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पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि योजना :केन्द्रीय जेल जगदलपुर के 200 बंदियो को विभिन्न रचनात्मक कलाशिल्प में पारंगत करने प्रशिक्षण की शुरूआत

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When Sep 03, 2010
from 07:45 PM to 07:45 PM
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जेल के बंदी अब कल्याणकारी योजनाओं से भी जुड़ेगे

    रायपुर 03 सितम्बर 2010

2670-030910

   छत्तीसगढ़ की जेलों में परिरूध्द बंदियों को विभिन्न रचनात्मक कार्यो और शिल्पकलाओं से जोड़े जाने के लिए पूर्व से अनेक सकारात्मक प्रयास किए जा रहे है। इस कड़ी में पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि योजना के तहत केन्द्रीय जेल जगदलपुर में परिरूध्द 200 बंदियों को विभिन्न स्वरोजगार मूलक गतिविधियों, रचानात्मक क्रियाकलापों और विविध शिल्पकलाओं में पारंगत करने के लिए प्रशिक्षण देने की सशक्त शुरूआत की गई है। ग्यारह विभिन्न व्यवसायों का यह प्रशिक्षण एक सप्ताह से 15 दिवस तक का होगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में परिरूध्द बंदियों को सुधार कार्यक्रम के तहत स्वावलम्बन और पुनर्वास में मदद मिलेगी, वहीं जेल से वापस घर जाने के बाद वे स्वरोजगार गतिविधियों से भी जुड सकेंगे।
    जिला पंचायत बस्तर द्वारा पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि के तहत केन्द्रीय जेल जगदलपुर में परिरूध्द बंदियों को इन गतिविधियों और कलाशिल्पों में प्रशिक्षित और उन्मुखीकरण के लिए पांच लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की है। पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि के तहत जेल के बंदियों को बेलमेटल, लौहशिल्प, स्टील फर्नीचर, कसीदाकारी, मिट्टीशिल्प, बांसशिल्प, फूल-झाडू निर्माण, टाटपट्टी निर्माण, सिलाई, बुनाई, टेडीबियर निर्माण का प्रशिक्षण्ा दिया जाएगा। केन्द्रीय जेल से सजा पूरी करने के बाद अपने घर वापस लौटन पर अपने परिवार की आजीविका के लिए जेल में मिला प्रशिक्षण लाभदायी होगा। बंदियों की रचनात्मक गतिविधियों को और अधिक उभारे जाने तथा उनमें छिपी प्रतिभाओं को निखारने के लिए आगामी 20 सितम्बर को जिला पंचायत बस्तर में एक कार्यशाला सह उन्मुखीकरण का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिसमें स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत ऐसे बंदी जो एक साल पूर्व जेल से सजा कटाकर या पूरीकर अपने घर वापस लौट चुके है, उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण में शासन की सभी जनकल्याणकारी और स्वरोजगारमूलक योजनाओं का क्रियान्वयन करने वालों विभागों, बैंकर्स, नाबार्ड और स्वैच्छिक संस्थाओं को भी आमंत्रित किया गया है। इनके माध्यम से ऐसे सजा काट चुके बंदियों जिनमें इस प्रकार की विकसित प्रतिभा हो, उन्हें प्रत्यक्ष तौर पर शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा।
    केन्द्रीय जेल जगदलपुर में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 11 विभिन्न व्यवसायों के तहत 120 पुरूष और 80 महिला बंदियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण इन कलाशिल्पों के प्रशिक्षकों द्वारा दिया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत बस्तर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. सी.आर.प्रसन्ना ने किया। इस अवसर पर केन्द्रीय जेल जगदलपुर के अधीक्षक श्री राजेन्द्र गायकवाड़ सहित केन्द्रीय जेल के अशासकीय संदर्शक, हस्तशिल्प और ग्रामोद्योग के सहायक संचालक, शबरी एम्पोरियम के प्रबंधक और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।  

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