक सौ हेक्टेयर रबी क्षेत्र में
अतिरिक्त सिंचाई होगी। साथ ही जनता को निस्तारी सुविधा भी उपलब्ध होगी।
योजना से ग्राम-पाहंदा एवं सोनवारा के किसान लाभान्वित होंगे। राजाडेरा
जलाशय मगरलोड विकासखण्ड के ग्राम-राजाडेरा के समीप नागदेव नाला पर निर्मित
है, योजना की अनुमानित लागत 47 करोड़ 63 लाख 20 हजार रूपये है। योजना की
रूपांकित सिंचाई क्षमता 1700 हेक्टेयर खरीफ है। योजना का शीर्ष कार्य एवं
मुख्य नहर का कार्य पूर्ण है तथा लघु नहरों का कार्य प्रगति पर है। योजना
के निर्माण में 194.076 हेक्टेयर वन भूमि प्रभावित हुई है। वन भूमि
प्रत्यर्पण हेतु वन विभाग को 23 करोड़ 82 लाख 12 हजार रूपये का भुगतान किया
गया है। योजना से मगरलोड विकासखण्ड के ग्राम-राजाडेरा, रेंगाडीह, परसाबुड़ा,
दुधवारा, शुक्लाभाठा, कुल्हाड़ीकोट, अमलीडीह, गाड़ाडीह, कपालफोड़ी, नारधा,
डूमरपाली, आमाचानी, बूढ़ाराव, चारभाठा, कोरगांव, बेलरदोना एवं तेन्दूभाठा
कुल 17 ग्रामों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। योजना के शेष कार्य जून-2012
तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। बकोरी जलाशय मगरलोड विकासखण्ड के ग्राम-बकोरी
के समीप बागबुड़ा नाला पर निर्मित है, योजना की अनुमानित लागत 18 करोड़ 94
लाख 55 हजार रूपये है। योजना की रूपांकित सिंचाई क्षमता 728 हेक्टेयर खरीफ
है। योजना का बांध एवं मुख्य नहर का कार्य पूर्ण हो चुका है, लघु नहरों का
कार्य शेष है। इससे ग्राम-बकोरी, मड़ेली, बनियातोरा, अड़बंधा तथा मगरलोड सहित
कुल छ: ग्रामों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। योजना के शेष कार्यों को
जून-2012 में पूर्ण करने का लक्ष्य है। बेलोरा जलाशय मगरलोड विकासखण्ड
ग्राम-बेलोरा के समीप स्थानीय नाला पर स्थापित है, योजना की अनुमानित लागत
16 करोड़ 72 लाख रूपये है। इसकी रूपांकित सिंचाई क्षमता 749 हेक्टेयर है।
योजना से मगरलोड विकासखण्ड के ग्राम-बेलोरा, मोहंदी, सरगी, राजपुर तथा
जामली कुल पाँच गाँवों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। योजना को मार्च-2011
में पूर्ण किया गया है। पनवई व्यपवर्तन योजना मगरलोड विकासखण्ड के
ग्राम-पाहंदा के समीप पनवई जलाशय पर निर्मित है। योजना की अनुमानित लागत 8
करोड़ 61 लाख 96 हजार रूपये है। इसकी रूपांकित सिंचाई क्षमता 870 हैक्टेयर
खरीफ है। योजना से ग्राम-पाहंदा, देवगाँव, झांझरकेरा, बोरसी, लड़ेर एवं भोथा
कुल छ: ग्रामों को सिंचाई सुविधा उलपब्ध होगी। योजना का शीर्ष कार्य एवं
मुख्य नहर मार्च 2011 में पूर्ण किया गया है, लघु नहरों का कार्य प्रगति पर
है एवं सम्पूर्ण कार्य जून-2012 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। नारधा बाढ़
नियंत्रण तटबंध निर्माण-मगरलोड विकासखण्ड के ग्राम-नारधा में पैरी नदी के
किनारे दो करोड़ 51 लाख 86 हजार रूपये की लागत से बाढ़ नियंत्रण के लिए तटबंध
निर्मित है। तटबंध निर्माण से नदी के कटाव एवं बाढ़ से होने वाली जन-धन
हानि को रोका जा सकेगा। योजना को मार्च-2011 में पूर्ण किया गया है।
मुख्यमंत्री दो एनीकट और एक तटबंध का भूमिपूजन करेंगे । इनमें कपालफोड़ी
तटबंध मगरलोड विकासखण्ड के ग्राम-कपालफोड़ी में पैरी नदी के किनारे
प्रस्तावित है। योजना की अनुमानित लागत तीन करोड़ 99 लाख 78 हजार रूपये है।
तटबंध निर्माण से नदी के कटाव एवं बाढ़ से होने वाली जन-धन की हानि को रोका
जा सकेगा। योजना को मार्च-2013 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
धौराभाठा एनीकट नगरी विकासखण्ड के ग्राम-धौराभाठा हिथलीपारा के समीप
स्थानीय नाला पर प्रस्तावित है। योजना की लागत लगभग तीन करोड़ 78 लाख 81
हजार रूपये है। इससे लगभग 150 हेक्टेयर खरीफ एवं 150 हेक्टेयर रबी सीजन में
अतिरिक्त सिंचाई होगी, साथ ही निस्तारी सुविधा भी उपलब्ध होगी। योजना से
स्थानीय नाला के समीप ग्राम-धौराभाठा, हिथलीपारा एवं बगरूमनाला को लाभ
मिलेगा। योजना को मार्च-2013 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। साहनीखार एनीकट
कॅम काजवे निर्माण नगरी विकासखण्ड के ग्राम-साहनीखार के समीप महानदी पर
प्रस्तावित है, योजना की अनुमानित लागत तीन करोड़ 69 लाख 37 हजार रूपये है।
इससे जल संग्रहण और भूजल संवर्ध्दन के साथ टयूबवेल से लगभग तीन सौ हेक्टेयर
खरीफ एवं तीन सौ हेक्टेयर रबी सीजन में अतिरिक्त सिंचाई होगी। साथ ही
लोगों को निस्तारी सुविधा मिलेगी। योजना से महानदी के समीप ग्राम-साहनीखार,
सेमरा, भेजरीरावन को लाभ मिलेगा। योजना को मार्च-2013 तक पूर्ण करने का
लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
क्रमांक- 4052/लोन्हारे/सोलंकी

