पंचायत मंत्री श्री नेताम ने किया विद्युत उपकेन्द्रों का लोकार्पण
इलाके में 51 गांवों को मिली कम वोल्टेज की समस्या से मुक्ति
रायपुर 03 मई 2010

पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने सरगुजा जिले के सुदूरवर्ती रामचन्द्रपुर और डिण्डो में लगभग दो करोड़ तीस लाख रूपए की लागत से निर्मित 33/11 केव्ही क्षमता के विद्युत उपकेन्द्रों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इन विद्युत उपकेन्द्रों के बन जाने से इस क्षेत्र के पचास से भी अधिक गांवों के हजारों लोगों को बिजली के कम वोल्टेज की समस्या से मुक्ति मिली है। यह इस क्षेत्र की एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
श्री नेताम ने कहा कि इन उपकेन्द्रों के जरिए अब इस इलाके में पर्याप्त वोल्टेज के साथ बिजली मिलेगी। इससे किसानों के सिंचाई पम्प आसानी से चलेंगे और छात्र-छात्राओं को भी घरों और छात्रावासों में बिजली की पर्याप्त रोशनी मिलेगी। पंचायत मंत्री श्री नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर के गांवों तक बिजली के जरिए विकास की रोशनी पहुंचाने के लिए वचनबध्द है। मुख्यमंत्री स्वयं ऊर्जा विभाग के प्रभारी भी हैं। डॉ. रमन सिंह ने इस आदिवासी बहुल क्षेत्र के रामचन्द्रपुर और डिण्डो में बिजली के कम वोल्टेज की समस्या के समाधान के लिए विद्युत उपकेन्द्रों के निर्माण की मंजूरी दी थी। श्री नेताम ने इसके लिए क्षेत्र की जनता की ओर से मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि रामचन्द्रपुर के विद्युत उपकेन्द्र का निर्माण एक करोड़ 49 लाख 43 हजार रूपए और डिण्डो में 80 लाख 66 हजार रूपए की लागत से किया गया है। रामचन्द्रपुर के उपकेन्द्र से 27 गांवों और डिण्डो के उपकेन्द्र से 24 गांवों को कम वोल्टेज की परेशानी से छुटकारा मिल गया है। रामचन्द्रपुर उपकेन्द्र शुरू होने से पहले अब तक आस पास के गांवों में धमनी स्थित 33/11 केव्ही. उपकेन्द्र से निकली 11 केव्ही. फीडर लाईन के जरिए बिजली मिलती थी। फीडर लाईन की लम्बाई अधिक होने के कारण इस क्षेत्र में कम वोल्टेज एवं विद्युत व्यवधान की समस्या थी। इसके निराकरण के लिए राज्य सरकार से मिली स्वीकृति के आधार पर छत्तीसगढ़ विद्युत कम्पनी ने रामचन्द्रपुर में नये विद्युत उपकेन्द्र निर्माण किया। इसके जरिए विद्युत आपूर्ति भी शुरू हो गयी है। इसी तरह विकासखण्ड वाड्रफनगर में ग्राम डिण्डो में विद्युत उपकेन्द्र बनने से पहले आसपास के गांवों को वाड्रफनगर के 33/11 केव्ही उपकेन्द्र के जरिए 11 केव्ही बसंतपुर फीडर लाईन से बिजली मिलती थी। इस फीडर लाईन की लम्बाई अत्यधिक होने के कारण इस क्षेत्र में भी कम वोल्टेज और विद्युत व्यवधान की समस्या थी। राज्य सरकार ने इस समस्या को देखते हुए जनता को राहत पहुंचाने के लिए डिण्डो में 80 लाख 66 हजार रूपए की लागत से नये विद्युत उपकेन्द्र निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृत किया। छत्तीसगढ़ विद्युत कम्पनी द्वारा डिण्डो में भी उपकेन्द्र का निर्माण तेजी से पूरा कर लिया गया। लोकार्पण कार्यक्रम को जिला पंचायत अध्यक्ष सरगुजा श्रीमती पुष्पा नेताम ने भी संबोधित किया।
छत्तीसगढ़ विद्युत कम्पनी के अधीक्षण अभियंता श्री व्ही.आर.मौर्य ने इस अवसर पर बताया कि सरगुजा जिले के दूरस्थ क्षेत्रों प्रतापपुर, वाड्रफनगर, रामचन्द्रपुर, बलरामपुर, रामानुजगंज, ओड़गी, कुसमी एवं शंकरगढ़ के गांवों में कम वोल्टेज की समस्या के निराकरण के लिए रामानुजगंज विकासखण्ड के तातापानी में 132/33 केव्ही. के उपकेन्द्र की स्थापना का कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा प्रतापपुर में भी 132/33 केव्ही उपकेन्द्र की स्थापाना की स्वीकृति प्राप्त हो गई है। साथ ही विश्रामपुर में 220/132 केव्ही. उपकेन्द्र के स्थापना का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है।

