इंदिरा आवास योजना:इस वर्ष अब तक 41 हजार से अधिक परिवारों को मिला मकान
अपर मुख्य सचिव श्री सरजियस मिंज द्वारा विभागीय योजनाओं की समीक्षा
रायपुर 14 दिसम्बर 2010
इंदिरा आवास योजना के तहत छत्तीसगढ़ में चालू वित्तीय वर्ष 2010-11 में विगत अक्टूबर माह तक 41 हजार 819 आवासहीन गरीब परिवारों को धर उपलब्ध कराए जा चुके है। इसमें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 13 हजार 851 परिवारों को धर उपलब्ध हो चुके है। आवास निर्माण पर 90 करोड़ 86 लाख रूपए खर्च हो चुके है। अपर मुख्य सचिव श्री सरजियस मिंज की अध्यक्षता में आज यहां विकास भवन में आयोजित पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में यह जानकारी विभागीय अधिकारियों द्वारा दी गई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इंदिरा आवास योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष में 74 हजार 780 आवासहीन परिवारों को मकान निर्माण का लक्ष्य है जिसके विरूध्द अक्टूबर माह तक 56 प्रतिषत आवासों का निर्माण हो चुका है। आवास निर्माण के लिए उपलब्ध 129 करोड़ 63 लाख रूपए में से 90 करोड़ 86 लाख रूपए खर्च किए जा चुके है, जो उपलब्ध राषि का 70 प्रतिषत है।
श्री मिंज ने बैठक में अधिकारियों को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना के तहत आगामी वित्तीय वर्ष के लिए श्रम आधारित (लेबर बजट) तैयार करने के निर्देष दिए। उन्होंने जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन कार्यक्रम और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत समन्वयन (कनवर्जन) के लिए इस माह की 21 तारीख को छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण विकास संस्थान में राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कार्यषाला में जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन के विषय विषेषज्ञों, इंदिरा गांधी कृषि विष्वविद्यालय के वैज्ञानिकों और केन्द्र सरकार के विषेषज्ञों को भी आमंत्रित किया जाए। जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन कार्यक्रम और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत समन्वयन (कनवर्जन) की मार्गदर्षिका को अंतिम रूप देते हुए प्रकाषित करने के निर्देष दिए। श्री मिंज ने कहा कि जलग्रहण प्रकोष्ठ को सुदृढ़ करने रिक्त पदों की पूर्ति, प्रकोष्ठ में कृषि विभाग के अधिकारी के अतिरिक्त राज्य ग्रामीण विकास संस्थान में वाटरषेड से संबंधित भौगोलिक सूचना प्रणाली (जी.आई.एस.)की तकनीकी जानकारी ग्राम तक पहुंचाने के लिए एक संकाय सदस्य की नियुक्ति की कार्रवाई की जाए। उन्होंने पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि के तहत एकीकृत विकास योजना के लिए प्रत्येक जिले में खाते खाले जाने की कार्रवाई करने के निर्देष दिए। श्री मिंज ने कहा कि जिन जिलों को आगामी किष्त प्राप्त नहीं हुई है उनसे तत्काल प्रस्ताव प्राप्त किए जाए तथा वित्तीय वर्ष 2011-12 की वार्षिक कार्य योजना की तैयारी कर ली जाए। बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बारहमासी सड़क सम्पर्क की जानकारी अद्यतन करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अक्टूबर माह तक स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत 23 हजार 353 हितग्राहियों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए 61 करोड़ 84 लाख रूपए का बैंक ऋण उपलब्ध कराया गया है। एकीकृत जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन कार्यक्रम के तहत 20 हजार 364 हेक्टेयर क्षेत्र उपचारित किया गया है। बारहवें वित्त आयोग, मूलभूत योजना, मुख्यमंत्री ग्राम उत्कर्ष योजना, छत्तीसगढ़ ग्रामीण निरर््माण योजना, ग्राम विकास योजना, ग्राम गौरव योजना और पिछड़ा क्षेत्र निधि के तहत 43 हजार 430 कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। निर्माण कार्यों पर 66 करोड़ 14 लाख रूपए खर्च हो चुके हैं।

