महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना : सामाजिक अंकेक्षण का प्रथम चरण 01 से 20 दिसम्बर तक
आम जनता के बीच होगा हिसाब
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अन्तर्गत कराए जा रहे सभी कार्यों का हिसाब-किताब ग्राम सभाओं में आम जनता के बीच होगा। सामाजिक अंकेक्षण का प्रथम चरण आगामी 01 से 20 दिसम्बर तक किया जाएगा। राज्य शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्राम सभाओं के माध्यम से होने वाले सामाजिक अंकेक्षण में अधिक से अधिक ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा सामाजिक जागरूकता लाने के लिए प्रभावी प्रचार-प्रसार के साथ ही अंकेक्षण के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने के लिए राज्य के सभी जिला कार्यक्रम समन्वयक (मनरेगा) और जिला कलेक्टरों को इस महीने की नौ तारीख को परिपत्र जारी कर दिया गया है।
परिपत्र में कहा गया है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की धारा सत्रह और भारत सरकार के राजपत्र में जारी संशोधित सामाजिक अंकेक्षण दिनांक 31 दिसम्बर 2008 के अनुसार इस योजना के अन्तर्गत क्रियान्वित सभी कार्यों का प्रत्येक वित्तीय वर्ष में दो बार (छह-छह माह में) सामाजिक अंकेक्षण अनिवार्य है। इस विधिक बाध्यता के क्रियान्वयन के तहत महात्मा गांधी नरेगा अन्तर्गत जिलों में वित्तीय वर्ष 2011-12 के 01 अप्रैल से 30 सितम्बर तक के संपादित सभी कार्यों का सामाजिक अंकेक्षण ग्राम सभाओं के माध्यम से किया जाना है। प्रथम चरण का अंकेक्षण सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने के लिए जिला और जनपद स्तर पर प्रशिक्षण का आयोजन किया जाना है।
परिपत्र में कहा गया है कि जिलों द्वारा सामाजिक अंकेक्षण का कैलेण्डर इस योजना के वेबसाईट पर प्रविष्टि करने की अंतिम तिथि इस महीने 15 तारीख तक है। प्रविष्टि निर्धारित समय-सीमा मे करा ली जाए और अंकेक्षण से संबंधित सहयोगी दलों का गठन एवं प्रशिक्षण भी पूर्ण करा लिया जाए। इस कार्यक्रम के अन्तर्गत पटवारियों को सामाजिक अंकेक्षण दल में शामिल किया गया है तथा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को जनसुनवाई अधिकारी नियुक्त किया गया है। क्रियान्वयन एजेंसियों के संबंधित अधिकारियों को ग्राम सभा में अनिवार्य रूप से उपस्थित होना है, इसके लिए उन्हें आवश्यक निर्देश प्रदान करें। परित्र में कहा गया है कि कैलेण्डर में निर्धारित तिथि के अनुरूप प्रत्येक विकासखण्ड के कम से कम एक सामाजिक अंकेक्षण कार्यक्रम का अवश्य निरीक्षण करें और राज्य शासन को अवगत कराएं।

