स्व-सहायता समूहों के जरिए ग्रामीण को रोजगार से जोड़ा जा रहा है : श्री नेताम
सरस मेले का रंगारंग समापन
रायपुर, 30 मई 2011
पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में कल 29 मई को छत्तीसगढ़ के जिला मुख्यालय राजनांदगांव स्थित स्टेट स्कूल मैदान में विगत 10 दिनों से चल रहे क्षेत्रीय सरस मेला का समापन हुआ। समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए श्री नेताम ने कहा कि प्रदेश में स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न आर्थिक गतिविधियों और रोजगार से
जोड़ने की पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि समूहों को प्रोत्साहित करने के साथ ही उनके द्वारा उत्पादित शिल्प और सामग्रियों को मार्केटिंग की सुविधा मुहैया कराने का भी प्रयास राज्य शासन द्वारा किया जा रहा है। क्षेत्रीय सरस मेला का आयोजन इसी प्रयास की एक कड़ी है।
श्री नेताम ने कहा कि क्षेत्रीय सरस मेला के माध्यम से स्व-सहायता समूहों ने अपने शिल्प और कला का बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि बहुत से समूह अच्छा काम कर रहे हैं। इनके द्वारा तैयार टेराकोटा, लौह शिल्प, कांस्य शिल्प, बांस शिल्प सहित अन्य सामग्रियों ने प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। श्री नेताम ने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा स्व-सहायता समूह के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरस मेले के माध्यम से छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के समूहों को एक मंच प्रदान किया जा रहा है ताकि वे एक-दूसरे की कला और शिल्प के बारे में जान सकें। श्री नेताम ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से अच्छा परिणाम आएगा और स्व-सहायता समूह के माध्यम से स्वरोजगार को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर उन्होंने डोंगरगढ़ में हस्तशिल्प ग्राम की स्थापना के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के विशेष प्रयास से इसके लिए बजट में 50 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकसभा सांसद श्री मधुसूदन यादव ने की।
कार्यक्रम में नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री लीलाराम भोजवानी, पाठय पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री अशोक शर्मा, विधायक श्री खेदूराम साहू, कलेक्टर श्री सिध्दार्थ कोमल सिंह परदेशी, राजगामी संपदा ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री संतोष अग्रवाल, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष श्री भरत वर्मा, जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष श्री सचिन सिंह बघेल, मंडी के पूर्व उपाध्यक्ष श्री कोमल सिंह राजपूत, जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष श्री अनिल शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
श्री नेताम ने कहा कि क्षेत्रीय सरस मेला के माध्यम से स्व-सहायता समूहों ने अपने शिल्प और कला का बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि बहुत से समूह अच्छा काम कर रहे हैं। इनके द्वारा तैयार टेराकोटा, लौह शिल्प, कांस्य शिल्प, बांस शिल्प सहित अन्य सामग्रियों ने प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। श्री नेताम ने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा स्व-सहायता समूह के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरस मेले के माध्यम से छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के समूहों को एक मंच प्रदान किया जा रहा है ताकि वे एक-दूसरे की कला और शिल्प के बारे में जान सकें। श्री नेताम ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से अच्छा परिणाम आएगा और स्व-सहायता समूह के माध्यम से स्वरोजगार को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर उन्होंने डोंगरगढ़ में हस्तशिल्प ग्राम की स्थापना के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के विशेष प्रयास से इसके लिए बजट में 50 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकसभा सांसद श्री मधुसूदन यादव ने की।
कार्यक्रम में नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री लीलाराम भोजवानी, पाठय पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री अशोक शर्मा, विधायक श्री खेदूराम साहू, कलेक्टर श्री सिध्दार्थ कोमल सिंह परदेशी, राजगामी संपदा ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री संतोष अग्रवाल, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष श्री भरत वर्मा, जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष श्री सचिन सिंह बघेल, मंडी के पूर्व उपाध्यक्ष श्री कोमल सिंह राजपूत, जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष श्री अनिल शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
क्रमांक - 985/सुनीता

