स्थायी और निरंतर लोक अदालत :छत्तीसगढ़ में 62 पेंशन प्रकरणों का निराकरण
रायपुर, 25 मार्च 2011
छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों को उनकी सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नगदीकरण तथा अन्य लाभों का निराकरण के लिए स्थायी और निरंतर लोक अदालतों का आयोजन किया जा रहा है। पिछले साल जनवरी 2010 से नवम्बर माह तक 97 लोक अदालतों का आयोजन कर 62 पेंशन प्रकरणों का निराकरण किया गया है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के तीन जिलों बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग में स्थायी और निरंतर लोक अदालतों का गठन किया गया है। इन लोक अदालतों की बैठक माह के द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ रविवार को इन जिलों के जिला न्यायालया भवन में आयोजित की जाती है। अवकाश प्राप्त जिला न्यायाधीश इन लोक अदालत के अध्यक्ष तथा अवकाश प्राप्त अतिरिक्त संचालक/संयुक्त संचालक या उप-संचालक और एक वरिष्ठ अभिभाषक सदस्य के रूप में कार्य करते है। छत्तीसगढ़ में सेवा निवृत्त केन्द्रीय, प्रादेशिक, अर्ध्दशासकीय उपक्रम, स्थानीय निकाय अथवा अन्य अवकाश प्राप्त कर्मचारी आवेदन पत्र पेश कर अपनी पेंशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नगदीकरण तथा अन्य लाभों का निराकरण करा सकते है। जिला न्यायालय बिलासपुर में गठित पीठ के अंतर्गत जिला बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, कोरबा, दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा), रायगढ़ जशपुर तथा अम्बिकापुर से संबंधित आवेदन पत्रों पर कार्रवाई की जाती है। जिला न्यायालय रायपुर में गठित पीठ के अंतर्गत रायपुर, घमतरी, महासमुंद, उत्तर बस्तर (कांकेर) और जगदलपुर से संबंधित तथा जिला न्यायालय दुर्ग में गठित पीठ के अंतर्गत बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव और कबीरधाम (कवर्धा) से संबंधित आवेदन पत्रों पर कार्रवाई की जाती है।

