मजदूरी भुगतान बिजनेस करसपोन्डेट मॉडल से स्मार्ट कार्ड से भी मजदूरी भुगतान का प्रस्ताव
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत छत्तीसगढ़ में मजदूरी भुगतान के लिए प्रदेश में दस जिलों की 63 जनपद पंचायतों की एक हजार 207 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। इससे श्रमिकों को अपना पारिश्रमिक प्राप्त करने के लिए अधिक दूरी तक जाने की दिक्कत दूर होगी। यहां संबंधित क्षेत्र की बैंक शाखाओं द्वारा बिजनेस करसपोन्डेट मॉडल (बी.सी.एम.) के माध्यम से मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक द्वारा प्रदेश के दो जिलों रायपुर और जांजगीर-चांपा जिले के कुल 73 गांवों में स्मार्ट कार्ड के माध्यम से मजदूरी भुगतान के लिए प्रायोगिक परियोजना लागू करने की सहमति दी गई है। इसमें रायपुर जिले के 22 और जांजगीर चांपा जिले के 51 गांव शामिल है। बिजनेस करसपोन्डेट मॉडल के माध्यम से मजदूरी भुगतान के लिए चालू वित्तीय वर्ष में अब तक दो लाख 35 हजार 364 श्रमिकों के खाते खोले जा चुके हैं और उन्हें छह करोड़ 96 लाख 52 हजार रूपए का भुगतान किया जा चुका है।
पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि धमतरी जिले में एक्सिस बैंक द्वारा तीन जनपद पंचायतों की 120 ग्राम पंचायतों में बिजनेस करसपोन्डेट मॉडल संचालित किया जा रहा है। यहां 85 हजार 859 खाते खुल चुके हैं और छह करोड़ 04 लाख 80 हजार रूपए का मजदूरी भुगतान किया गया है। राजनांदगांव जिले में पंजाब नेशनल बैंक के द्वारा पांच जनपद पंचायतों की 112 ग्राम पंचायतों में बिजनेस करसपोन्डेट मॉडल संचालित किया जा रहा है। यहां 75 हजार 449 खाते खुल चुके हैं और दो लाख 07 हजार रूपए का मजदूरी भुगतान हो चुका है। कबीरधाम जिले में एक्सिस बैंक के द्वारा दो जनपद पंचायतों की 18 ग्राम पंचायतों में बिजनेस करसपोन्डेट मॉडल संचालित किया जा रहा है। यहां 12 हजार 752 खाते खुल चुके हैं और 69 लाख 15 हजार रूपए का मजदूरी भुगतान किया गया है। सरगुजा जिले में सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया द्वारा बिजनेस करसपोन्डेट मॉडल के माध्यम से मजदूरी भुगतान के लिए 16 जनपद पंचायतों की 111 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। यहां दस जनपद पंचायतों में 43 हजार 952 खाते खुल चुके हैं और 09 लाख 66 हजार रूपए का भुगतान किया गया है। कोरबा जिले में यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया द्वारा बिजनेस करसपोन्डेट मॉडल के माध्यम से मजदूरी भुगतान के लिए तीन जनपद पंचायतों की 25 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। जिले के एक विकासखण्ड की छह ग्राम पंचायतों में 4 हजार 494 श्रमिकों के खाते खुल चुके हैं और तीन लाख 50 हजार रूपए का मजदूरी भुगतान किया गया है।
दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले में स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया द्वारा बिजनेस करसपोन्डेट मॉडल के माध्यम से मजदूरी भुगतान के लिए सात जनपद पंचायतों की 246 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। क्षेत्र की भौगोलिक विषमता और नक्सली समस्या के बावजूद यहां 4 हजार 658 श्रमिकों के खाते खोले जा चुके हैं और दो लाख 30 हजार रूपए का मजदूरी भुगतान किया गया है। बस्तर जिले में स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया द्वारा बिजनेस करसपोन्डेट मॉडल के माध्यम से मजदूरी भुगतान के लिए 8 जनपद पंचायतों की 91 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। यहां छह हजार 200 श्रमिकों के खाते खुल चुके हैं। उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले में बिजनेस करसपोन्डेट मॉडल के माध्यम से मजदूरी भुगतान के लिए 7 जनपद पंचायतों की 386 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। यहां जनपद पंचायत कांकेर और चारामा की कुछ ग्राम पंचायतों में खाता खोलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
रायपुर जिले में बिजनेस करसपोन्डेट मॉडल के माध्यम से मजदूरी भुगतान के लिए 6 जनपद पंचायतों की 47 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। इसमें स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया द्वारा दो जनपद पंचायतों की 32 ग्राम पंचायतों और छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक द्वारा 4 जनपद पंचायतों की 15 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया द्वारा जनपद पंचायत गरियाबंद में दो हजार श्रमिकों के खाते खोले जा चुके हैं और पांच लाख पांच हजार रूपए का मजदूरी भुगतान किया गया है। छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक द्वारा जिले के 22 गांवों में स्मार्ट कार्ड के माध्यम से मजदूरी भुगतान के लिए प्रायोगिक परियोजना लागू करने की सहमति प्रदान की है। जांजगीर-चांपा जिले में छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक द्वारा बिजनेस करसपोन्डेट मॉडल के माध्यम से मजदूरी भुगतान के लिए 8 जनपद पंचायतों की 51 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक द्वारा इस जिले के 51 गांवों में स्मार्ट कार्ड के माध्यम से मजदूरी भुगतान के लिए प्रायोगिक परियोजना लागू करने की भी सहमति प्रदान की गई है।

