जनता लेगी हर काम का हिसाब : महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना
सामाजिक अंकेक्षण एक मई से बीस मई तक
ग्राम पंचायत वार सामाजिक संपरीक्षा समिति का गठन होगा
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत प्रत्येक वित्तीय वर्ष में (छह-छह माह में) दो बार सामाजिक अंकेक्षण का आयोजन किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2010-11 के प्रथम चरण का सामाजिक अंकेक्षण अक्टूबर 2010 में आयोजित किया गया था। वित्तीय वर्ष 2010-11 के द्वितीय चरण का सामाजिक अंकेक्षण बस्तर, दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा), नारायणपुर और बीजापुर को छोड़कर समस्त जिलों में एक मई से 20 मई तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान योजना के तहत ग्राम पंचायतों में किए गए सभी कार्यो का ब्यौरा ग्राम सभा में जनता के बीच प्रस्तुत किया जाएगा। जनता इस योजना के हर कार्य का हिसाब लेगी। सामाजिक अंकेक्षण के दौरान जिन शिकायतों का निराकरण ग्राम सभा में नहीं पाएगा उनके निराकरण के लिए जनपद पंचायत स्तर पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अध्यक्षता में जनसुनवाई आयोजित की जाएगी।
पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री विवेक ढांड ने सामाजिक अंकेक्षण की तैयारियों के संबंध में संबंधित जिलों के जिला कलेक्टर और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पत्र भेज कर निर्देश जारी किए है। सामाजिक अंकेक्षण सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने के लिए ग्राम पंचायतवार सामाजिक संपरीक्षा समिति का गठन करने कहा गया है। यह समिति पांच से सात सदस्यों की होगी , जिसमें कम से कम 2 जॉबकार्डधारी सदस्य होंगे और एक तिहाई महिला सदस्य होंगे। सामाजिक अंकेक्षण तिथि के कम से कम एक सप्ताह पूर्व इस समिति के सदस्यों को प्रशिक्षण देने कहा गया है। पत्र में कहा गया है कि निर्धारित कैलेण्डर के अनुसार प्रत्येक विकासखण्ड के कम से कम एक सामाजिक अंकेक्षण कार्यक्रम का अवश्य निरीक्षण करें तथा विगत सामाजिक अंकेक्षण के अनुभवों के आधार पर इस वर्ष का कार्यक्रम अधिक बेहतर तरीके से संपादित किया जाना सुनिश्चित करें।
पत्र में कहा गया है कि सामाजिक अंकेक्षण के लिए जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा ग्राम पंचायत के सचिव से अलग एक सचिव का नामांकन किया जाए, जो ग्रामसभा की कार्रवाई प्रतिवेदन को दर्ज कर सभी भाग लेने वाले सदस्यों का हस्ताक्षर सामाजिक अंकेक्षण के प्रारंभ और अंत में लेगा। सामाजिक अंकेक्षण में अधिक से अधिक ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। सामाजिक अंकेक्षण के लिए निर्धारित तिथि के 15-20 दिन पूर्व ग्राम पंचायत क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न क्रियान्वयन एजेंसियों द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत किए गए समस्त कार्यो का मस्टररोल, बिल वाउचर, प्रशासकीय आदेश व तकनीकी स्वीकृति, नक्शा-खसरा, कार्य संबंधी फोटोग्राफ, मदवार व्यय की जानकारी आदि समस्त दस्तावेज की कार्यवार नस्ती ग्राम पंचायत को उपलब्ध करायी जाए। इसके साथ ही प्रत्येक क्रियान्वयन एजेंसी के एक अधिकारी-कर्मचारी को भी सामाजिक अंकेक्षण तिथि में ग्राम पंचायत में उपस्थित होने के लिए निर्देशित करें। सामाजिक अंकेक्षण दल में पटवारियों को शामिल किया जाए और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को जनसुनवाई अधिकारी नियुक्त किया जाए। पिछले सामाजिक अंकेक्षण का कार्रवाई विवरण का बिन्दुवार पालन प्रतिवेदन सामाजिक अंकेक्षण के दौरान ग्राम सभा के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। ग्राम सभा सम्पन्न होने के बाद सामाजिक अंकेक्षण समिति द्वारा प्रतिवेदन जनपद पंचायत को उपलब्ध कराया जाएगा। सामाजिक अंकेक्षण के दौरान जिन शिकायतों का निराकरण नहीं हो पाया उसके निराकरण के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के अधीन जनपद पंचायत स्तर पर जनसुनवाई आयोजित की जाए। इसके बाद जनपद पंचायत स्तर द्वारा सामाजिक अंकेक्षण का प्रतिवेदन जिले को प्रेषित किया जाए और इस प्रतिवेदन को भारत सरकार की वेबसाइट पर दर्ज किया जाए।

