महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना : पिछले वित्तीय वर्ष की दूसरी छमाही के सभी कार्यो का होगा सामाजिक अंकेक्षण
एक से 20 मई तक सामाजिक अंकेक्षण
छत्तीसगढ़ में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2010-11 के द्वितीय चरण का सामाजिक अंकेक्षण एक मई से 20 मई 2011 तक ग्राम सभाओं के माध्यम से किया जाएगा। बस्तर लोकसभा उप चुनाव के कारण जिला बस्तर, दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा), बीजापुर और नारायणपुर में फिलहाल सामाजिक अंकेक्षण नहीं होगा। यहां के लिए पृथक से कार्यक्रम जारी किया जाएगा। योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2010-11 में एक अक्टूबर 2010 से 31 मार्च 2011 तक संपादित समस्त कार्यो का सामाजिक अंकेक्षण किया जाएगा। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा यहां मंत्रालय से सामाजिक अंकेक्षण की तैयारियों के संबंध में संबंधित जिलों के कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को परिपत्र जारी कर दिया है।
परिपत्र में बताया गया है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम की धारा-17 व भारत सरकार के राजपत्र दिनांक 31 दिसम्बर 2008 को जारी संशोधित सामाजिक अंकेक्षण अधिसूचना अनुसूची-(1) के अनुसार योजना के तहत क्रियान्वित समस्त कार्यो का प्रत्येक वित्तीय वर्ष में दो बार (छह-छह माह में) सामाजिक अंकेक्षण कराया जाना अनिवार्य है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत जिलों में वित्तीय वर्ष 2010-11 के एक अक्टूबर 2010 से 31 मार्च 2011 तक संपादित सभी कार्यो का ग्राम सभाओं के माध्यम से सामाजिक अंकेक्षण किया जाना है। उल्लेखनीय है कि पिछले वित्तीय वर्ष की प्रथम छमाही का सामाजिक अंकेक्षण अक्टूबर 2010 में आयोजित किया गया था। द्वितीय चरण के सामाजिक अंकेक्षण को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराए जाने के लिए पूर्व तैयारी के रूप में जिला पंचायत और जनपद पंचायत स्तर पर पूर्व की तरह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाए। अधिनियम के अनुसार जिलों द्वारा सामाजिक अंकेक्षण का कैलेण्डर योजना की वेवसाइट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट एनआरईजीए डॉट एनआईसी डॉट इन (ूण् दतमहंण् दपबण्पद) पर दर्ज किया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सभी विकास खण्डों द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर यह प्रविष्टि करा ली जाए एवं सामाजिक अंकेक्षण से संबंधित सहयोगी दलों का गठन और प्रशिक्षण पूर्ण करा लिया जाए। इस कार्यक्रम के तहत पटवारियों को सामाजिक अंकेक्षण दल में शामिल किया जाए और अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व को जनसुनवाई अधिकारी नियुक्त किया जाए। साथ ही क्रियान्वयन एजेंसियों के संबंधित अधिकारियों को ग्राम सभा में अनिवार्यत: उपस्थित होने निर्देशित किया जाए। ग्राम सभा के माध्यम से संपादित सामाजिक अंकेक्षण में अधिक से अधिक ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करने अर्थात सामाजिक जागरूकता लाने के लिए प्रभावी प्रचार-प्रसार के माध्यम से योजना एवं सामाजिक अंकेक्षण का अधिक से अधिक से प्रचार-प्रसार किया जाए। सामाजिक अंकेक्षण के लिए नियत अवधि के पूर्व जिले में पूरे तरीके से तैयारी कर ली जाए और सभी आवश्यक दस्तावेज, पंजी इत्यादि अनिवार्यत: व्यवस्थित ढ़ग से उपलब्ध कराया जाए। परिपत्र में कहा गया है कि कैलेण्डर में निर्धारित तिथि के अनुरूप प्रत्येक विकास खण्उ के कम से कम एक सामाजिक अंकेक्षण कार्यक्रम का स्वंय निरीक्षण करें और यह भी सुनिश्चित करें कि विगत सामाजिक अंकेक्षण के अनुभवों के आधार पर इस वर्ष का कार्यक्रम अधिक बेहतर तरीके से संपादित किया जाए। सामाजिक अंकेक्षण में प्राप्त शिकायतों का निराकरण एक माह के भीतर किया जाए। भारत सरकार के वेबसाईट पर प्रदर्शित निर्धारत प्रारूप में भी एक माह के भीतर इसकी जानकारी दर्ज करा दी जाए और की गई कार्रवाई से आयुक्त, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को अनिवार्य रूप से सूचित किया जाए।

