राहुल एवं पार्वती को मिलेगा राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार
बिलासपुर 10 दिसंबर 2010
अपनी जान को जोखिम में डालते हुये दूसरों की जान बचाने वाले मास्टर राहुल कुर्रें एवं कु. पार्वती अमलेश का चयन राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिये किया गया है। दोनों बच्चों को 26 जनवरी 2011 को नई दिल्ली में सम्मानित किया जावेगा। उल्लेखनीय है कि मास्टर राहुल कुर्रे बिलासपुर अरपा नदी के दुर्जन घाट पर मंगला के छोटी कोनी निवासी श्री रामदास सोनवानी, पुष्पा रात्रे पिता श्री रामलाल रात्रे काजल व पूनम रविवार की सुबह करीब 8 बजे नहाने निकली। सभी मंगला के पास स्थित दुर्जन घाट पहुंची जहां रेत खदान के कारण काफी गड्डा हो गया था जिसमें पानी भी भरा हुआ था। चारों सहेलिया नदी में नहाने लगी रजनी और पुष्पा को तैरना भी नहीं आता था फिर भी वे काजल और पूनम को छोड़ कर आगे चली गई इसी बीच अधिक गहराई के कारण वे पानी में डूबने लगी। उन्होंने बचाव के लिये आवाज लगाई। काजल व पूनम ने रजनी व पुष्पा को डूबते देख आवाज लगाई तो मास्टर राहुल कुर्रे गहरे पानी में कूद कर तैरते हुये काजल व पूनम को खींच कर बाहर ले आया। तो मास्टर राहुल कुर्रे गहरे पानी में कूद कर तैरते हुये काजल व पूनम को खींच कर बाहर ले आया। वे अत्यधिक मात्रा में पानी पीने से बेहोश हो गई थी किन्तु थोड़ी देर पश्चात उनकी सांसे वापस आ गई ।
उल्लेखनीय है कि 3 अक्टूबर 2009 को कु. पार्वती अमलेश पिता श्री मदन सिंह ग्राम कोटरिया डांड पोस्ट पापरखूंटी विकास खण्ड गौरेला के स्थानीय तालाब के मेड़ में तीन बच्चियों संगीता, अमीषा और पूजा खेल रही थी खेलते हुये 6 वर्ष की पूजा मछली पकड़ने के लिये तालाब में उतरी जहां उसका पैर फिसल गया और 6 फिट गहरे पानी में डूबने लगी पूजा को डूबते देख संगीता और अमीषा जोर-जोर से मदद के लिये चिल्लाने लगी तभी बच्चियों की आवाज सुनकर तालाब में नहाने आई बारह वर्षीय पार्वती ने बिना समय गवांये तालाब में छलांग लगा दी और बच्चियाेंं द्वारा बताई गई जगह में पूजा को ढूढने लगी। जहां से अपने प्रयास में सफलता मिली। डूबी हुई पूजा को तैर कर बाहर ले आई।
अतएव वीरता पूर्ण कार्यों से प्रसन्न होकर जिला कलेक्टर श्री सोनमणि बोरा ने राज्य वीरता के लिये दोनों बच्चों का नाम प्रस्ताव तैयार कर भेजा था। जिस पर दोनों बच्चों को राज्य वीरता पुरस्कार से 26 जनवरी 2010 को सम्मनित किया गया है उक्त दोनों बच्चों का नाम राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिये 30 सितंबर 2010 को भेजा गया था। दोनों बच्चों का चयन राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार 2010 के लिये किया गया है।
उल्लेखनीय है कि 3 अक्टूबर 2009 को कु. पार्वती अमलेश पिता श्री मदन सिंह ग्राम कोटरिया डांड पोस्ट पापरखूंटी विकास खण्ड गौरेला के स्थानीय तालाब के मेड़ में तीन बच्चियों संगीता, अमीषा और पूजा खेल रही थी खेलते हुये 6 वर्ष की पूजा मछली पकड़ने के लिये तालाब में उतरी जहां उसका पैर फिसल गया और 6 फिट गहरे पानी में डूबने लगी पूजा को डूबते देख संगीता और अमीषा जोर-जोर से मदद के लिये चिल्लाने लगी तभी बच्चियों की आवाज सुनकर तालाब में नहाने आई बारह वर्षीय पार्वती ने बिना समय गवांये तालाब में छलांग लगा दी और बच्चियाेंं द्वारा बताई गई जगह में पूजा को ढूढने लगी। जहां से अपने प्रयास में सफलता मिली। डूबी हुई पूजा को तैर कर बाहर ले आई।
अतएव वीरता पूर्ण कार्यों से प्रसन्न होकर जिला कलेक्टर श्री सोनमणि बोरा ने राज्य वीरता के लिये दोनों बच्चों का नाम प्रस्ताव तैयार कर भेजा था। जिस पर दोनों बच्चों को राज्य वीरता पुरस्कार से 26 जनवरी 2010 को सम्मनित किया गया है उक्त दोनों बच्चों का नाम राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिये 30 सितंबर 2010 को भेजा गया था। दोनों बच्चों का चयन राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार 2010 के लिये किया गया है।

