विशेष लेख : डॉ. रमन सिंह ने जीता लोगों का दिल
- आलेख-छगन लोन्हारे
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने विगत आठ वर्श में जन-जन की आशाओं, आकांक्षाओं को पूरा करने की चुनौतियों का बखूबी सामना करते हुए राज्य की जनता को स्वच्छ और पारदर्शी प्रशासन दिया है। प्रदेश का हर नागरिक चाहे वह शहरी हो या ग्रामीण, छत्तीसगढ़ सरकार की कल्याणकारी सोच से वाकिफ है। आम लोगों का सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है। सरकार की विकासपरक एवं कल्याणकारी नीतियों और योजनाओं के क्रियान्वयन से लोगों में विश्वास के साथ-साथ अपेक्षाएँ भी बढ़ी हैं। डॉ. रमन सिंह ने लोगों के दिलों पर राज करते हुए दोबारा प्रदेश के निर्वाचित मुख्यमंत्री होने का गौरव हासिल किया है। गरीबों की पीड़ा को समझकर उन्होंने एक रूपये एवं दो रूपये 35 किलो चावल वितरण की योजना एवं नि:शुल्क आयोडिन नमक वितरण योजना प्रारम्भ कर गरीबों के ऑंसू पोंछने का काम किया है।
आजादी की चौसठवीं सालगिरह पर प्रदेश में नौ नये जिलों के गठन की ऐतिहासिक घोषणा कर उन्होंने जनभावनाओं का सम्मान किया है। ये जिले जनवरी-2012 से काम शुरू कर देंगे। मुख्यमंत्री का मानना है कि जनता और शासन-प्रशासन को आम जनता के नजदीक पहुँचाने के लिए यह ऐतिहासिक फैसला प्रदेश सरकार ने लिया है, जो राज्य के प्रशासनिक इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा। इसके अलावा प्रदेश सरकार का दूसरा क्रांतिकारी निर्णय छत्तीसगढ़ लोकसेवा गारंटी अधिनियम-2011 को लागू करने का है, जो हाल ही में विधेयक के रूप में विधानसभा के मानसून सत्र में पारित हो चुका है। इस कानून से शासन-प्रशासन में पारदर्शिता आएगी, साथ ही आम जनता के काम समय पर होंगे, शासकीय सेवक जनता के प्रति सीधे जवाबदेह होंगे। इससे सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ मिल सकेगा। भारतीय संस्कृति में नारी को सम्मानजनक दर्जा दिया गया है। मुख्यमंत्री ने पंचायतराज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण, महिला स्वसहायता समूहों को मात्र साढ़े छह प्रतिशत पर सुगम ऋण, शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों की हाईस्कूल छात्राओं को, ऑंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पंजीकृत निर्माणी महिला श्रमिकों को नि:शुल्क साईकिल प्रदाय करने की योजना लागू की है। छत्तीसगढ़ की सार्वजनिक वितरण प्रणाली देश के आदर्श पी.डी.एस. सिस्टम के रूप में मान्य की गई है। छत्तीसगढ़ की तुलना भारत के विकसित प्रदेशों में होने लगी है। यहाँ का सकल घरेलू उत्पाद 11.49 प्रतिशत रहा है, यह सब डॉ.रमन सिंह के नेतृत्व का परिणाम है। छत्तीसगढ़ भारत के पॉवर हब के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में चौबीसों घंटे सातों दिन निर्बाध विद्युत आपूर्ति करने वाला देश का अग्रणी राज्य है। किसानों से उनकी फसल का वाजिब दाम दिलाने के लिए प्रतिवर्ष समर्थन मूल्य पर धान खरीदी पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है। देश में सर्वाधिक धान उत्पादित करने के लिए केन्द्र शासन द्वारा छत्तीसगढ़ को प्रधानमंत्री के हाथों ''कृषि कर्मण'' पुरस्कार से नवाजा गया है। यह खिताब प्रदेश की मेहनतकश जनता एवं किसानों के पसीने से अर्जित किया गया सम्मान है। डॉ.रमन सिंह ने मुख्यमंत्री बाल हृदय सुरक्षा योजना एवं मुख्यमंत्री बाल श्रवण जैसी अभिनव योजना लागू कर प्रदेश के करीब दो हजार बच्चों को नया जीवन दिया है। इसके अलावा उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों में 108 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बूलेंस सेवा प्रदान की है। डॉ.रमन सिंह ने अनुकम्पा नियुक्ति के दस फीसदी सीलिंग के नियम को आगामी छह माह के लिए शिथिल किया है, इससे लम्बित प्रकरणों के निराकरण में तेजी आएगी, वहीं आश्रितों के परिजनों को एक बड़ी राहत भी मिलेगी। डॉ.रमन सिंह ने गरीबों की पीड़ा को समझते हुए मुख्यमंत्री कन्यादान योजना लागू कर उसकी सहायता राशि बढ़ाकर दोगुनी अर्थात् दस हजार रूपये कर दी है। वनवासी क्षेत्रों में तेन्दूपत्ता संग्राहकों को नि:शुल्क चरण पादुका देकर पुण्य का कार्य किया है। उन्होंने आगामी दिसम्बर माह में ग्राम सुराज अभियान की भांति सप्ताहव्यापी नगर सुराज अभियान चलाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यह अभियान छत्तीसगढ़ के महान् संत, समाज सुधारक बाबा गुरू घासीदास जी की जयंती 18 दिसम्बर से प्रारम्भ होगा।
आजादी की चौसठवीं सालगिरह पर प्रदेश में नौ नये जिलों के गठन की ऐतिहासिक घोषणा कर उन्होंने जनभावनाओं का सम्मान किया है। ये जिले जनवरी-2012 से काम शुरू कर देंगे। मुख्यमंत्री का मानना है कि जनता और शासन-प्रशासन को आम जनता के नजदीक पहुँचाने के लिए यह ऐतिहासिक फैसला प्रदेश सरकार ने लिया है, जो राज्य के प्रशासनिक इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा। इसके अलावा प्रदेश सरकार का दूसरा क्रांतिकारी निर्णय छत्तीसगढ़ लोकसेवा गारंटी अधिनियम-2011 को लागू करने का है, जो हाल ही में विधेयक के रूप में विधानसभा के मानसून सत्र में पारित हो चुका है। इस कानून से शासन-प्रशासन में पारदर्शिता आएगी, साथ ही आम जनता के काम समय पर होंगे, शासकीय सेवक जनता के प्रति सीधे जवाबदेह होंगे। इससे सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ मिल सकेगा। भारतीय संस्कृति में नारी को सम्मानजनक दर्जा दिया गया है। मुख्यमंत्री ने पंचायतराज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण, महिला स्वसहायता समूहों को मात्र साढ़े छह प्रतिशत पर सुगम ऋण, शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों की हाईस्कूल छात्राओं को, ऑंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पंजीकृत निर्माणी महिला श्रमिकों को नि:शुल्क साईकिल प्रदाय करने की योजना लागू की है। छत्तीसगढ़ की सार्वजनिक वितरण प्रणाली देश के आदर्श पी.डी.एस. सिस्टम के रूप में मान्य की गई है। छत्तीसगढ़ की तुलना भारत के विकसित प्रदेशों में होने लगी है। यहाँ का सकल घरेलू उत्पाद 11.49 प्रतिशत रहा है, यह सब डॉ.रमन सिंह के नेतृत्व का परिणाम है। छत्तीसगढ़ भारत के पॉवर हब के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में चौबीसों घंटे सातों दिन निर्बाध विद्युत आपूर्ति करने वाला देश का अग्रणी राज्य है। किसानों से उनकी फसल का वाजिब दाम दिलाने के लिए प्रतिवर्ष समर्थन मूल्य पर धान खरीदी पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है। देश में सर्वाधिक धान उत्पादित करने के लिए केन्द्र शासन द्वारा छत्तीसगढ़ को प्रधानमंत्री के हाथों ''कृषि कर्मण'' पुरस्कार से नवाजा गया है। यह खिताब प्रदेश की मेहनतकश जनता एवं किसानों के पसीने से अर्जित किया गया सम्मान है। डॉ.रमन सिंह ने मुख्यमंत्री बाल हृदय सुरक्षा योजना एवं मुख्यमंत्री बाल श्रवण जैसी अभिनव योजना लागू कर प्रदेश के करीब दो हजार बच्चों को नया जीवन दिया है। इसके अलावा उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों में 108 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बूलेंस सेवा प्रदान की है। डॉ.रमन सिंह ने अनुकम्पा नियुक्ति के दस फीसदी सीलिंग के नियम को आगामी छह माह के लिए शिथिल किया है, इससे लम्बित प्रकरणों के निराकरण में तेजी आएगी, वहीं आश्रितों के परिजनों को एक बड़ी राहत भी मिलेगी। डॉ.रमन सिंह ने गरीबों की पीड़ा को समझते हुए मुख्यमंत्री कन्यादान योजना लागू कर उसकी सहायता राशि बढ़ाकर दोगुनी अर्थात् दस हजार रूपये कर दी है। वनवासी क्षेत्रों में तेन्दूपत्ता संग्राहकों को नि:शुल्क चरण पादुका देकर पुण्य का कार्य किया है। उन्होंने आगामी दिसम्बर माह में ग्राम सुराज अभियान की भांति सप्ताहव्यापी नगर सुराज अभियान चलाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यह अभियान छत्तीसगढ़ के महान् संत, समाज सुधारक बाबा गुरू घासीदास जी की जयंती 18 दिसम्बर से प्रारम्भ होगा।
- आलेख-छगन लोन्हारे

