परियोजना राशि के दुरूपयोग पर आपराधिक मामले दर्ज होंगे - श्री नेताम
पाल परियोजना सलाहकार मण्डल की बैठक
परम्परागत कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहित करने के निर्देश
रायपुर, 01 मई 2010

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री और सरगुजा जिले के प्रभारी श्री रामविचार नेताम ने कहा है कि एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना के तहत मिलने वाली राशि से गुणवत्तायुक्त कार्य होने चाहिए। इस राशि के दुरूपयोग पर संबंधित निर्माण एजेंसियाें के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किये जायेंगे। श्री नेताम ने आज सरगुजा जिले के तहसील मुख्यालय रामानुजगंज में आयोजित पाल एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना के सलाहकार मण्डल की बैठक में इस संबंध में अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। श्री नेताम की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में विशेष केन्द्रीय सहायता एवं संविधान के अनुच्छेद 275 (1) के अन्तर्गत स्वीकृत कार्यो के प्रगति की समीक्षा एवं आगामी कार्य योजना के प्रस्तावों पर चर्चा की गई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा नेताम, सामरी विधायक श्री सिध्दनाथ पैकरा, प्रतापपुर विधायक डॉ प्रेमसाय सिंह सहित परियोजना सलाहकार मण्डल के सदस्य एवं विभिन्न विभागाें के अधिकारी उपस्थित थे।
श्री नेताम ने बैठक में वर्ष 2008-09 एवं पूर्व वर्ष के अपूर्ण रहे कार्यो की समीक्षा करते हुए संबंधित निर्माण एजेंसियाें को प्राथमिकता से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने पाल परियोजना के अन्तर्गत आने वाले रामचन्द्रपुर, वाड्रफनगर, बलरामपुर, शंकरगढ़ और कुसमी विकासखण्ड में परम्परागत काष्ठकला एवं अन्य कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए स्व-सहायता समूहों को जोड़ने के निर्देश दिये हैं। साथ ही स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित सामग्रियाें की प्रदर्शनी और बिक्री के लिए जनपद पंचायत कार्यालयों में एक पृथक कक्ष में रखने कहा है। इससे अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी और वे स्व-रोजगार के लिए प्रेरित होंगे। श्री नेताम ने सायकल मरम्मत प्रशिक्षण के स्थान पर मोटर सायकल मरम्मत प्रशिक्षण को लिये जाने का सुझाव दिया है। साथ ही युवाआें को टेन्ट-सह-केटरिंग व्यवसाय से जोड़ने कहा। महिलाओं के स्व-सहायता समूहों को आचार, पापड़, बड़ी और रेडी टू ईट कार्यक्रम से जोड़ने कहा है। उन्होंने कई स्कूलों में पूर्व में बने सेप्टिक टैंक के खराब होने की जानकारी मिलने पर लोक निर्माण और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को 15 दिन में संयुक्त रिपोर्ट देने के निर्देश दिये हैं। श्री नेताम ने सलाहकार मण्डल के सदस्याें से वर्ष 2010-11 के लिए अपने प्रस्ताव 8 मई तक जमा करने कहा है। बैठक में वर्ष 2009-10 के पूंजीगत मद के तहत प्राप्त 83 लाख रूपये की राशि में से कृषि एवं अधोसंरचना के कार्यो का अनुमोदन किया गया। राजस्व मद के तहत प्राप्त 194 लाख रूपये की राशि से कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य, कौशल विकास कार्यो का अनुमोदन किया गया। संविधान के अनुच्छेद 275(1) के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2009-10 के स्वीकृत कार्यो का अनुमोदन किया गया। इसके अन्तर्गत लगभग 85 लाख रूपये के शैक्षणिक अधोसंरचना के कार्यो का अनुमोदन किया गया।
श्री नेताम ने बैठक में वर्ष 2008-09 एवं पूर्व वर्ष के अपूर्ण रहे कार्यो की समीक्षा करते हुए संबंधित निर्माण एजेंसियाें को प्राथमिकता से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने पाल परियोजना के अन्तर्गत आने वाले रामचन्द्रपुर, वाड्रफनगर, बलरामपुर, शंकरगढ़ और कुसमी विकासखण्ड में परम्परागत काष्ठकला एवं अन्य कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए स्व-सहायता समूहों को जोड़ने के निर्देश दिये हैं। साथ ही स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित सामग्रियाें की प्रदर्शनी और बिक्री के लिए जनपद पंचायत कार्यालयों में एक पृथक कक्ष में रखने कहा है। इससे अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी और वे स्व-रोजगार के लिए प्रेरित होंगे। श्री नेताम ने सायकल मरम्मत प्रशिक्षण के स्थान पर मोटर सायकल मरम्मत प्रशिक्षण को लिये जाने का सुझाव दिया है। साथ ही युवाआें को टेन्ट-सह-केटरिंग व्यवसाय से जोड़ने कहा। महिलाओं के स्व-सहायता समूहों को आचार, पापड़, बड़ी और रेडी टू ईट कार्यक्रम से जोड़ने कहा है। उन्होंने कई स्कूलों में पूर्व में बने सेप्टिक टैंक के खराब होने की जानकारी मिलने पर लोक निर्माण और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को 15 दिन में संयुक्त रिपोर्ट देने के निर्देश दिये हैं। श्री नेताम ने सलाहकार मण्डल के सदस्याें से वर्ष 2010-11 के लिए अपने प्रस्ताव 8 मई तक जमा करने कहा है। बैठक में वर्ष 2009-10 के पूंजीगत मद के तहत प्राप्त 83 लाख रूपये की राशि में से कृषि एवं अधोसंरचना के कार्यो का अनुमोदन किया गया। राजस्व मद के तहत प्राप्त 194 लाख रूपये की राशि से कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य, कौशल विकास कार्यो का अनुमोदन किया गया। संविधान के अनुच्छेद 275(1) के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2009-10 के स्वीकृत कार्यो का अनुमोदन किया गया। इसके अन्तर्गत लगभग 85 लाख रूपये के शैक्षणिक अधोसंरचना के कार्यो का अनुमोदन किया गया।
क्रमांक-604/चतुर्वेदी

