स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना : स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में ग्रामीण युवाओं को विभिन्न व्यवसायों का प्रशिक्षण
नये दौर के स्वरोजगार की ओर बढ़ रहे हैं बस्तर के ग्रामीण युवा
रायपुर, 18 सितम्बर 2010
स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 15 जिलों में लीड बैंक के माध्यम से ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान संचालित किए जा रहे हैं। इन संस्थानों में ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को विभिन्न व्यवसायिक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस दिशा में आदिवासी बहुल बस्तर के संभागीय मुख्यालय जगदलपुर के कोसा-सेंटर में स्थापित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा बस्तर के ऐसे युवाओं को इस प्रकार के व्यवसायों में प्रशिक्षित करने और वित्तीय सहूलियतें भी उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की जा रही है। गौरतलब है कि नये दौर के व्यावसायिक क्षेत्रों की ओर बस्तर के युवाओं को जोड़े जाने के लिए ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान ने अभी कुछ माहों से ही युवाओं को प्रशिक्षित करने और उन्हें आगे बढ़ाने तथा वित्तीय मदद उपलब्ध कराने का जो काम किया है, उसके नतीजतन बस्तर के तकरीबन पौने दो सौ युवाओं ने इसका लाभ उठा लिया है। वहीं लगभग 20 युवाओं ने नये जमाने के और नये दौर के व्यवसायों के अन्तर्गत इलेक्ट्रीकल, टी.व्ही, रेडियो, इलेक्ट्रोनिक्स और कम्प्यूटर के व्यवसायों से स्वयं को जोड़कर एक सफल स्वरोजगारी के रूप में स्वयं को स्थापित भी कर लिया है।
उल्लेखनीय है कि जगदलपुर के कोसा सेंटर में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के जरिए बस्तर के युवाओं में न केवल दक्षता का विकास किया जा रहा है, बल्कि उनका कौशल उन्नयन करते हुए उन्हें प्रशिक्षित करने के साथ स्वरोजगार स्थापित करने के लिए अग्रणी शीर्ष बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के प्रमुख समन्वयन में उन्हें वित्तीय ऋण सहायता भी उपलब्ध करायी जा रही है। बस्तर में कौशल विकास मिशन के एक हिस्से के रूप में यह कार्य जिला पंचायत बस्तर के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान जगदलपुर के माध्यम से 6 बैचों में बस्तर के 152 चयनित और पात्र युवाओं को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जिसमें इलेक्ट्रीकल, इलेक्ट्रोनिक्स के अन्तर्गत टी.व्ही.,रेडियो रिपेयरिंग और कम्प्यूटर रिपेयरिंग का प्रशिक्षण शामिल है। प्रशिक्षण प्राप्त 17 से 20 युवा स्वयं का रोजगार संचालित कर रहे हैं। वर्तमान में 6 सितम्बर 2010 से नये जमाने के व्यवसाय के अन्तर्गत मोबाईल-रिपेयरिंग में बस्तर के 23 चयनित और पात्र युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह मोबाईल-रिपेयरिंग का प्रशिक्षण 26 सितम्बर 2010 तक चलेगा। यहां जो भी प्रशिक्षण दिए जाते हैं, वह प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरी तरह से निःशुल्क होता है और आवास व्यवस्था भी निःशुल्क उपलब्ध करायी जाती है। प्रशिक्षण देने के लिए राजधानी रायपुर अथवा अन्य स्थानों के विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाता है। वर्तमान में चल रहे मोबाईल रिपेयरिंग प्रशिक्षण में रायपुर से बुलाये गये विशेषज्ञों के अलावा जगदलपुर के प्रोफेशनल मीडिया संस्था को प्रशिक्षण देने के लिए संबंद्ध किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा जिला पंचायत बस्तर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के निर्देशन में गठित एक समिति द्वारा तैयार की जाती है। समिति के पदेन अध्यक्ष भारतीय स्टेट बैंक के सहायक महाप्रबंधक होते हैं।

