महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना
छत्तीसगढ़ के लिए 2290 करोड़ रूपए से अधिक राशि का श्रम आधारित बजट केन्द्र को प्रेषित
रायपुर 09 अप्रैल 2010
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ में वित्तीय वर्ष 2010-11 के लिए 2290 करोड़ 42 लाख 76 हजार रूपए का प्रस्तावित श्रम आधारित (लेबर बजट) केन्द्र को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम की अध्यक्षता में यहां नवीन विश्राम भवन के सभाकक्ष में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में यह जानकारी अधिकारियों द्वारा दी गई। बैठक में बताया गया कि इस योजना के तहत पिछले वित्तीय वर्ष 2009-10 में फरवरी माह तक 18 लाख 44 हजार 246 परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इस अवधि में 84 हजार 270 स्वीकृत निर्माण कार्यो में से 40 हजार 758 कार्य पूर्ण कर लिए गए है और 43 हजार 512 कार्य प्रगति पर है। योजना के तहत 79 हजार 270 परिवारों को 100 दिन का रोजगार उपलब्ध हुआ है। निर्माण कार्यो पर 1094 करोड़ रूपए खर्च हो चुके है। इन कार्यो से आठ करोड़ 87 लाख 39 हजार मानव दिवस सृजित हुए है, जिसमें 48 प्रतिशत मानव दिवस महिलाओं के लिए है।
श्री नेताम ने समीक्षा बैठक में इस योजना के तहत परिवारों को वर्ष में 100 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में सेल्फ ऑफ प्रोजेक्ट प्रशासकीय और तकनीकी स्वीकृति के साथ उपलब्ध रखे जाए, जिससे मांग आने पर तत्काल रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। श्री नेताम ने कहा कि जो निर्माण हो उससे गांवों में स्थायी सम्पित्तियों का निर्माण होना चाहिए। जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि बिना फोटोग्राफ वाले रोजगार कार्ड धारकों के कार्डो में फोटोग्राफ लगाने का विशेष अभियान ग्राम सुराज अभियान के दौरान चलाया जाए। सामाजिक अंकेक्षण के दौरान प्राप्त शिकायतों का निराकरण कर लिया जाए। उन्होंने योजना के तहत सभी रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश भी दिए।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत सभी कार्यो का प्रदेश के 9 हजार 752 ग्राम पंचायतों में सामाजिक अंकेक्षण हो चुका है। सामाजिक अंकेक्षण के दौरान छह हजार 98 मुद्दो पर कार्रवाई की गई और छह हजार 947 दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। जिला पंचायतों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि ग्राम पंचायतों में सामाजिक अंकेक्षण की बैठकों का कार्रवाई विवरण योजना की वेबसाईट में दर्ज किया जाए। बैठक में बताया गया कि चालू अप्रैल माह से ही सभी जानकारियों को योजना की ऑन लाईन समीक्षा सूचना प्रणाली (एम.आई.एस.) के माध्यम से कम्प्यूटर में दर्ज किया जाना है। जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत शिकायतों की सुनवाई के लिए लोकपाल की नियुक्ति की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। प्रदेश के 16 जिलों में से 12 जिलों से लोकपाल पद के चयन के लिए नामों के प्रस्ताव प्राप्त हो चुके है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय लोकपाल चयन समिति द्वारा जिला कलेक्टरों के माध्यम से प्राप्त अभ्यार्थियों के आवेदनों पर निर्धारित न्यूनतम अनुभव और शैक्षणिक योग्यता के आधार पर परीक्षण कर जिलेवार पैनल प्रस्तावित कर दिया है। लोकपाल पैनल की सूची को आमजनों से दावा-आपत्ति के लिए विभागीय वेबसाईट डब्लूडब्लूडब्लू डॉट सीजी डॉट जीओवी डॉट इन (ूण्बहण्हवअण्पद) पर प्रदर्शित कर दी गई है। दावा-आपत्ति इसी माह की 27 तारीख तक प्राप्त किए जाएगे। श्री नेताम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शेष चार जिलों रायगढ़, महासमुंद, कबीरधाम और बस्तर से भी पात्रता अनुसार प्रस्ताव प्राप्त कर जल्द से जल्द लोकपाल नियुक्ति की कार्रवाई की जाए।

