छत्तीसगढ़ में भी आज मनाया जाएगा आतंकवाद विरोधी दिवस
रायपुर 20 मई 2010
पूर्व प्रधान मंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी की पुण्य तिथि के अवसर पर पिछले साल की तरह इस वर्ष भी कल 21 मई को छत्तीसगढ़ में आतंकवाद विरोधी दिवस मनाया जाएगा। राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा यहां मंत्रालय से इस संबंध में अध्यक्ष, राजस्व मंडल सहित शासन के सभी विभागाध्यक्षों, संभागीय कमिश्नरों और जिला कलेक्टरों को परिपत्र भेजकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
परिपत्र में कहा गया है कि आतंकवाद विरोधी दिवस के अवसर पर सभी सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों में 21 मई को सवेरे ग्यारह बजे सभी अधिकारी और कर्मचारी मानव जीवन मूल्यों को नुकसान पहुंचाने वाली विघटनकारी शक्तियों से लड़ने, आतंकवाद और हिंसा का विरोध करने तथा समाज के सभी वर्गों के बीच शांति, सद्भाव और सूझ-बूझ कायम रखने की शपथ लेंगे। राज्य सरकार ने परिपत्र यह भी सुझाव दिया है कि आतंकवाद विरोधी दिवस के मौके पर विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में वाद-विवाद तथा परिचर्चा का आयोजन किया जाना चाहिए। आतंकवाद और हिंसा के खतरों के बारे में भी परिचर्चा, संगोष्ठी और व्याख्यान आदि के कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। पोस्टर, पर्चे आदि लगाकर तथा समाचार पत्र-पत्रिकाओं और आकाशवाणी तथा दूरदर्शन सहित सभी समाचार माध्यमों के सहयोग से भी इसके लिए जन-जागृति का अभियान चलाया जा सकता है। इलेक्ट्रॉनिक और प्रिन्ट मीडिया के जरिए, खेल जगत और फिल्म जगत सहित समाज के विभिन्न क्षेत्रों की प्रसिध्द हस्तियों को भी इस अभियान में शामिल किया जा सकता है। ऐसे टी-शर्ट भी वितरित किए जा सकते हैं, जिनमें आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ जन-चेतना बढ़ाने के लिए प्रेरणादायक नारे लिखे हों। विभिन्न समाज सेवी संस्थाओं और सांस्कृतिक संगठनों के माध्यम से भी काव्य पाठ और चर्चा-परिचर्चा जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। इस परिपत्र की प्रतिलिपि राज्यपाल के सचिव, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार, विधानसभा के सचिव, प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और महालेखाकार तथा छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग सहित राज्य शासन के सभी आयोगों के सचिवों को भी भेजी गयी है।
उल्लेखनीय है कि आतंकवाद और हिंसा के कारण आम जनता को हो रही तकलीफों तथा राष्ट्रीय हितों पर हो रहे प्रतिकूल प्रभावों के बारे में समाज में और भी अधिक जागृति लाने तथा राष्ट्रीय एकता और अखण्डता की भावना को अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आतंकवाद विरोधी दिवस मनाने का निर्णय लिया गया है। युवाओं को आतंकवाद और हिंसा के मार्ग से दूर रखना भी इसका उद्देश्य है।
परिपत्र में कहा गया है कि आतंकवाद विरोधी दिवस के अवसर पर सभी सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों में 21 मई को सवेरे ग्यारह बजे सभी अधिकारी और कर्मचारी मानव जीवन मूल्यों को नुकसान पहुंचाने वाली विघटनकारी शक्तियों से लड़ने, आतंकवाद और हिंसा का विरोध करने तथा समाज के सभी वर्गों के बीच शांति, सद्भाव और सूझ-बूझ कायम रखने की शपथ लेंगे। राज्य सरकार ने परिपत्र यह भी सुझाव दिया है कि आतंकवाद विरोधी दिवस के मौके पर विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में वाद-विवाद तथा परिचर्चा का आयोजन किया जाना चाहिए। आतंकवाद और हिंसा के खतरों के बारे में भी परिचर्चा, संगोष्ठी और व्याख्यान आदि के कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। पोस्टर, पर्चे आदि लगाकर तथा समाचार पत्र-पत्रिकाओं और आकाशवाणी तथा दूरदर्शन सहित सभी समाचार माध्यमों के सहयोग से भी इसके लिए जन-जागृति का अभियान चलाया जा सकता है। इलेक्ट्रॉनिक और प्रिन्ट मीडिया के जरिए, खेल जगत और फिल्म जगत सहित समाज के विभिन्न क्षेत्रों की प्रसिध्द हस्तियों को भी इस अभियान में शामिल किया जा सकता है। ऐसे टी-शर्ट भी वितरित किए जा सकते हैं, जिनमें आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ जन-चेतना बढ़ाने के लिए प्रेरणादायक नारे लिखे हों। विभिन्न समाज सेवी संस्थाओं और सांस्कृतिक संगठनों के माध्यम से भी काव्य पाठ और चर्चा-परिचर्चा जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। इस परिपत्र की प्रतिलिपि राज्यपाल के सचिव, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार, विधानसभा के सचिव, प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और महालेखाकार तथा छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग सहित राज्य शासन के सभी आयोगों के सचिवों को भी भेजी गयी है।
उल्लेखनीय है कि आतंकवाद और हिंसा के कारण आम जनता को हो रही तकलीफों तथा राष्ट्रीय हितों पर हो रहे प्रतिकूल प्रभावों के बारे में समाज में और भी अधिक जागृति लाने तथा राष्ट्रीय एकता और अखण्डता की भावना को अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आतंकवाद विरोधी दिवस मनाने का निर्णय लिया गया है। युवाओं को आतंकवाद और हिंसा के मार्ग से दूर रखना भी इसका उद्देश्य है।
क्रमांक-880/स्वराज्य

