छत्तीसगढ़ में 'आजीविका नियोजन एवं आपूर्ति श्रृखंला प्रबंधन' पर तिमाही प्रमाण पत्र पाठयक्रम शुरू राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ तैयार करें-श्री नेताम
रायपुर 11 जुलाई 2011
पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आज राजधानी रायपुर के नजदीक निमोरा स्थित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण विकास प्रशिक्षण संस्थान में 'आजीविका नियोजन एवं आपूर्ति श्रृखंला प्रबंधन' पर तिमाही प्रमाण पत्र पाठयक्रम का शुभारंभ किया। श्री नेताम ने इस अवसर पर पाठयक्रम तैयार करने के लिए प्रशिक्षण संस्थान के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने प्रशिक्षण में हिस्सा ले रहे प्रशिक्षणार्थियों को शुभकामनाएं भी दी। श्री नेताम ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ तैयार किए जाए जो देश और प्रदेश में आजीविका की चुनौती का मुकाबला करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। श्री नेताम ने शुभारंभ कार्यक्रम में आजीविका नियोजन एवं आपूर्ति श्रृखंला प्रबंधन पाठयक्रम पर आधारित सात विभिन्न पुस्तिकाओं का विमोचन किया।
श्री नेताम ने प्रशिक्षण सत्र का शुभांरभ करते हुए कहा कि इस पाठयक्रम के माध्यम से जमीनी स्तर पर ऐसे मानव संसाधन तैयार करना है जो स्थानीय स्वशासन के लिए आजीविका संबंधी योजना बनाने में सहायता करेंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। यह संस्थान अब तक केवल प्रशिक्षण संस्थान के रुप में पहचाना जाता था परन्तु अब यह एक शैक्षणिक संस्थान के रूप में भी जाना जाएगा। श्री नेताम ने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में यह संस्थान राष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक एवं शोध संस्थान के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। इस प्रशिक्षण के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों में यह जज्बा पैदा हो, जिसके आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों में नया स्वरूप प्रदान कर सकें।
श्री नेताम ने कहा कि पंचायत राज संस्थान के माध्यम से अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति लाभान्वित होकर सक्षम बनें। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बस्तर से सरगुजा तक स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आजीविका प्रबंधन का प्रशिक्षण वहां की परिस्थितियों के अनुरूप दिया जाए। प्रशिक्षण का परिणाम राज्य में दिखना चाहिए। श्री नेताम ने कहा कि गरीबी-बेकारी की समस्या से निजात और बेहतर जीवन जीने की कला के लिए प्रशिक्षणार्थी लोगों को प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षणार्थी यहां लगन के साथ सीखेंगे तो उन्हें निश्चित तौर पर सफलता मिलेगी। श्री नेताम ने कहा कि यहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद प्रशिक्षणार्थी राज्य शासन की मंशा के अनुरूप स्थानीय लोगों को आजीविका के प्रति प्रोत्साहित करने और उनकी क्षमता विकास में योगदान दें।
संचालक डॉ. आर.के.सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पहली बार संस्थान द्वारा यह तिमाही पाठयक्रम आज से शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि संविधान के तहत पंचायत राज संस्थान को 29 विषयों की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। इसके सफल संचालन और क्रियान्वयन हेतु प्रत्येक विषय के विशेषज्ञ चाहिए। अत: पांच-छह पंचायत समूह पर प्रशिक्षित विशेषज्ञ तैयार हों, जो स्थानीय स्तर की व्यवस्था, व्यवसाय के साथ ही स्वशासन को सहयोग दे सकें। प्रशिक्षण में उन्हें नई तकनीक, प्रक्रिया और उत्पाद को सीखना होगा। संचालक ने बताया कि छत्तीसगढ़ आजीविका विषय पर पाठयक्रम शुरू करने वाला देश का प्रथम राज्य बन गया है। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, राज्य प्रशिक्षण संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी और जिलों से आये प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे।

