ग्रामीण सड़क निर्माण में समय-सीमा और गुणवत्ता का ध्यान रखें अधिकारी-श्री नेताम
कोताही बरतने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
रायपुर, 04 जनवरी 2011

पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्धारित लक्ष्य अनुसार समय-सीमा में गुणवत्ता पूर्ण सड़कों का निर्माण किया जाए। गुणवत्ता के संबंध में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में गुणवत्ता पूर्ण सड़क निर्माण के लिए अधीक्षण अभियंता जवाबदार होगे और इसमें कोताही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। श्री नेताम ने इस आशय के निर्देश आज यहां विकास भवन में आयोजित प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा बैठक में जिलों के अधीक्षण अभियंताओं को दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री सरजियस मिंज, मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना श्री पी.सी.पांडे, योजना के मानद सलाहकार श्री बी.एस.गुप्ता सहित राज्य स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
श्री नेताम ने कहा कि गुणवत्ता पूर्ण सड़कों के निर्माण के लिए सामग्री का उपयोग परीक्षण के बाद ही किया जाए। निर्माण कार्यो का प्रत्येक स्तर पर स्थल निरीक्षण करे तथा कमियों को भी दूर करवाएं। निरीक्षण की जानकारी नियमित रूप से राज्य स्तर भी भेजी जाए। गुणवत्ता समीक्षकों के निरीक्षण प्रतिवेदन के आधार पर समय-सीमा में सुधार की कार्रवाई की जाए। श्री नेताम ने कहा कि योजना के तहत सड़क निर्माण के लिए प्रदेश में जहां भी भूमि अधिग्रहण की जरूरत है वहां के प्रकरण बनाकर तत्काल स्वीकृति के लिए भेजे। बैठक में योजना के तहत पांच वर्ष के अन्तर्गत निर्मित और निर्माण के बाद पांच वर्ष पूर्ण हो चुकी सड़कों के संधारण की समीक्षा की गई। श्री नेताम ने अधीक्षण अभियंताओं को निर्देशित किया कि सड़क संधारण के लिए स्वीकृत निविदाओं के कार्य दो माह के भीतर पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने योजना के तहत शेष बसाहटों को भी बारहमासी सड़क कोर नेटवर्क से जोड़ने के लिए जल्द से जल्द विस्तृत कार्य योजना बनाने के भी निर्देश दिए।
अपर मुख्य सचिव श्री सरजियस मिंज ने कहा कि सड़के सामाजिक और आर्थिक विकास का माध्यम है। उन्होंनें अधीक्षण अभियंताओं को सड़क निर्माण में विशेष ध्यान देने और कार्य शुरू होने के समय से ही निरीक्षण करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 992 किलोमीटर लम्बाई की 242 सड़कों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। निर्माण कार्यों पर 182 करोड़ रूपए खर्च किए गए है। प्रदेश में साढ़े तीन सौ से अधिक सड़कों के संधारण के लिए निविदाए स्वीकृत की जा चुकी है।

