स्टाम्प शुल्क वसूली पर पंचायतों को मिला 24 करोड़ रूपए का अनुदान
रायपुर 23 अप्रैल 2011
राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ की पंचायतों को वित्तीय वर्ष 2010-11 के लिए मुद्रांक (स्टाम्प) शुल्क वसूली पर 24 करोड़ रूपए का अनुदान आवंटित किया गया है। राशि का आवंटन जिला पंचायतों की जनसंख्या के आधार पर किया गया है। जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि आवंटित राशि से अधिक का आहरण नहीं किया जाए, शासन की मितव्ययिता संबंधी आदेशों का पालन किया जाए और आवंटित राशि का उपयोग जिस उद्देश्य के लिए दिया जा रहा है उसका पालन सुनिश्चित किया जाए।
उल्लेखनीय है कि पंचायतराज अधिनियम 1993 के अंतर्गत बनाए गए नियमों के अधीन राजस्व और मुद्रांक शुल्क की वसूली राजस्व और पृथक आगम विभाग द्वारा प्रतिवर्ष की जाती है। प्रत्येक जिले में एक अक्टूबर 1998 से जिला पंचायतराज निधि की स्थापना की गई है। भू-राजस्व और पंचायत उपकर के लिए जिला स्तर पर बनाई गई इस निधि में जमा होने के बाद नियमानुसार पंचायतों में राशि वितरित की जाती है। मुद्रांक शुल्क की राशि पृथक आगम विभाग द्वारा राज्य स्तर पर संचित निधि में जमा की जाती है, जिसे प्रक्रियानुसार जनपद पंचायतों को वितरित किया जाता है। इस मद में प्राप्त राशि से जनपद पंचायतों के कर्मचारियों को वेतन-भत्तों का भुगतान किया जाता है।
जिला पंचायतों को आवंटित अनुदान राशि में से जिला रायपुर को दो करोड़ 88 लाख 39 हजार रूपए, महासमुंद जिले का एक करोड़ 12 लाख 83 हजार रूपए, धमतरी जिले को 86 लाख 95 हजार रूपए, दुर्ग जिले को दो करोड़ 49 लाख 41 हजार रूपए, राजनांदगांव जिले को एक करोड़ 55 लाख 48 हजार रूपए, कबीरधाम (कवर्धा) जिले को 77 लाख 70 हजार रूपए आवंटित किया गया है। जिला उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले को 89 लाख 83 हजार रूपए, बिलासपुर जिले को दो करोड़ 26 लाख 96 हजार रूपए, जांजगीर-चांपा जिले को एक करोड़ 68 लाख 14 हजार रूपए, कोरबा जिले को 94 लाख 41 हजार रूपए, रायगढ़ जिले को एक करोड़ 60 लाख 21 हजार रूपए, जशपुर जिले को एक करोड़ एक लाख 82 हजार रूपए, सरगुजा जिले को दो करोड़ 66 लाख 64 हजार रूपए और कोरिया जिले को 56 लाख 74 हजार रूपए की अनुदान राशि आवंटित की गई है।

