स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना : आगामी वित्तीय वर्ष में 67 हजार से अधिक बी.पी.एल. परिवारों को लाभान्वित करने का लक्ष्य
रायपुर, 18 मार्च 2011
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन कर रहे परिवारों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने और उनकी आय में वृध्दि के लिए बैंक ऋण एवं शासन की ओर से अनुदान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना संचालित की जा रही है। आगामी वित्तीय वर्ष 2011-12 में केन्द्र शासन से इस योजना के तहत 72 करोड़ 98 लाख रूपए प्राप्त होने की संभावना है, जिसके विरूध्द राज्यांश के लिए बजट में 29 करोड़ एक लाख 43 हजार रूपए का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत आगामी वित्तीय वर्ष में 67 हजार नौ सौ 95 गरीबी रेखा श्रेणी के परिवारों को लाभान्वित किए जाने का लक्ष्य है।
स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत केन्द्र शासन द्वारा 75 प्रतिशत और राज्य शासन द्वारा 25 प्रतिशत राशि उपलब्ध करायी जाती है। चालू वित्तीय वर्ष 2010-11 में माह जनवरी 2011 तक कुल उपलब्ध राशि 77 करोड़ 47 लाख रूपए के विरूध्द 52 करोड़ 93 लाख रूपए खर्च किए किए जा चुके है, जो उपलब्ध राशि का 68 प्रतिशत है। चालू वित्तीय वर्ष में योजना के तहत 61 हजार आठ सौ 14 हितग्राहियों को लाभान्वित किए जाने का लक्ष्य है। जनवरी 2011 तक 39 हजार 624 हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा चुका है, जो निर्धारत लक्ष्य का 64 प्रतिशत है। लाभान्वित हितग्राहियों में अनुसूचित जाति और जनजाति के 59 प्रतिशत हितग्राही शामिल है।
स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना की विशेष परियोजना के तहत छत्तीसगढ़ में कौशल उन्नयन के लिए केन्द्र द्वारा 13 परियोजनाएं स्वीकृत की गई है। इसके अलावा राज्य के प्रत्येक जिले में लीड बैंक के सहयोग से गरीबी रेखा श्रेणी के हितग्राहियों को प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जा रही है। अब तक प्रदेश के 15 जिलों में प्रशिक्षण प्रारंभ किया जा चुका है। इसमें एक हजार 469 गरीबी रेखा श्रेणी के हितग्राहियों को विभिन्न रोजगार मूलक व्यवसायों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी रेखा श्रेणी के परिवारों द्वारा उत्पादित सामग्रियों के विक्रय के लिए प्रत्येक जिले में तीन-तीन ग्रामीण हाट की स्थापना की जा रही है।
स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत केन्द्र शासन द्वारा 75 प्रतिशत और राज्य शासन द्वारा 25 प्रतिशत राशि उपलब्ध करायी जाती है। चालू वित्तीय वर्ष 2010-11 में माह जनवरी 2011 तक कुल उपलब्ध राशि 77 करोड़ 47 लाख रूपए के विरूध्द 52 करोड़ 93 लाख रूपए खर्च किए किए जा चुके है, जो उपलब्ध राशि का 68 प्रतिशत है। चालू वित्तीय वर्ष में योजना के तहत 61 हजार आठ सौ 14 हितग्राहियों को लाभान्वित किए जाने का लक्ष्य है। जनवरी 2011 तक 39 हजार 624 हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा चुका है, जो निर्धारत लक्ष्य का 64 प्रतिशत है। लाभान्वित हितग्राहियों में अनुसूचित जाति और जनजाति के 59 प्रतिशत हितग्राही शामिल है।
स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना की विशेष परियोजना के तहत छत्तीसगढ़ में कौशल उन्नयन के लिए केन्द्र द्वारा 13 परियोजनाएं स्वीकृत की गई है। इसके अलावा राज्य के प्रत्येक जिले में लीड बैंक के सहयोग से गरीबी रेखा श्रेणी के हितग्राहियों को प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जा रही है। अब तक प्रदेश के 15 जिलों में प्रशिक्षण प्रारंभ किया जा चुका है। इसमें एक हजार 469 गरीबी रेखा श्रेणी के हितग्राहियों को विभिन्न रोजगार मूलक व्यवसायों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी रेखा श्रेणी के परिवारों द्वारा उत्पादित सामग्रियों के विक्रय के लिए प्रत्येक जिले में तीन-तीन ग्रामीण हाट की स्थापना की जा रही है।
क्रमांक- 6603/चतुर्वेदी

