स्कूलों से अनुपस्थित कर्मियों पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई : राज्य सरकार ने कलेक्टरों को दिए निर्देश
रायपुर, 4 नवम्बर 2011
राज्य सरकार ने पंचायत सेवा के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में कतिपय व्याख्याता (पंचायत), शिक्षक (पंचायत) और सहायक शिक्षक (पंचायत) के पदों पर कार्यरत कर्मचारियों की उनकी शालाओं में अनधिकृत अनुपस्थिति और पिछले कुछ दिनों से उनके द्वारा जारी हड़ताल और प्रदर्शन को गंभीरता से लिया है।
पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग ने आज यहां मंत्रालय से राज्य के सभी जिला कलेक्टरों तथा जिला पंचायतों और जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को एक परिपत्र भेजकर निर्देश दिए हैं कि अनधिकृत रूप से कर्तव्य से अनुपस्थित ऐसे कर्मचारियों के विरूध्द छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 के तहत छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम 1999 के प्रावधानों के अनुसार तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। परिपत्र में कहा गया है कि प्राय: यह देखा जा रहा है कि प्रदेश की पंचायत सेवा के कतिपय कर्मचाारियों द्वारा अपने कर्तव्यों का समुचित पालन नहीं किया जा रहा है। वे कभी भी अनधिकृत रूप से अपने कर्तव्य से अनुपस्थित हो जाते हैं और निर्धारित मुख्यालय से बाहर रहते हैं। यह भी अनुभव किया गया है कि ये कर्मचारी कभी भी हड़ताल/प्रदर्शन आदि पर चले जाते हैं। ऐसे कर्मचारियों के विरूध्द जिला/जनपद पंचायतों द्वारा सख्त कार्रवाई नहीं की जाती है। पंचायत सेवा में नियुक्त कर्मचारियों के लिए छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 बनाया गया है। इस नियम में पंचायत सेवा के कर्मचारियों के लिए अपने पद पर कार्यरत रहते हुए पूर्ण रूप से संनिष्ठ रहने और पंचायत सेवक के लिए अशोभनीय समझा जाने वाला कोई भी कृत्य नहीं करने आदि के प्रावधान हैं। परिपत्र में कहा गया है कि इन प्रावधानों के अलावा अन्य बिन्दुओं पर भी नियम में स्पष्ट उल्लेख होते हुए भी जिला एवं जनपद पंचायतों द्वारा पंचायत सेवा के ऐसे कर्मचारियों के विरूध्द समुचित कार्रवाई नहीं की जा रही है। राज्य शासन को यह विदित हुआ है कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित शालाओं के कतिपय व्याख्याता (पंचायत), शिक्षक (पंचायत) और सहायक शिक्षक (पंचायत) अपने कार्य पर अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहकर पिछले कुछ दिनों से हड़ताल/प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके फलस्वरूप शालाओं में अध्यापन कार्य प्रभावित हो रहा है।
कलेक्टरों तथा जिला पंचायतों और जनद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से परिपत्र में कहा गया है कि वे ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई करें और कर्तव्य से अनुपस्थित तथा हड़ताल/प्रदर्शन पर गए व्याख्याता (पंचायत), शिक्षक (पंचायत) और सहायक शिक्षक (पंचायत) की पदवार जानकारी प्रतिदिन पंचायत और समाज सेवा संचालनालय रायपुर को फैक्स और ई-मेल के जरिए अनिवार्य रूप से भेजें। इन अधिकारियों से यह भी कहा गया है कि वे अपने जिले और जनपद पंचायत क्षेत्र के संकुल समन्वयकों को प्रभार क्षेत्र की शालाओं का दौरा और निरीक्षण करने और अनुपस्थिति की जानकारी का सत्यापन करते हुए जनपद पंचायत और जिला पंचायत को अवगत कराने के लिए निर्देशित करें, ताकि शिक्षा का अधिकार अधिनियम का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। निरीक्षण के लिए आवश्यक यात्रा व्यय सर्वशिक्षा अभियान के प्रशासकीय मद से देने की सहमति लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा दी जा चुकी है।

