सरकारी कर्मचारियों को अब मिलेगी गोपनीय प्रतिवेदनों की सभी टिप्पणियों की जानकारी
रायपुर 16 मार्च 2011
सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुरूप अब छत्तीसगढ़ में भी राज्य सरकार के सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन में अंकित की जाने वाली सभी प्रकार की टिप्पणियों की जानकारी मिल सकेगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने यहां मंत्रालय से इस आषय का परिपत्र अध्यक्ष राजस्व मंडल सहित राज्य शासन के सभी विभागाध्यक्षों, संभागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को जारी कर दिया है। उन्हें इसका गंभीरता से पालन सुनिष्चित करने के निर्देष दिए गए हैं।
परिपत्र में देवदत्त विरूध्द केन्द्र सरकार एवं अन्य के प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 12 मई 2008 को पारित निर्णय का उल्लेख किया गया है। इसमें न्यायालय द्वारा यह सिध्दांत प्रतिपादित किया गया है कि सिविल न्यायिक, पुलिस या राज्य की अन्य सेवा (मिलिट्री को छोड़कर) के लोक सेवकों के वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन में अंकित सभी टीकाओं को, चाहे वह घटिया, औसत, अच्छी, बहुत अच्छी अथवा उत्कृष्ट हो, उन्हें संसूचित की जाए। सामान्य प्रशासन विभाग ने परिपत्र में यह भी कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रतिपादित यह सिध्दांत आदेशात्मक है। इसलिए इसका पालन किया जाना अनिवार्य है। इसे ध्यान में रखकर राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि शासन के सभी विभाग, विभागाध्यक्ष और उनके अधीनस्थ सभी कार्यालयों, निगम-मण्डल, आयोग और अभिकरण कार्यालयों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन जब अंतिम मतांकन के बाद उन्हें संधारित करने वाले अधिकारी अर्थात कस्टोडियन अधिकारी को प्राप्त होंगे, तब वह संबंधित अधिकारी या कर्मचारी को उसके गोपनीय प्रतिवेदन में अंकित सभी टीकाओं की सूचना उन्हें एक निश्चित समय-सीमा में देगा और टीकाओं की सूचना प्राप्त होने पर उसकी प्राप्ति की तारीख से एक निश्चित समय-सीमा में संबंधित अधिकारी या कर्मचारी को उन टीकाओं के बारे में सक्षम अधिकारी के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करने का अधिकार होगा। सामान्य प्रशासन विभाग के 16 दिसम्बर 2010 के इस परिपत्र में आगे कहा गया है कि सक्षम अधिकारी इस अभ्यावेदन पर उसकी प्राप्ति की तारीख से एक निश्चित समय-सीमा में समुचित रीति से उसका निराकरण करेगा और अभ्यावेदन पर लिए गए अंतिम निर्णय से संबंधित अधिकारी या कर्मचारी को भी उसके द्वारा सूचित किया जाएगा। इस निर्णय के अनुसार अब चूंकि अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन की सभी टीकाएं सूचित की जाएंगी, इसलिए गोपनीय प्रतिवेदनों में अंकित प्रतिकूल टीकाएं संबंधित शासकीय सेवकों को अलग से सूचित करने की जरूरत नहीं होगी।
परिपत्र में बताया गया है कि वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदनों में अंकित सभी टीकाओं को संसूचित करने और इन टीकाओं के विरूध्द अभ्यावेदन प्रस्तुत करने, अभ्यावेदनों का सक्षम अधिकारी द्वारा निराकरण करने और अंतिम निर्णय से संबंधितों को सूचित करने के बारे में प्रक्रिया और समय-सीमा वही रहेगी जो सामान्य पुस्तक परिपत्र भाग एक-सात और सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी परिपत्रों में निर्धारित है।

