महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना : छत्तीसगढ़ में 23 लाख से अधिक परिवारों को मिला रोजगार
रायपुर, 25 मार्च 2011
छत्तीसगढ़ में संचालित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष में फरवरी माह तक 23 लाख 17 हजार परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। योजना के तहत पंजीकृत 39 लाख परिवारों में से 23 लाख 20 हजार परिवारों द्वारा रोजगार की मांग की गई। फरवरी माह तक एक लाख 11 हजार 592 परिवारों को सौ दिवस का रोजगार मिल चुका है।
पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में फरवरी माह तक स्वीकृत एक लाख 45 हजार 877 कार्यो में से 75 हजार 441 पूर्ण हो चुके है और 70 हजार 436 कार्य प्रगति पर है। योजना के तहत जल संरक्षण और संवर्घन के स्वीकृत आठ हजार 758 कार्यो में से चार हजार 507 पूर्ण हो चुके और चार हजार 251 कार्य प्रगति पर है। सूखा उन्मूलन के स्वीकृत छह हजार 138 कार्यो में से तीन हजार 360 पूर्ण कर लिए गए है और दो हजार 778 प्रगति पर है। लधु सिंचाई के स्वीकृत दो हजार 456 कार्यो में से 679 पूर्ण हो चुके है और एक हजार 777 प्रगति पर है। परम्परागत जल स्त्रोतों के पुनर्निर्माण के स्वीकृत तेरह हजार 878 कार्यो में से सात हजार 294 पूर्ण हो चुके है और छह हजार 584 प्रगति पर है। भूमि सुधार के स्वीकृत 23 हजार 734 कार्यो में से दस हजार 810 पूर्ण हो चुके है और बारह हजार 924 प्रगति पर है। बाढ़ नियंत्रण के स्वीकृत 892 कार्यो में से 423 पूर्ण हो चुके है और 469 प्रगति पर है। ग्रामीण सड़क मार्ग निर्माण के स्वीकृत 25 हजार 348 कार्यो में से दस हजार 591 पूर्ण हो चुके है और 14 हजार 757 प्रगति पर है। अनुसूचित जाति, जनजाति, भूमि सुधार और इंदिरा आवास के हितग्राहियों की जमीन पर सिंचाई साधन विकसित करने के लिए स्वीकृत 64 हजार 570 कार्यो में से 7 हजार 776 पूर्ण हो चुके है और 26 हजार 794 प्रगति पर है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत फरवरी माह तक उपलब्ध राशि दो हजार 52 करोड़ में से एक हजार 340 करोड़ 47 लाख रूपए खर्च किए गए है। इसमें मजदूरी भुगतान पर 965 करोड़ 57 लाख रूपए और 322 करोड़ 85 लाख रूपए सामग्री पर व्यय हुए है। निर्माण कार्यो से 944.49 लाख मानव दिवस सृजित हुए है, जिसमें महिलाओं के लिए सृजित 456.41 लाख दिवस शामिल है। फरवरी माह तक 63 लाख 78 हजार 673 श्रमिकों के खाते बैंक और डाकघरों में खोले जा चुके है। इसमें बैंक शाखाओं में 25 लाख 85 हजार 368 और डाकघरों में 37 लाख 93 हजार 305 खाते खोले गए है।

