पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत करने के लिए राज्यों को मदद दे केन्द्र सरकार - श्री रामविचार नेताम
पंचायती राज दिवस पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के पंचायत मंत्री ने की मांग
रायपुर 24 अप्रैल 2011

छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में पंचायती राज्य संस्थाओं को और अधिक सषक्त बनाने के लिए केन्द्र सरकार को अधिक मदद प्रदान करना चाहिए । प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने यह मांग आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में की । इस सम्मेलन की अध्यक्षता प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने की। इस अवसर पर श्रीमती सोनिया गांधी, केन्द्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विलासराव देषमुख और अन्य राज्यों के पंचायत मंत्री तथा पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
सम्मेलन में उन्होंने बताया कि राज्य में ग्राम पंचायत स्तर पर नियमित रूप से ग्राम सभाएं आयोजित की गयी है और इन्हें उत्तरदायी बनाने के लिए उनके कार्यो का सामाजिक अंकेक्षण कराया गया है। उन्होंने बताया कि ग्राम सुराज की कल्पना को सही अर्थो में अमल कराने के लिए राज्य में प्रति वर्ष ग्राम सुराज अभियान चलाया जाता है। वर्तमान में 19 अप्रैल से यह अभियान राज्य के हर ग्राम में जारी है। इसके तहत मुख्यमंत्री, अन्य मंत्रीगण्ा और अधिकारियों द्वारा गांव गांव जाकर ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण किया जाता है। ग्राम सभा को सषक्त बनाने के लिए लोगो को जागरूक करने के लिए रेडियो कार्यक्रम हमर ग्राम सभा का प्रसारण भी किया गया।
उन्होंने राज्य में बी आर जी एफ एवं आर जी एस वाई योजनाओं के तहत कार्यो का ब्यौरा देते हुए राज्य में नवगठित दो जिलों बीजापुर और नारायणपुर के लिए भी बजट आवटंन की मांग की । चर्चा के दौरान उन्होंने ई-पंचायत लागू करने के लिए राज्य में किए जा रहे प्रयासों, तेरहवें वित्त आयोग के कार्यो के कार्य निष्पादन , राज्य में ग्राम पंचायतों के लिए मानव संसाधन एवं भवनों की स्थिति , कार्य दायित्व, बजट एवं अमले की त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं को सुपूदर्गी और पंचायत निधि के आकलन के संबंध में भी जानकारी दी। चर्चा के दौरान उन्होंने पंचायत उपबंध अधिनियम पेसा के राज्य में प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी भी दी । सम्मेलन में पंचायत विभाग के संचालक श्री आलोक अवस्थी और राज्य के अन्य जिलों से आयें पंचायत प्रतिनिधि भी उपस्थित थे ।

