महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना :सामाजिक अंकेक्षण में छह महीने के कार्यों का जनता लेगी हिसाब
छत्तीसगढ़ में एक दिसम्बर से शुरू होगा ग्रामसभाओं का सिलसिला
रायपुर, 30 नवम्बर 2011
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत छत्तीसगढ़ के सभी 18 जिलों की नौ हजार 734 ग्राम पंचायतों में सामाजिक अंकेक्षण के लिए ग्रामसभाओं का सिलसिला कल एक दिसम्बर शुरू होने जा रहा है, जो 20 दिसम्बर तक चलेगा। इन ग्रामसभाओं में इस योजना से संबंधित छह महीनों-एक अप्रैल से 30 सितम्बर 2011 की अवधि के कार्यों का हिसाब आम जनता के सामने प्रस्तुत किया जाएगा और गांव के लोग योजना से संबंधित कार्यों की समीक्षा कर उनके बारे में अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। 
राज्य शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि सामाजिक अंकेक्षण की तैयारियों के लिए इस महीने की नौ तारीख को राज्य के सभी कलेक्टरों और मनरेगा के जिला कार्यक्रम समन्वयकों को परिपत्र जारी कर दिया गया है। परिपत्र में सामाजिक अंकेक्षण का कैलेण्डर तैयार करने, अंकेक्षण से संबंधित दलों का गठन करने और उन्हें प्रशिक्षण देने तथा ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं। सामाजिक अंकेक्षण दलों में पटवारियों को शामिल किया गया है और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को जनसुनवाई अधिकारी नियुक्त किया गया है। क्रियान्वयन एजेंसियों के संबंधित अधिकारियों को ग्राम सभाओं में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के लिए आवश्यक निर्देश प्रदान करने के लिए भी परित्र में कहा गया है।
उल्लेखनीय है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की धारा सत्रह और भारत सरकार के राजपत्र में जारी संशोधित सामाजिक अंकेक्षण दिनांक 31 दिसम्बर 2008 के अनुसार इस योजना के अन्तर्गत क्रियान्वित सभी कार्यों का प्रत्येक वित्तीय वर्ष में दो बार (छह-छह माह में) सामाजिक अंकेक्षण अनिवार्य है। इस विधिक बाध्यता के क्रियान्वयन के तहत महात्मा गांधी नरेगा अन्तर्गत जिलों में वित्तीय वर्ष 2011-12 में 01 अप्रैल से 30 सितम्बर तक के संपादित सभी कार्यों का सामाजिक अंकेक्षण ग्राम सभाओं के माध्यम से किया जाना है। वित्तीय वर्ष 2011-12 के प्रथम चरण का सामाजिक अंकेक्षण 01 से 20 दिसम्बर तक चलेगा।
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