स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना : छत्तीसगढ़ में बीस हजार से ज्यादा हितग्राहियों को 31 करोड़ रूपए की सहायता
रायपुर, 04 दिसम्बर 2011
स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत छत्तीसगढ़ में चालू वित्तीय वर्ष 2011-12 में माह अक्टूबर तक 20 हजार से ज्यादा हितग्राहियों को लगभग 31 करोड़ रूपए की सहायता राशि दी जा चुकी है। राज्य सरकार के पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने और उनकी आय बढ़ाने के लिए विभिन्न बैंको से ऋण तथा राज्य शासन द्वारा अनुदान एवं सहायता राशि उपलब्ध कराया जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष में निर्धारित लक्ष्य 55 हजार 885 के विरूध्द माह अक्टूबर तक 20 हजार 782 हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा चुका है। उन्होंने बताया
कि चालू वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिए उपलब्ध राशि 52 करोड़ 57 लाख रूपए में से माह अक्टूबर तक 30 करोड़ 94 लाख रूपए व्यय किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत रायपुर जिले में तीन हजार 082 हितग्राहियों को तीन करोड़ 55 लाख 84 हजार रूपए और बिलासपुर जिले में एक हजार 363 हितग्राहियों को तीन करोड़ 39 लाख 71 हजार रूपए की सहायता दिया जा चुका है। इसी तरह दुर्ग जिले में 290 हितग्राहियों को 62 लाख रूपए, सरगुजा जिले में एक हजार 604 हितग्राहियों को तीन करोड़ 47 लाख 54 हजार रूपए और राजनांदगांव जिले में एक हजार 044 हितग्राहियों को एक करोड़ 45 लाख 72 हजार रूपए की सहायता दिया गया। महासमुंद जिले में एक हजार 054 हितग्राहियों को एक करोड़ 12 लाख 56 हजार रूपए, कबीरधाम जिले में 438 हितग्राहियों को एक करोड़ 67 लाख 17 हजार रूपए, बस्तर जिले में तीन हजार 437 हितग्राहियों को चार करोड़ 26 हजार रूपए की सहायता दिया गया। जांजगीर-चांपा जिले में एक हजार 600 हितग्राहियों को एक करोड़ 81 लाख 21 हजार रूपए, दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले में 381 हितग्राहियों को 87 लाख 24 हजार रूपए, धमतरी जिले में 561 हितग्राहियों को 55 लाख 35 हजार रूपए, जशपुर जिले में एक हजार 537 हितग्राहियों को दो करोड़ 15 लाख 76 हजार रूपए, उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले में 428 हितग्राहियों को 57 लाख 82 हजार रूपए, कोरिया जिले में 609 हितग्राहियों को 55 लाख 85 हजार रूपए, रायगढ़ जिले में दो हजार 492 हितग्राहियों को तीन करोड़ 55 लाख 23 हजार रूपए और कोरबा जिले में 862 हितग्राहियों को स्वरोजगार के लिए एक करोड़ 54 लाख 58 हजार रूपए की सहायता राशि दिया जा चुका है।

