क्षमता विकास के लिए अब तक एक लाख से अधिक पंचायत-प्रतिनिधि हुए प्रशिक्षित
प्रशिक्षण में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग-रेडियो कार्यक्रम और हेल्प लाईन सेवा का भी उपयोग
रायपुर, 26 नवंबर 2010
छत्तीसगढ़ की पंचायती राज संस्थाओं के नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों की क्षमता विकास के लिए छत्तीसगढ़ राज्य प्रशिक्षण संस्थान द्वारा आधुनिक सूचना प्रणाली के माध्यम से लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। राज्य की 18 जिला पंचायतों के 321, जनपद पंचायतों के दो हजार 783 और ग्राम पंचायतो के एक लाख 55 हजार 525 सहित कुल एक लाख 58 हजार 629 प्रतिनिधियों में से अब तक एक लाख 963 को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। यह प्रशिक्षण रायपुर के निकट निमोरा स्थित राज्य ग्रामीण प्रशिक्षण संस्थान में स्थापित पंचायत संसाधन केन्द्र के माध्यम से दिया जा रहा है। पंचायत संसाधन केन्द्र में प्रशिक्षण के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान परिषद (इसरो) के सहयोग से सेटकॉम स्टूडियों की स्थापना की गई है, जिससे राज्य के 110 जनपद पंचायत के संसाधन केन्द्र और अन्य जनपद पंचायत क्षेत्र एडूसेट के माध्यम से जुड़े केन्द्रो में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा एक साथ प्रशिक्षण्ा दिया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण प्रशिक्षण संस्थान के संचालक डॉ. आर.के.सिंह ने बताया कि पंचायत राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों की क्षमता विकास के लिए पहले उनकी क्षमता का आकलन कर प्रशिक्षण की रणनीति तैयार की गई। सेटकॉम स्टूडियों से जुडे क़ेन्द्रों में वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उन्हें पंचायतों के काम-काज, पंचायती राज व्यवस्था, शासन की कल्याणकारी योजनाओं, लेखा संधारण आदि की जानकारी दी गई हैं। पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने इस सेटकॉम स्टूडियों का इस वर्ष 3 मई को शुभांरभ किया। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण सत्र में शामिल होकर उनके सवालों के जबाव भी दिए। राज्य में प्रशिक्षण के लिए स्थानीय भाषा के साथ ऑडियों-वीडियो, एनीमेषन, ग्राफिक्स और फिल्मों का उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा पंचायती राज व्यवस्था में कानूनी प्रावधान, योजनाओं के क्रियान्वयन आदि से संबंधित प्रचार साहित्य भी पंचायत प्रतिनिधियों को वितरित किया गया। इंदिरा गांधी खुला विष्वविद्यालय द्वारा पंचायतों के काम-काज से संबंधित प्रकाशित संदर्भ सामग्री भी सभी पंचायती राज संस्थाओं को उपलब्ध कराई गई है। पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को अन्य राज्यों में हुए अच्छे कार्यो को देखने के लिए भ्रमण पर भेजा गया है।
संस्थान के संचालक ने बताया कि निमोरा स्थित पंचायत संसाधन केन्द्र में पंचायत राज व्यवस्था से संबंधित समस्याओं के निराकरण और योजनाओं की जानकारी देने के लिए नि:षुल्क हेल्प लाईन सेवा शुरू की गई हैं। इसका फोन नम्बर 1800-233-1113 है। यह केन्द्र कार्यालयीन दिवसों में सुबह 10.30 बजे से 5.30 बजे तक संचालित हो रहा है। इस केन्द्र में प्रष्नों के उत्तर देने के लिए विषय विषेषज्ञों की सेवाएं ली जा रही है। पंचायतों की क्षमता विकास के लिए राज्य के पांच आकाषवाणी केन्द्रों रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़, अम्बिकापुर, जगदलपुर से प्रत्येक रविवार को सांय 7.30 बजे 8 बजे तक 'हमर ग्राम सभा' का प्रसारण क्षेत्रीय भाषाओं में एक साथ किया जा रहा है। जगदलपुर केन्द्र से हल्बी, अम्बिकापुर केन्द्र से सरगुजिहा और रायपुर, बिलासपुर तथा रायगढ़ केन्द्र से छत्तीसगढ़ी बोली में प्रसारित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में नाचा, पंडवानी और रूपक के साथ 'फोन इन' कार्यक्रम द्वारा सीधा संवाद होता है तथा विषय विषेषज्ञों द्वारा प्रष्नों के उत्तर भी दिए जाते है। पंचायती राज व्यवस्था के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देष्य से पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों की राज्य स्तरीय प्रष्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। देष में पंचायत राज्य व्यवस्था का माडल महाराष्ट्र राज्य के अहमदनगर स्थित हिवरे बाजार का 64 पंचायत प्रतिनिधियों ने अध्ययन भ्रमण भी किया है।

