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सुभाष जयंती से छत्तीसगढ़ में ग्राम सभाओं का सिलसिला : हर गांव में होगी ग्राम-सभा इस माह की 23 तारीख से होगी शुरूआत

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When Jan 21, 2011
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पंचायतों के काम-काज का जनता लेगी हिसाब

रायपुर, 21 जनवरी 2011

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी और आजाद हिन्द फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर इस माह की  23 तारीख से दुर्ग जिले को छोड़कर छत्तीसगढ़ के अन्य सभी जिलों की ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं के आयोजन का सिलसिला शुरू हो जाएगा। ग्राम सभाओं में आम जनता के बीच ग्राम पंचायतों के काम-काज की समीक्षा की जाएगी। प्रत्येक ग्राम पंचायत के हर आश्रित गांव में ग्राम सभा होगी। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत को अपने आश्रित गांवों के लिए 23 जनवरी और आगे की अलग-अलग तिथि निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार ने सभी जिला पंचायतों से कहा है कि ग्राम सभाओं के आयोजन की रिपोर्ट संकलित कर 10 फरवरी तक पंचायत और समाज सेवा संचालनालय को भिजवा दी जाए। पंचायत और समाज सेवा विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि संजारी-बालौदा विधानसभा उप चुनाव के लिए लागू आदर्श आचार संहिता को ध्यान रख कर दुर्ग जिले में फिलहाल ये ग्राम सभाएं नहीं होंगी। इसके लिए वहां अलग से कार्यक्रम बनाया जाएगा। 
इन ग्राम सभाओं में पंच-सरपंचों से स्थानीय जनता अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों के काम-काज का भी हिसाब लेगी। राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ पंचायत राज (संशोधन) अधिनियम 2004 लागू करके अब प्रत्येक ग्राम पंचायत के हर आश्रित गांव में ग्रामसभा के आयोजन का प्रावधान कर दिया है। इसके पहले तक ग्राम सभाओं का आयोजन सिर्फ ग्राम पंचायत मुख्यालयों में हुआ करता था। इससे ग्राम पंचायतों के आश्रित गांवों के लोग दूरी और अन्य कारणों से ग्राम सभा में शामिल नहीं हो पाते थे। ग्रामीणों की इस कठिनाई को राज्य सरकार ने गंभीरता से महसूस कर छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा 06 में संशोधन किया है। इसके फलस्वरूप अब प्रत्येक गांव में ग्राम सभा हो रही है। वर्ष में कम से कम छह ग्राम सभाओं का आयोजन क्रमश: 20 अगस्त, 02 अक्टूबर, 26 जनवरी और 14 अप्रैल को और इसके अलावा दो और ग्राम सभा महामहिम राज्यपाल के प्रस्ताव पर जून एवं नवम्बर माह में सुविधा जनक तिथियों में अनिवार्य रूप से करने के निर्देश हैं।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्राम सभा वर्ष के दौरान शासन द्वारा निर्धारित तिथियों में ग्राम सभा का आयोजन करने के लिए पूर्व से ही निर्देश दिए जा चुके हैं। आगामी 23 जनवरी से आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में ग्राम पंचायतों के बकायादार, पूर्व और वर्तमान पदाधिकारियों सहित बकायादार अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची भी जनता को पढ़ कर सुनाई जाएगी। इसके अलावा चालू वित्तीय वर्ष 2010-11 में ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराई गई शासकीय राशि तथा आय और व्यय का ब्यौरा भी पेश करते हुए जनता से उसका अनुमोदन कराया जाएगा। परिपत्र के अनुसार ग्राम सभाओं के आयोजन के लिए जनपद पंचायतों के स्तर पर एक समय सारिणी इस प्रकार तैयार की जाएगी, जिससे किसी एक निर्धारित दिवस पर किसी ग्राम पंचायत के एक ही गांव में उसका आयोजन हो सके। अर्थात प्रत्येक ग्राम पंचायत के हर आश्रित गांव में ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा। इस प्रकार की व्यवस्था करने से ग्राम पंचायतों के सरपंच और सचिव प्रत्येक ग्राम सभा में आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे। ग्राम सभाओं के आयोजन के लिए जिला कलेक्टरों को जरूरत के अनुसार स्थानीय स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम सभाओं में स्थानीय ग्रामीणों की उपस्थिति में विचार-विमर्श के लिए विभिन्न बिन्दुओं पर मुद्दे निर्धारित किए गए हैं। इनमें सबसे पहले ग्राम सभा की पिछली बैठकों में पारित संकल्पों के क्रियान्वयन का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। विकास योजना को निश्चित दिशा प्रदान करने के लिए ग्राम पंचायत की वार्षिक कार्य योजना 2011-12 पर विचार विर्मश किया जाएगा। ग्रामों में स्वच्छता, सफाई रखने और घरों में स्वच्छ शौचालय निर्माण करने पर विचार होगा। पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि योजना के तहत वर्ष 2009-10 और 2010-11 तक स्वीकृत कार्यो, उसकी लागत और निर्माण कार्यो पर किए गए व्यय का अनुमोदन के साथ ही इसके उपयोगिता प्रमाण पत्र जारी करने का प्रस्ताव पारित किया जाएगा। सार्वजनिक स्वच्छता और सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत घरों में निर्मित और निर्माणाधीन पक्के शौचालयों और उनके स्वीकृत प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा भी ग्राम सभाओं में की जाएगी। वित्तीय वर्ष 2010-11 में ग्राम पंचायतों को उपलब्ध करायी गई राशि की आय-व्यय की मदवार जानकारी प्रस्तुत कर ग्राम सभा से अनुमोदन कराया जाएगा। ग्राम सभाओं में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत ग्राम पंचायतों में ग्रामीण परिवारों द्वारा रोजगार की गांग तथा उपलब्ध कराए गए रोजगार की स्थिति की समीक्षा होगी और इस योजना के तहत समय-समय पर जारी शासकीय दिशा निर्देशों का ब्यौरा भी ग्रामीणों को पढ़ कर सुनाया जाएगा। ग्राम पंचायतों द्वारा लगाए गए करों की वसूली और बकाया करों की ताजा स्थिति की भी समीक्षा होगी और नए कर लगाने के लिए संभावित विषय वस्तु को भी ग्राम सभा में सूची बध्द किया जाएगा। विभिन्न प्रकार के मेलों के आयोजन, बाजार और कांजी हाउस स्थापना, समाज कल्याण विभाग की विभिन्न पेंशन योजनाओं पर भी ग्राम सभा में समीक्षात्मक चर्चा की जाएगी।
ग्राम सभा की बैठक में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की जानकारी भी ग्रामीणों को दी जाए और इस अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनों पर की गई कार्रवाई तथा लंबित तथा अपीलीय प्रकरणों का ब्यौरा भी वहां रखा जाए। पंचायतों के जिन पूर्व और वर्तमान पदाधिकारियों सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों से पंचायतों का हिसाब लेना है अथवा इनमें से जिन पर ग्राम पंचायतों की राशि बकाया है, उनके नाम भी ग्राम सभाओं में पढ़ कर सुनाए जाएंगे। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न पेंशन योजनाओं का सामाजिक अंकेक्षण और हितग्राहियों का वार्षिक सत्यापन की कार्रवाई भी होगी। ग्राम पंचायतों में संचालित स्वामी आत्मानंद वाचनालयों की पुस्तकें ग्रामीणों को पढ़ने के लिए उपलब्ध कराने के बारे में भी ग्राम सभा में चर्चा होगी। विकास योजना को निश्चित दिशा प्रदान करने के लिए वार्षिक योजना 2011-12 पर विचार-विमर्श किया जाएगा। विशेष तौर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, कृषि, मछली पालन, पशु पालन, उद्यानिकी, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना और अन्य मत्वपूर्ण योजनाओं की वार्षिक योजना तैयार की जाएगी। इसके आधार पर संबंधित विभागों के अधिकारी प्रारूप तैयार कर प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा कलेक्टर, जिला पंचायत, जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत द्वारा स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रख कर अन्य विषय वस्तु भी ग्राम सभा की कार्य सूची में शामिल की जा सकेगी। ग्राम सभाओं के आयोजन के बारे में ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार करवाने भी कहा गया हैं।

क्रमांक-5807/चतुर्वेदी

 

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