छत्तीसगढ़ में साढ़े ग्यारह हजार ग्रामीण गरीब युवाओं को मिला कौशल उन्नयन प्रशिक्षण
रायपुर 12 जुलाई 2011
स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी रेखा श्रेणी के युवाओं को कौशल उन्नयन प्रशिक्षण और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विशेष परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ में अब तक साढ़े ग्यारह हजार ग्रामीण गरीब युवाओं को विभिन्न रोजगार मूलक गतिविधियों में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। ग्रामीण गरीब युवाओं को राज मिस्त्री, सरिया मिस्त्री, कारपेन्टर,इलेक्ट्रीशियन, वायरमेन, सुरक्षा गार्ड, कम्प्यूटर ऑपरेटर, सत्कार, नर्सिग, कस्टरम रिलेशन(मार्केटिंग) आदि व्यवसायों का प्रशिक्षण देकर रोजगार से जाड़ने का कार्य किया जा रहा है।
पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि क्रियान्वयन एजेंसी एड-एट-एक्शन संस्था द्वारा सबसे अधिक तीन हजार 703 ग्रामीण गरीब युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। इसके बाद डॉ. रेड्डी फॉउन्डेशन हैदराबाद द्वारा दो हजार 538, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) और सिक्योरिटी एण्ड इंटीलीजेन्स सर्विस (एस.एस.सी.आई) द्वारा एक हजार 672, केप फॉउन्डेशन हैदराबाद द्वारा 399, लार्सन एण्ड टूब्रो कंपनी (एल एण्ड टी) द्वारा 404, कामगार फॉउन्डेशन द्वारा एक हजार 152, भास्कर फॉउन्डेशन द्वारा 150, मंथन ग्रामीण एवं सेवा समिति द्वारा 30, आई.एल. एण्ड एफ.एस. क्लस्टर डव्हलपमेंट इनीसिएटिव लिमिटेड द्वारा 31, टेली इंडिया प्रायवेट लिमिटेड द्वारा 525 और नई दिल्ली की संस्था एनसीएटी द्वारा 845 ग्रामीण गरीब युवाओं को कौशल उन्नयन के साथ रोजगार के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि इन परियोजनाओं के तहत छत्तीसगढ़ के ग्रामीण गरीब युवाओं को लार्सन एण्ड टूब्रो कंपनी द्वारा राजमिस्त्री, सरियामिस्त्री, कारपेन्टर, इलेक्ट्रिशियन, वायरमेन आदि व्यवसायों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भारतीय सुरक्षा कौशल परिषद द्वारा सुरक्षा गार्ड तथा डॉ. रेड्डी फाउन्डेशन हैदराबाद और केप फाउंडेशन हैदराबाद द्वारा द्वारा अपनी संस्था के विभिन्न केन्द्रो में कम्प्यूटर, सत्कार, नर्सिग, कस्टमर रिलेशन (मार्केटिंग) आदि व्यवसायों का प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी प्रकार लार्सन एण्ड टूब्रो कंपनी द्वारा दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद और बैंगलूरू स्थित प्रशिक्षण केन्द्रों में छत्तीसगढ़ के ग्रामीण युवाओं को राजमिस्त्री और सरियामिस्त्री आदि का प्रशिक्षण दिया गया। इसी प्रकार भारतीय सुरक्षा कौशल परिषद द्वारा पड़ोसी राज्य झारखंड के गढ़वा तथा उड़ीसा के कटक और आंध्रप्रदेश के हैदराबाद में भी युवाओं को सुरक्षा गार्ड का प्रशिक्षण दिया गया। डॉ. रेड्डी फॉउन्डेशन हैदराबाद की प्रशिक्षण संस्था में कम्प्यूटर, सत्कार, नर्सिंग, कस्टमर रिलेशन (मार्केटिंग) आदि व्यवसाय के लिए ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया। केप फाउंडेशन हैदराबाद द्वारा कम्प्यूटर, सत्कार, नर्सिंग, कस्टमर रिलेशन (मार्केटिंग) का प्रशिक्षण दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि इन सभी परियोजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब युवाओं जो 18 से 35 वर्ष आयु के है, उन्हें उनकी शैक्षणिक योग्यता और व्यवसाय में रूचि के अनुसार चयनित कर प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है। इनमें आठवीं पास न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता वाले भी शामिल है। राजमिस्त्री, सरियामिस्त्री, कारपेंटर, इलेक्ट्रिशियन के लिए तीन माह का प्रशिक्षण संस्था में और एक माह का कार्य स्थल पर दिया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को प्रतिमाह 1500 रूपए का वजीफा भी मिलता है। लार्सन एण्ड टूब्रो कम्पनी के छोटे ठेकेदारों द्वारा इन युवाओं को तीन माह अपरेन्टिस पर रखा जाएगा और इस दौरान उन्हें प्रतिमाह तीन हजार रूपए का भत्ता भी मिलेगा। प्रशिक्षण और अपरेन्टिस समाप्ति और युवाओं के कौशल उन्नयन परीक्षण के बाद राष्ट्रीय व्यवसायिक प्रशिक्षण परिषद (एन.सी.बी.टी.) और लार्सन एण्ड टूब्रो की प्रोजेक्ट साइड अनुभव का प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाता है। जिससे प्रशिक्षण के बाद इन युवाओं को विभिन्न कम्पनियों में नौकरी मिल सकेगी। सुरक्षा गार्ड प्रशिक्षण के लिए दसवीं पास, पांच फीट छह इंच शारीरिक ऊंचाई के 18 से 35 वर्ष आयु समूह के युवाओं को चयनित करने का प्रावधान है। प्रशिक्षण में उत्तीर्ण युवाओं को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) का प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षित युवाओं को नौकरी दिलाने की व्यवस्था संस्था द्वारा की जाएगी।

