पंचायत मंत्री द्वारा आवासीय संस्कृत विद्यालय का शिलान्यास
सांसद ने की भवन के लिए पांच लाख की घोषणा

पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कल 2 जुलाई को सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखण्ड के डिगमा गांव में चन्द्रउदासीनाचार्य नि:शुल्क आवासीय संस्कृत विद्यालय भवन का भूमि-पूजन किया। इस अवसर पर उपस्थित लोकसभा सांसद सरगुजा श्री मुरारी लाल सिंह ने विद्यालय भवन निर्माण के लिए पांच लाख रूपए देने की घोषणा की।
श्री नेताम ने कार्यक्रम में कहा कि हमारे यहां जितने संस्कार होते है, कहीं न कहीं पंडित की जरूरत होती है। डिगमा गांव में संस्कृत विद्यालय खुलना एक अच्छी शुरूआत है। छत्तीसगढ़ सरकार ने संस्कृत अध्ययन की आवश्यकता को समझा कि प्रदेश के प्रायमरी, मीडिल और हाई स्कूलों में संस्कृत पढ़ाई जाए। उन्होंने बताया कि रायपुर के दूधाधारी मठ और जशपुर के गहिरा गुरू आश्रम में भी संस्कृत की शिक्षा दी जा रही है। श्री नेताम ने कहा कि डिगमा गांव में संस्था द्वारा जो शुरूआत की गई है, यह अच्छी पहल है। इस विद्यालय में संस्कृत के साथ-साथ अन्य विषयों को भी पढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि संस्कृत विश्व की प्राचीनतम भाषाओं में से एक है।
सांसद श्री मुरारी लाल सिंह ने कहा कि भारत ने विश्व को सभ्यता का ज्ञान कराया और अच्छे विचार तथा खान-पान का आधार रखा। संस्कृत सिखाने वाले आचार्य का पद बहुत ही गरिमामय होता है। प्राचीन काल में भारत में तक्षशिला और नालन्दा विश्वविद्यालय शिक्षा के प्रमुख केन्द्र थे। भारत में वैदिक रीति रिवाज से मंत्रों चार से कार्य शुरू किया जाता है। उन्होंने कहा कि बच्चे संस्कृत पढ़कर प्रदेश और देश में अपनी पहचान बनाए। कार्यक्रम में विधायक श्रीमती रजनी त्रिपाठी ने भी अपने विचार वयक्त किए। भूमि पूजन के अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री विजय जायसवाल ने बताया कि डिगमा में तीन एकड़ में संस्कृत विद्यालय भवन का निर्माण कराया जा रहा है। यहां संस्कृत विषय के साथ ही अंग्रेजी, विज्ञान और समस्त विषयों सहित कम्प्यूटर की शिक्षा भी दी जाएगी।

