निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर होगी कठोर कार्रवाई
प्रमुख सचिव श्री ढांड ने की विभागीय योजनाओं की समीक्षा

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पूर्व में स्वीकृत कार्यों को छह माह बीत जाने के बाद भी प्रारंभ नहीं करने वाले ठेकेदारों को ब्लेक लिस्टेड किया जाएगा। यदि ये ठेकेदार शासन के अन्य विभागों में भी निर्माण कार्य में लगे हों तो वहां से भी उन पर कार्रवाई करते हुए राशि वसूल किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री विवेक ढांड ने आज यहां विकास भवन में ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिए। श्री ढांड ने छत्तीसगढ़ को सूखे से निजात दिलाने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत ज्यादा से ज्यादा जल संरक्षण और जल संवर्धन के कार्यों को लेने कहा है। उन्होंने राज्य के प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम एक निर्माण कार्य शुरू करने और इनमें ज्यादा से ज्यादा मजदूरों को रोजगार मुहैया कराने के निर्देष भी दिए।
प्रमुख सचिव ने बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जिलेवार गहन समीक्षा की। बैठक में चौदह जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के अलावा भारतीय डाक सेवाओं के छत्तीसगढ़ वृत्ता के निदेषक राज्य स्तरीय बैंकर्स सलाहकार समिति के समन्वयक और भारतीय जीवन बीमा निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना से समीक्षा करते हुए हुए श्री ढांड ने इस योजना के तहत मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मंषा के अनुरूप जल संरक्षण और जल संवर्धन के कार्यों को प्राथमिकता से लेने को कहा। उन्होंने कहा कि वर्षा जल का संरक्षण वर्तमान समय की जरूरत है और इसे केवल लक्ष्य पूर्ति के लिए नहीं बल्कि मिषन भावना से पूरा करना चाहिए। उन्होंने इस योजना के अंतर्गत वर्तमान में नियोजित दस लाख 76 हजार श्रमिक प्रतिदिन की संख्या को अपर्याप्त बताते हुए इसे और बढ़ाने के निर्देश दिए। श्री ढांड ने मजदूरी भुगतान की भी समीक्षा की और समय पर भुगतान सुनिष्चित करने के लिए अनेक दिषा-निर्देष दिए।
बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़क निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए टेन्डर जारी करने से लेकर स्वीकृति और सत्यापन करने के अधिकार का विकेन्द्रीकरण करने का फैसला लिया गया। इसके फलस्वरूप अब साढ़े सात करोड़ रुपए से अधिक के सड़क निर्माण कार्य ही मंजूरी के लिए मंत्रालय भेजे जाएंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनी सड़कों के मरम्मत के लिए बीस लाख रुपए तक के प्राक्कलन स्वीकृति का कार्य भी कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित परियोजना क्रियान्वयन समिति को सौंपा जाएगा। श्री ढांड ने आम आदमी बीमा योजना का लाभ प्रदेश के सभी पात्र हितग्राहियों को दिलाने के लिए अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। इस योजना के तहत प्रदेश के गांव में रहने वाले छह लाख 26 हजार भूमिहीन परिवारों का नि:शुल्क बीमा किया जाना है। किन्तु अभी तक महज तीन लाख 33 हजार हितग्राहियों का ही बीमा कराया जा सका है। इस योजना के अंतर्गत बीमित परिवार के मुखिया की सामान्य मौत होने पर आश्रित को 30 हजार रुपए और दुर्घटना मृत्यु होने पर 75 हजार रुपए दिया जाता है। प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में एकीकृत कार्ययोजना, पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि, तेरहवें विता आयोग, राष्ट्रीय सम विकास योजना आदि की विस्तार से समीक्षा की गई। इस अवसर पर श्री आलोक अवस्थी संचालक पंचायत एवं समाज कल्याण, सुश्री शहला निगार आयुक्त मनरेगा, श्री देवाशीष दास विशेष सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास उपस्थित थे।

