आम आदमी बीमा योजना : छत्तीसगढ़ में 3.33 लाख से अधिक ग्रामीण भूमिहीन परिवारों का बीमा
रायपुर 24 दिसम्बर 2010
आम आदमी बीमा योजना के तहत छत्तीसगढ़ में तीन लाख 33 हजार 870 ग्रामीण भूमिहीन परिवारों का बीमा कराया जा चुका है। ग्रामीण भूमिहीन परिवारों से प्राप्त 214 दावा प्रकरणों में से 157 का निराकरण करते हुए 51 लाख 60 हजार रूपए का भुगतान किया गया है। इसमें दुर्घटना के प्रकरणों में साढ़े सात लाख रूपए और साधारण जमा धनराशि 44 लाख 10 हजार रूपए का भुगतान शामिल है। शिक्षावृत्ति के प्राप्त 466 प्रकरणों में से 428 स्वीकृत किए गए है।
पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि आम आदमी बीमा योजना के तहत 18 से 59 वर्ष तक के ग्रामीण भूमिहीन परिवार के मुखिया या परिवार की जीविका चलाने वाले एक व्यक्ति का बीमा किया जाता है। बीमा की प्रीमियम राशि 200 रूपए प्रतिवर्ष है। राज्य और केन्द्र शासन द्वारा प्रीमियम राशि में 100-100 रूपए का अंशदान दिया जाता है। ग्रामीण भूमिहीन सदस्य से प्रीमियम की राशि नहीं ली जाती। छत्तीगढ़ में पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग को इस योजना के क्रियान्वयन के लिए नोडल विभाग नियुक्त किया गया है। जिला पंचायत नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करती है। अधिकारियों ने बताया कि बीमा अवधि समाप्त होने के पूर्व सदस्य की मृत्यु होने पर 30 हजार रूपए की सहायता राशि बीमा धारक सदस्य द्वारा नामांकित व्यक्ति को दी जाती है। दुर्घटना में मृत्यु होने या स्थाई रूप से पूर्ण अपंगता पर 75 हजार रूपए तथा एक आंख, एक हाथ या एक पैर नि:शक्त होने पर 37 हजार रूपए दिए जाते है। योजना के तहत बीमित सदस्य के कक्षा 9वीं से 12वीं तक अघ्ययनरत दो बच्चों को प्रतिमाह 100 रूपए की शिक्षावृत्ति देने का प्रावधान है। मृत्यु दावा प्राप्त करने के लिए मृतक के लाभार्थी को मूल मृत्यु प्रमाण-पत्र एवं भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा दिया गया प्रमाण-पत्र नोडल एजेंसी के पास जमा करना होता है। नोडल एजेंसी दावा प्रकरण स्वीकृति के लिए नजदीकी जीवन बीमा कार्यालय को भेजती है। जीवन बीमा निगम द्वारा इसका भुगतान चैक के माध्यम से किया जाता है।
दुर्घटना में मृत्यु की स्थिति में मूल प्रमाण-पत्र के अलावा पुलिस जांच रिर्पोट, पोस्ट मार्टम रिर्पोट भी जमा करना होता है। अपंगता दावा प्रकरण में दुर्घटना का दस्तावेजी प्रमाण-पत्र, सरकारी सिविल सर्जन या हड्डी रोग विशेषज्ञ द्वारा जारी चिकित्सा प्रमाण-पत्र जिसमें उपंगता का विवरण को भी जमा करना पड़ता है। शिक्षावृत्ति दावा भुगतान के लिए नोडल एजेंसी विद्यार्थियों की पहचान करती है। बीमित सदस्य जिनके बच्चे शिक्षावृत्ति के योग्य है उन्हें एक आवेदन पत्र भरकर नोडल एजेंसी के पास जमा करना होगा। नोडल एजेंसी विद्यार्थियों की सूची भारतीय जीवन बीमा निगम कार्यालय में सम्पूर्ण विवरण के साथ भेजती है।

