बी.आर.जी.एफ. की वार्षिक कार्य-योजनाओं का अनुमोदन
20 मई तक सुनिश्चित करने के निर्देश
अपर मुख्य सचिव की वीडियो कान्फ्रेंसिंग
रायपुर, 04 मई 2010

अपर मुख्य सचिव श्री सरजियस मिंज ने आज यहां मंत्रालय स्थित राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र से वीडियो कान्फ्रेंसिंग द्वारा जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से सम्पर्क कर पिछड़ा क्षेत्र अनुदान कोष (बी.आर.जी.एफ) योजना के अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष 2010-11 की वार्षिक कार्य-योजना की तैयारियों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को 20 मई तक इन समितियों की बैठकों में इस वार्षिक कार्य-योजना को अनुमोदित कराने के निर्देश दिए। श्री मिंज ने क्षमता विकास निधि और विकास अनुदान के तहत स्वीकृत राशि के कार्यों के उपयोगिता प्रमाण-पत्र भी जल्द से जल्द संचालक पंचायत कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि बी.आर.जी.एफ की इस प्रस्तावित वार्षिक कार्य-योजना में अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लिए खर्च की जाने वाली राशि का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाए। कार्य-योजना में प्रत्येक जिले का विकास लक्ष्य स्पष्ट रूप से लिखना चाहिए। कार्य-योजना में पिछड़ेपन के सभी निर्धारित मापदंडों के कार्यों को शामिल किया जाए। कोशिश यह करें कि आम जनता को समय पर लाभ मिले। उन्होंने कहा कि क्षमता विकास ग्रामीण विकास की योजनाओं में महत्वपूर्ण है, इसके बिना विकास की अवधारणा फलीभूत नहीं होगी। इसमें किसी भी प्रकार की ढ़िलाई नहीं होनी चाहिए। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष की कार्य-योजना पिछले वर्ष की धनराशि का तुलना में डेढ़ गुना अधिक बनायी जाए। छत्तीसगढ़ में योजना के तहत शामिल जिलों में वर्ष 2010-11 के लिए कुल 2857 करोड़ 95 लाख रूपए की प्रस्तावित कार्य-योजना तैयार की गयी है।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि जिला पंचायतों से बी.आर.जी.एफ की प्रस्तावित वार्षिक कार्य-योजना प्राप्त होने पर राज्य स्तरीय सशक्त समिति द्वारा उसका परीक्षण किया जाएगा और तद्नुसार जिलों को राशि जारी की जाएगी। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में विभिन्न जिलों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों ने अपर मुख्य सचिव को जिला पंचायतों की इन प्रस्तावित वार्षिक कार्य-योजनाओं की तैयारी की जानकारी दी। कोरिया, सरगुजा, जशपुर, कोरबा, महासमुंद, धमतरी, बिलासपुर, रायगढ़, बस्तर, राजनांदगांव, कबीरधाम, कांकेर और दंतेवाड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों ने बताया कि उनकी जिला पंचायतों में वर्ष 2010-11 की वार्षिक कार्य-योजना का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के दो नवगठित जिलों - बीजापुर और नारायणपुर की जिला पंचायतों में भी बी.आर.जी.एफ की विशेष कार्य-योजना अलग से तैयार की जाए।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि बी.आर.जी.एफ की इस प्रस्तावित वार्षिक कार्य-योजना में अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लिए खर्च की जाने वाली राशि का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाए। कार्य-योजना में प्रत्येक जिले का विकास लक्ष्य स्पष्ट रूप से लिखना चाहिए। कार्य-योजना में पिछड़ेपन के सभी निर्धारित मापदंडों के कार्यों को शामिल किया जाए। कोशिश यह करें कि आम जनता को समय पर लाभ मिले। उन्होंने कहा कि क्षमता विकास ग्रामीण विकास की योजनाओं में महत्वपूर्ण है, इसके बिना विकास की अवधारणा फलीभूत नहीं होगी। इसमें किसी भी प्रकार की ढ़िलाई नहीं होनी चाहिए। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष की कार्य-योजना पिछले वर्ष की धनराशि का तुलना में डेढ़ गुना अधिक बनायी जाए। छत्तीसगढ़ में योजना के तहत शामिल जिलों में वर्ष 2010-11 के लिए कुल 2857 करोड़ 95 लाख रूपए की प्रस्तावित कार्य-योजना तैयार की गयी है।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि जिला पंचायतों से बी.आर.जी.एफ की प्रस्तावित वार्षिक कार्य-योजना प्राप्त होने पर राज्य स्तरीय सशक्त समिति द्वारा उसका परीक्षण किया जाएगा और तद्नुसार जिलों को राशि जारी की जाएगी। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में विभिन्न जिलों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों ने अपर मुख्य सचिव को जिला पंचायतों की इन प्रस्तावित वार्षिक कार्य-योजनाओं की तैयारी की जानकारी दी। कोरिया, सरगुजा, जशपुर, कोरबा, महासमुंद, धमतरी, बिलासपुर, रायगढ़, बस्तर, राजनांदगांव, कबीरधाम, कांकेर और दंतेवाड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों ने बताया कि उनकी जिला पंचायतों में वर्ष 2010-11 की वार्षिक कार्य-योजना का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के दो नवगठित जिलों - बीजापुर और नारायणपुर की जिला पंचायतों में भी बी.आर.जी.एफ की विशेष कार्य-योजना अलग से तैयार की जाए।
क्रमांक- 649/चतुर्वेदी

