कैबिनेट के निर्णय
दिनांक 05 जुलाई 2011
1. अटल विहार योजना को मंजूरी
- छत्तीसगढ़ राज्य में शहरी क्षेत्र मुख्यत: राजधानी, जिला/ब्लॉक मुख्यालय, औद्योगिक क्षेत्रों में सर्वसुविधायुक्त आवासीय बसाहट (integrated Township) की अत्यधिक मांग को ध्यान में रखते हुए राज्य के शहरी, अर्ध्दशहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में एक लाख आवास निर्माण करने हेतु अटल विहार योजना को मंजूरी दी गयी है। इस योजना के तहत आगामी तीन वर्षों में प्रदेश में एक लाख आवासों का निर्माण छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा किया जाएगा। इस योजना पर लगभग 11 हजार 800 करोड़ रूपए व्यय होंगे।
- योजना के तहत राज्य के जिला/ब्लॉक मुख्यालय, छोटे शहर, बड़े ग्राम, औद्योगिक, कुटीर उद्योग के क्लस्टर क्षेत्र तथा उनके आसपास के क्षेत्रों में सर्वसुविधयुक्त एवं गुणवत्तायुक्त आवास उचित मूल्य पर उपलब्ध कराया जाएगा। प्रस्तावित योजना के अन्तर्गत बसाहटों में स्कूल, स्वास्थ्य केन्द्र आदि का प्रावधान रहेगा। इस योजना के जरिए राज्य में तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण राज्य के विभिन्न स्थानों में आवासीय मांग की पूर्ति हो सकेगी।
- मंत्रिपरिषद द्वारा लिए गए निर्णय अनुसार ई.डब्ल्यू एस. आवास के लिए 80.000 रूपए का अनुदान तथा एल.आई.जी. आवास के लिए 40.000 रूपए प्रति भवन के मान से अनुदान राज्य शासन द्वारा दिया जाएगा। इस पर लगभग 250 करोड़ रूपए का वित्तीय भार आएगा।
- अटल विहार योजना के तहत शासकीय भूमि एक रूपए प्रति वर्गफीट की दर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया।
2. तेलीबांधा तालाब के किनारे स्थित रायपुर विकास प्राधिकरण के व्यावसायिक परिसर के हितग्राहियों का व्यवस्थापन:-
- तेलीबांधा जलाशय की विकास योजना में निहित कार्यों के क्रियान्वयन हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए प्रभावित हितग्राहियों को निहित प्रक्रिया एवं नियमों का पालन करते हुए यथा काबिज एवं व्यवस्थापन हेतु प्रस्तावित 14 दुकानों एवं 01 हॉल का मूल्यांकन कराए जाने के उपरांत समतुल्य लागत की यथा दुकानों/हॉल का व्यवस्थापन करने हेतु नगर निगम रायपुर को अधिकृत किए जाने एवं छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम एवं (अचल संपत्ति का अंतरण्) नियम 1994 के नियम (3), (3-क) एवं (8) के प्रावधानों में छूट दिए जाने हेतु मंत्रिपरिषद द्वारा निर्णय लिया गया।
3. अनुसूचित क्षेत्रों में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों में नियुक्ति हेतु नियम शिथिल करने का निर्णय
- राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों के नियुक्ति के लिए स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने के लिए भर्ती नियमों को शिथिल करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिपरिषद के लिए गए निर्णय अनुसार पूर्व में जारी भर्ती नियमों को शिथिल करते हुए निर्धारित रोस्टर के अनुसार बस्तर एवं सरगुजा संभाग के संबंधित जिलों के ही स्थानीय निवासियों से रिक्त पदों की भर्ती की जाएगी। यह प्रस्ताव अनुमोदन हेतु महामहिम राज्यपाल महोदय को भेजने का निर्णय लिया गया।
4. छत्तीसगढ़ अभिवहन वनोपज अधिनियम में संशोधन:-
- प्रदेश के 7 जिलों 1, सरगुजा, 2 जशपुर, 3, जांजगीर-चांपा, 4 कोरबा, 5 धमतरी, 6 कबीरधाम और 7, महासमुंद में बांस की परिवहन अनुज्ञा पत्र जारी करने का अधिकार ग्राम पंचायतों को देने का निर्णय लिया गया है। कृषि वाणिकी को बढ़ावा देने के लिए बांस के परिवहन को सुगम बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
5. छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक को नाबार्ड से
साख सीमा स्वीकृति हेतु राज्य शासन द्वारा शुल्क मुक्त शासकीय
प्रत्याभूति प्रदान किए जाने का निर्णय:-
- छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक से संबध्द जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों को कृषि ऋण वितरण हेतु नाबार्ड से अल्पकालीन कृषि साख सीमा प्राप्त करने के लिए नाबार्ड के पक्ष में वर्ष 2011-12 के लिए रूपए 500 करोड़ के शुल्क मुक्त शासकीय प्रत्याभूति प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी है। वर्ष 2010-11 में राज्य सहकारी बैंक को 480 करोड़ रूपए की शासकीय प्रत्याभूति दी गयी थी, जिस पर 0.5 प्रतिशत की दर से 2.40 करोड़ रूपए प्रत्याभूति शुल्क में छूट दी गयी है।
6. डॉ. डी.एन.तिवारी एक सदस्यीय वेतन
विसंगति समिति द्वारा द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में की गयी अनुशंसाओं के
परीक्षण हेतु गठित की गयी सचिव समिति का प्रतिवेदन का अनुमोदन :-
- डॉ. डी.एन. तिवारी समिति की अनुशंसाओं के संबंध में सचिव समिति
द्वारा प्रस्तुत अनुशंसाओं को मान्य करने का निर्णय लिया गया है। डॉ.
डी.एन. तिवारी की अनुशंसाओं एवं उनके संबंध में सचिव समिति की अनुशंसाओं के
संदर्भ में यदि किसी बिन्दु पर स्पष्टीकरण के संबंध में यदि कोई
परिपत्र/निर्देश जारी करने की आवश्यकता होती है, तो वित्त विभाग की सहमति
से जारी किए जाएंगे। इन अनुशंसाओं को मान्य करने पर राज्य पर अनुमानित 2.56
करोड़ रूपए का वार्षिक वित्तीय भार पड़ेगा तथा यह व्यय विभाग द्वारा वेतन
भत्ते के उपलब्ध बजट से किया जाएगा।

