मनरेगा में अब तक रोजगार की मांग नहीं करने वालों की पहचान के लिए चलेगा अभियान
गांवों में भवन विहीन राशन दुकानों के भवन बनेंगे
कम्प्यूटीकृत लेखा प्रणाली सुदृढ़ीकरण के लिए पांच ग्राम पंचायत समूह पर एक कम्प्यूटर
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से विभागीय काम-काज की समीक्षा
रायपुर 18 अप्रैल, 2011
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत छत्तीसगढ़ में अब तक रोजगार की मांग नहीं करने वाले जॉब कार्ड धारकों की पहचान के लिए अभियान चालाया जाएगा। पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली की भवन विहीन राशन दुकानों के भवनों का निर्माण प्राथमिकता से किया जाएगा। पंचायतों में कम्प्युटीकृत लेखा प्रणाली सुदृढ़ीकरण करण के लिए पांच ग्राम पंचायत समूह में एक बड़ी पंचायत में कम्प्यूटर की स्थापना की जाएगी। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री विवेक ढंाड ने आज यहां मंत्रालय स्थित राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से चर्चा कर विभागीय काम-काज की समीक्षा के दौरान इस आशय के निर्देश संबंधित को दिए। उन्होंने जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत अब तक रोजगार की मांग नहीं करने वाले जॉब कार्ड धारकों की पहचान के लिए अभियान चलाने और उनकी सूची एक माह में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि इनके नाम हटाने की अनुमति के लिए सूची भारत शासन को भेजी जा सके।
ढांड ने कहा कि 19 अप्रैल से प्रदेश व्यापी ग्राम सुराज अभियान शुरू हो रहा है। मुख्यमंत्री, जिले के प्रभारी मंत्री और सचिव इस अभियान के दौरान अचानक गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से चर्चा करेंगे। अभियान के तहत प्राप्त मांगों और शिकायतों का निराकरण प्राथमिकता से किया जाए। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत मजदूरी का भुगतान लंबित न रहें इस पर विशेष ध्यान दें। आवश्यकता अनुसार भुगतान के लिए अभियान भी चलाएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मंशानुसार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में जल संरक्षण और संवर्धन के कार्यो को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। श्री ढांड ने कहा कि पंचायतों में पदस्थ उप-अभियंताओं से तकनीकी काम लिए जाए। योजना के तहत निर्माण कार्य तकनीकी रूप से अच्छा रखें। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2010-11 की द्वितीय छहमाही का सामाजिक अंकेक्षण एक मई से 20 मई तक किया जाना है। सामाजिक अंकेक्षण अभियान में दलों का गठन, प्रशिक्षण और योजना के तहत सभी कार्यो के दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराए जाएं। प्राप्त होने वाली शिकायतों का निराकरण किया जाए। योजना के तहत राशि का सदुपयोग हो, यह देखना जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की जबावदारी है। श्री ढांड ने कहा कि बैंक और पोस्ट ऑफिस के माध्यम से मजदूरी भुगतान में हो रही दिक्कतों को दूर करने के संबंध में सुझावों से उन्हें अवगत कराएं। उन्होंने योजना की मासिक प्रगति और वित्तीय वर्ष 2011-12 का माहवार लेबर बजट योजना की बेवसाइट में दर्ज कराने के निर्देश भी दिए।
पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि की समीक्षा के दौरान वित्तीय वर्ष 2011-12 की कार्य योजना को योजना की बेवसाइट में दर्ज करने, अपूर्ण कार्यो को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। श्री ढांड ने कहा कि लोगों के लिए खाद्यान्न सुरक्षा महत्वपूर्ण हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जिले में कोई भी राशन दुकान भवन विहीन न रहे, इसके लिए पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि के तहत राशन दुकानों के लिए भवन निर्माण के कार्य प्राथमिकता से लिए जाए। प्रदेश के नक्सल प्रभावित दस जिलों में संचालित एकीकृत कार्य योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2011-12 की कार्य योजना को भी वेबसाइट में दर्ज किया जाए। इसमें आम जनता को तत्काल लाभ मिलने वाले कार्य स्वीकृत किए जाए।
श्री ढांड ने कहा कि तेरहवें वित्त आयोग के तहत वित्तीय वर्ष 2010-11 में जिलों की जिला पंचायतों को 10 प्रतिशत, जनपद पंचायतों को 20 प्रतिशत और ग्राम पंचायतों को 70 प्रतिशत राशि आबंटित की जा चुकी है। योजना के तहत स्वीकृत कार्यो को समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। पंचायतों में आय-व्यय लेखा सुदृढ़ीकरण के लिए पांच ग्राम पंचायत समूह के बीच एक कम्प्यूटर बड़ी पंचायत में स्थापित किया जाए। तेरहवें वित्त आयोग की परियोजना प्रबंधन निधि से कम्प्यूटर की खरीदी की जाए और ग्राम पंचायत की आय व्यय का लेखा जोखा इसके लिए तैयार किए गए साफ्ट वेयर (प्रिया साफ्ट वेयर) में दर्ज किया जाए। आम आदमी बीमा योजना की समीक्षा में योजना का लाभ भूमिहीन गरीब परिवारों को दिलाने और योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। श्री ढांड ने राज्य में संचालित विभिन्न पेंशन योजनाओं को महत्वपूर्ण बताते हुए इनका भुगतान समय पर करने के निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्वर्ण जयंती ग्राम स्वराज योजना और इंदिरा आवास योजना की भी समीक्षा की गई।
इस अवसर पर विशेष सचिव पंचायत और ग्रामीण विकास श्री देवाशीष दास, संचालक पंचायत और समाज सेवा श्री आलोक अवस्थी सहित पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

