लियेंडर पेस ने राज्यपाल से मुलाकात की लगभग दो दशक बाद फिर शुरू हुआ गोंडवाना कप राष्ट्रीय टेनिस टूर्नामेंट:मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किया शुभारंभ मंत्रिपरिषद की बैठक : छत्तीसगढ़ में गौ हत्या पर अब और अधिक कठोर कारावास हीरानार नल-जल योजना के लिए 19.42 लाख रूपए स्वीकृत ग्राम कुथुर के लिए नल-जल योजना स्वीकृत उर्दू अकादमी में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष सहित सदस्यों का मनोनयन मुख्यमंत्री ग्राम उत्कर्ष योजना : अब तक 153.40 करोड़ की लागत के सात हजार से ज्यादा विकास कार्य पूर्ण सक्षम योजना : राज्य की 284 महिलाओं को स्वरोजगार के लिए मिला 1.62 करोड़ रूपए का ऋण ग्राम पंचायतें अब दस लाख रूपये तक के निर्माण कार्य कर सकेंगे कमरौद स्कूल का नामकरण अहिल्या बाई त्रेतानाथ के नाम पर गलफुल्ला और चनान नदी पर बनेंगे उच्च स्तरीय पुल मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री श्री बिसेन की सौजन्य मुलाकात मुख्यमंत्री से अभनपुर नगर पंचायत के प्रतिनिधि मण्डल की मुलाकात श्री केदार कश्यप से पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य श्री शिव चन्द्राकर ने सौजन्य मुलाकात की उपार्जन केन्द्रों में तेजी से हो रही धान की आवक श्रम मंत्री श्री साहू की अध्यक्षता में असंगठित श्री केदार कश्यप के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल नई दिल्ली प्रवास पर आज करेंगे केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री से मुलाकात कृषि मंत्री श्री साहू ने किया खारून नदी पर एनीकट सह रपटे का भूमिपूजन राज्यपाल से सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक ने सौजन्य मुलाकात की मुख्यमंत्री के समक्ष जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन पर प्रस्तुतिकरण मुख्यमंत्री से सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक ने सौजन्य मुलाकात की

Personal tools
You are here: Home समाचार पंचायत एवं ग्रामीण विकास स्टाम्प शुल्क वसूली पर पंचायतों को मिला 24 करोड़ रूपए का अनुदान

स्टाम्प शुल्क वसूली पर पंचायतों को मिला 24 करोड़ रूपए का अनुदान

What
When Apr 23, 2011
from 07:05 PM to 07:05 PM
Add event to calendar vCal
iCal

रायपुर 23 अप्रैल 2011

    राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ की पंचायतों को वित्तीय वर्ष 2010-11 के लिए मुद्रांक (स्टाम्प) शुल्क वसूली पर 24 करोड़ रूपए का अनुदान आवंटित किया गया है। राशि का आवंटन जिला पंचायतों की जनसंख्या के आधार पर किया गया है। जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि आवंटित राशि से अधिक का आहरण नहीं किया जाए, शासन की मितव्ययिता संबंधी आदेशों का पालन किया जाए और आवंटित राशि का उपयोग जिस उद्देश्य के लिए दिया जा रहा है उसका पालन सुनिश्चित किया जाए।
    उल्लेखनीय है कि पंचायतराज अधिनियम 1993 के अंतर्गत बनाए गए नियमों के अधीन राजस्व और मुद्रांक शुल्क की वसूली राजस्व और पृथक आगम विभाग द्वारा प्रतिवर्ष की जाती है। प्रत्येक जिले में एक अक्टूबर 1998 से जिला पंचायतराज निधि की स्थापना की गई है। भू-राजस्व और पंचायत उपकर के लिए जिला स्तर पर बनाई गई इस निधि में जमा होने के बाद नियमानुसार पंचायतों में राशि वितरित की जाती है। मुद्रांक शुल्क की राशि पृथक आगम विभाग द्वारा राज्य स्तर पर संचित निधि में जमा की जाती है, जिसे प्रक्रियानुसार जनपद पंचायतों को वितरित किया जाता है। इस मद में प्राप्त राशि से जनपद पंचायतों के कर्मचारियों को वेतन-भत्तों का भुगतान किया जाता है।
    जिला पंचायतों को आवंटित अनुदान राशि में से जिला रायपुर को दो करोड़ 88 लाख 39 हजार रूपए, महासमुंद जिले का एक करोड़ 12 लाख 83 हजार रूपए, धमतरी जिले को 86 लाख 95 हजार रूपए, दुर्ग जिले को दो करोड़ 49 लाख 41 हजार रूपए, राजनांदगांव जिले को एक करोड़ 55 लाख 48 हजार रूपए, कबीरधाम (कवर्धा) जिले को 77 लाख 70 हजार रूपए आवंटित किया गया है। जिला उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले को 89 लाख 83 हजार रूपए, बिलासपुर जिले को दो करोड़ 26 लाख 96 हजार रूपए, जांजगीर-चांपा जिले को एक करोड़ 68 लाख 14 हजार रूपए, कोरबा जिले को 94 लाख 41 हजार रूपए, रायगढ़ जिले को एक करोड़ 60 लाख 21 हजार रूपए, जशपुर जिले को एक करोड़ एक लाख 82 हजार रूपए, सरगुजा जिले को दो करोड़ 66 लाख 64 हजार रूपए और कोरिया जिले को 56 लाख 74 हजार रूपए की अनुदान राशि आवंटित की गई है।  

क्रमांक-385/चतुर्वेदी
« May 2012 »
May
MoTuWeThFrSaSu
123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
28293031