इंदिरा आवास योजना : छत्तीसगढ़ में बनेंगे 37 हजार से ज्यादा मकान
रायपुर 09 मई, 2011
छत्तीसगढ़ में इंदिरा आवास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2011-12 में ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत गरीबी रेखा श्रेणी के 37 हजार 466 आवासहीन परिवारों के लिए मकान बनाए जाएंगे। आवास निर्माण के लिए 174 करोड़ 77 लाख रूपए उपलब्ध कराए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2010 से सामान्य क्षेत्र में इंदिरा आवास निर्माण के लिए हितग्राहियों को 45 हजार रूपए और नक्सल प्रभावित जिलों में 48 हजार 500 रूपए का अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। हितग्राहियों को राशि दो किश्तों में बैंक या पोस्ट आफिस के खातों के माध्यम से प्रदान की जाती है। इसके अलावा योजना के 25 प्रतिषत हितग्राहियों को बड़े और अच्छे आवास निर्माण के लिए 4 प्रतिषत की दर से बीस हजार रूपए तक का बैंक ऋण भी उपलब्ध कराया जाता है।
पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि प्रदेश के जिला बिलासपुर तीन हजार 808, धमतरी में 792, दुर्ग में दो हजार 422, जांजगीर-चांपा में दो हजार 724, जशपुर में एक हजार 600, उत्तर बस्तर (कांकेर) में एक हजार 10, कबीरधाम में एक हजार 15, कोरबा में एक हजार 265, कोरिया में एक हजार 94, महासमुंद में एक हजार 624, रायगढ़ में तीन हजार 367 रूपए, रायपुर में तीन हजार 813, राजनांदगांव में एक हजार 628 और सरगुजा जिले में चार हजार 628 इंदिरा आवास निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना के तहत गरीबी रेखा श्रेणी वाले अनुसूचित जाति और जनजाति के आवासहीन परिवारों को कम से कम 60 प्रतिशत तक एवं नि:शक्तजनों को 3 प्रतिशत, अल्पसंख्यक वर्ग के हितग्राहियों को 15 प्रतिशत तक लाभांवित किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आवास महिला मुखिया या पति-पत्नि दोनों के संयुक्त नाम से आबंटित किया जाता है। आवास का निर्माण स्वयं हितग्राही द्वारा किया जाता है। आवास का क्षेत्रफल कम से कम 20 वर्गमीटर होता है। आवास में स्वच्छ शौचालय, धुआं रहित चूल्हा एवं राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत बिजली की व्यवस्था के भी प्रावधान है। हितग्राहियों का चयन इंदिरा आवास की स्थाई प्रतिक्षा सूची से बढ़ते क्रम में किया जाता है।

