मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना : प्रदेश का हर गांव जुड़ेगा बारहमासी सड़कों से
मुख्यमंत्री ने दी सैध्दांतिक स्वीकृति
रायपुर 13 अप्रैल 2011
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में बिना जुड़ी बसाहटों को बारहमासी पक्की सड़कों से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना शुरू की जाएगी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मापदंड़ों में नहीं आने वाली बसाहटों को इस योजना में जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में इस योजना को सैध्दांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई।
इस योजना के तहत बिना जुड़ी बसाहटों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने का कार्य चरणबध्द तरीके से किया जाएगा। इसके लिए तीन वर्ष की कार्य योजना तैयार की गयी है। राज्य शासन ने इस योजना के तहत सड़क निर्माण के लिए इस वर्ष 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। लेकिन आवश्यक होने पर राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) से ऋण लेकर वर्ष में 750 करोड़ रूपए तक भी व्यय किए जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के तहत प्रस्तावित कार्यो में प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों की बिना जुड़ी बसाहट को कम से कम एक तरफ से डामरीकृत पक्की सड़क से जोड़ा जाएगा। अपवाद स्वरूप जहां दूसरी तरफ जोड़ने के लिए कम लम्बाई की सड़क बनानी होगी, वहां दोनो तरफ से जोड़ने पर विचार किया जा सकेगा। इसके अलावा 3.75 मीटर चौड़ाई में डामरीकृत या कांक्रीटीकृत मार्ग के निर्माण के साथ-साथ कुल साढ़े सात मीटर चौड़ाई की सड़क(शोल्डर/पटरी सहित) बनाई जाएगी। प्रस्तावित सड़कों पर साढ़े सात मीटर चौड़ाई के पुल-पुलियों का निर्माण किया जाएगा, किन्तु उनकी ऊंचाई मध्यम रखी जाएगी। सड़क में पड़ने वाले सभी ग्रामों में यात्री प्रतिक्षालय, महिला प्रसाधन और पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। सड़क में पड़ने वाले सभी ग्रामों के अंदर की सभी गलियों में कांक्रीट मार्ग और नालियों का निर्माण किया जाएगा। सड़क के प्रत्येक एक से डेढ़ किलोमीटर पर 50 मीटर लम्बाई में साढ़े सात मीटर अतिरिक्त चौड़ाई में ले-वाई का निर्माण किया जाएगा। इससे किसानों को ट्रेक्टर में फसल की लोडिंग आदि करने में कठिनाई न हो। कुछ दूरी पर आवश्यकतानुसार सड़क से खेतों में उतरने के लिए उचित ढाल की एप्रोच रैम्प का निर्माण किया जाएगा, जिससे ट्रेक्टर खेतों में उतारे जा सकें। योजना के तहत लिए जाने वाले प्रस्तावित कार्यो में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जहां भूमि कम चौड़ाई में उपलब्ध होगी, वहां साढ़े सात मीटर के स्थान पर छह मीटर चौड़ाई की सड़क एवं पुल-पुलियों का निर्माण किया जा सकेगा। मिट्टी का कार्य महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत पूर्ण होने पर ही इस योजना में सड़क कार्य किया जाएगा।
पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा इस योजना के तहत आगामी तीन वर्षो में कुल साढ़े आठ हजार किलोमीटर लम्बाई की सड़कों के निर्माण का अनुमान लगाया गया है। निर्माण कार्यो पर चार हजार 250 करोड़ रूपए खर्च होने का अनुमान है। इसमें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत लगभग 20 प्रतिशत और राज्य का संभावित हिस्सा 80 प्रतिशत होगा। वित्तीय वर्ष 2011-12 में 1500 किलोमीटर लम्बाई की सड़क निर्माण का कार्य प्रस्तावित है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पिछले दस वर्षो से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना क्रियान्वित की जा रही है। इसके तहत सामान्य क्षेत्रों में 500 की आबादी और आदिवासी क्षेत्रों में 250 से अधिक आबादी वाली आठ हजार 50 बिना जुडी बसाहटों वाले गांवों में लगभग 18 हजार किलोमीटर सड़क का निर्माण कर बारहमासी सड़कों से जोड़ा जा चुका है। इसके साथ ही लगभग सात हजार किलोमीटर लम्बाई की सड़के निर्माणाधीन है। किन्तु राज्य की बहुत सी बसाहटें ऐसी है जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मापदण्डों में नहीं आती। इसके अतिरिक्त कुछ बसाहटें एक तरफ से तो जुड़ी है, परन्तु दूसरी तरफ से कम लम्बाई की सड़क बनाने पर हाट-बाजार केन्द्र अथवा प्रशासनिक मुख्यालय से जुड़ जायेंगी। एसी बसाहटों को बारहमासी सड़क से जोड़ने और सड़कों पर स्थित गांवों के समग्र विकास के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना प्रारंभ की जा रही है। वर्तमान में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत प्रत्येक बसाहट को जोड़ने के लिए मिट्टी मुरूम की सड़कें बनाई जा रही है। परन्तु मिट्टी और मुरूम की निर्धारित परत में कॉम्पैक्शन ना होने और आवश्यक पुल-पुलिया नहीं बनने के कारण किए गए मिट्टी के कार्य का समुचित उपयोग नहीं हो पाता है। अत: केन्द्र और राज्य की योजनाओं से अभिसरण करके इन सड़कों का डामरीकरण/कांक्रीटीकरण एवं पुल-पुलियों का निर्माण और गांवों में आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा। वर्तमान में अन्य विभागीय योजना का अभिसरण करते हुए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत प्रदेश में सड़कों पर मिट्टी और मुरूम एवं पुलिया आदि का कार्य किया जा रहा है। इन सड़कों को उपयोगी बनाने के लिए डामरीकृत/कांक्रीटीकृत करने और पुल निर्माण की आवश्यकता है। इन सड़कों पर ऐसे कार्य जो मनरेगा के तहत नहीं लिए जा सकते, उनके लिए धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। इन सड़कों पर पड़ने वाले गांवों की गलियों में कांक्रीटीकरण, यात्री प्रतिक्षालय/छायादार जगह, महिला प्रसाधन का कार्य भी लिया जाएगा। कुछ स्थानों पर यह कार्य पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि, एकीकृत कार्य योजना, सांसद और विधायक निधि या वित्त आयोग की राशि से भी किया जा सकेगा। पेयजल के लिए नलकूप की स्थापना लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की सहायता से की जा सकेगी। किन्तु जो कार्य इन मदों में संभव नहीं होगें उन्हें मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के अभिसरण्ा से किया जाएगा।

