महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना : बैंकों-डाकघरों से मजदूरी भुगतान के लिए समयबध्द प्रक्रिया निर्धारित
रायपुर 11 मई, 2011
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत बैंकों और डाकघरों से मजदूरी भुगतान के लिए छत्तीसगढ़ में पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा समयबध्द कार्य संचालन की दृष्टि से प्रक्रिया निर्धारित की गई है। इन व्यवस्थाओं को लागू करने के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय कर दी गयी है। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री विवेक ढांड ने सभी जिला कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को यहां मंत्रालय से परिपत्र भेजकर निर्धारित प्रक्रियाओ का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
परिपत्र में कहा गया है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत संचालित कार्यो में मेट व्यवस्था, मस्टर रोल की प्रविष्टि व मूल्यांकन, समयबध्द एम.आई.एस.एन्ट्री, वेज लिस्ट, वेज स्लिप और धनादेश संबंधित बैंक या डाकघरों में भेजकर खातों से मजदूरी भुगतान समय-सीमा में करने और निगरानी पंजी का संधारण सुनिष्चित किया जाए। जिला कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से कहा गया है कि खातों से मजदूरी भुगतान के लिए समयबध्द कार्य और प्रक्रियाओं को इस प्रकार लागू किया जाए :-
जिले के प्रत्येक जनपद पंचायतों के ग्राम पंचायतों को इस प्रकार विभाजित किया जाए जिससे एक डाकघर अथवा बैंक शाखा में आने वाले ग्राम पंचायतों में कार्य प्रारंभ करने की तिथि अलग-अलग हो, जिससे सप्ताह के सभी सात दिवसों में कार्य प्रारंभ किया जा सके। जिसमें छह लगातार कार्य दिवसों के उपरांत अनिवार्य रूप से एक दिन का अवकाश रखा जाए। प्रत्येक कार्य में संलग्न निर्धारित मेट द्वारा पंजी प्रतिदिवस कार्य समाप्ति तक अनिवार्यत: अद्यतन प्रविष्ट किया जाएं, जिसका प्रतिदिन मिलान मास्टर रोल से किया जावें। कार्य प्रारंभ के छह दिवस उपरांत अनिवार्यत: मस्टर रोल बंद किया जाए और रोजगार सहायक द्वारा 24 घण्टे के भीतर एम.आई.एस. एंट्री हेतु जनपद मुख्यालय में पावती प्राप्त कर जमा की जाए। जनपद पंचायतों के तकनीकी सहायक, उप अभियंता का क्षेत्र भ्रमण ग्राम पंचायतों के कार्य प्रारंभ दिवस अनुसार निर्धारित किया जावें तथा क्षेत्र भ्रमण के दौरान चल रहे कार्यों में संधारित की जा रही मेट पंजी, मस्टर रोल की जांच व कार्य की माप का मूल्यांकन कर मेट पंजी से मिलान किया जाए। यह कार्य अनिवार्यत: संबंधित ग्राम पंचायत के मस्टर रोल बंद होने के दिवस में किये जाने की जवाबदेही संबंधित तकनीकी सहायक/उप अभियंता की होगी। जनपद पंचायतों में एम.आई.एस. एंट्री के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाएं और संबंधित ग्राम पंचायतों के रोजगार सहायकों से एम.आई.एस. एंट्री के लिए प्राप्त मस्टर रोल 24 घण्टे की समय-सीमा में प्रविष्ट की जाकर कम्प्यूटराइज्ड वेज लिस्ट व वेज स्लिप तैयार किये जाने की जवाबदेही संबंधित कार्यक्रम अधिकारी की होगी। जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के कार्यक्रम अधिकारी द्वारा अगले 24 घंटे की समय-सीमा में मजदूरी भुगतान की वेज लिस्ट व धनादेश जारी कर संबंधित बैंक या डाकघर में विशेष वाहक के माध्यम से जमा कर पावती प्राप्त किया जाना सुनिश्चित किया जाएं। रोजगार सहायक द्वारा तैयार वेज स्लिप को संबंधित ग्राम पंचायतों के मजदूरों तक अगले 24 घण्टे तक प्रदाय किया जाना सुनिश्चित किया जाए।
जिला पंचायत, जनपद पंचायत द्वारा डाकघर शाखाओं में एक माह में भुगतान योग्य राशि का अग्रिम अनिवार्यत: जमा किया जाए, जिससे डाकघर में राशि की कमी से मजदूरी भुगतान में कोई विलंब न हो। दूरस्थ क्षेत्रों के डाकघरों में राशि हस्तांतरण हेतु नजदीकी बैंक शाखाओं से राशि उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएं, साथ ही धनराशि हस्तांतरण में वाहन और सुरक्षा के इंतजाम भी किए जाए। मेट प्रणाली के संबंध में जारी मेट निर्देशिका का पालन किया जाए। मस्टर रोल जारी करने की तिथि से बैंक और डाकघरों में धनादेश जमा करने तक की अवधि हेतु निर्धारित निगरानी पंजी के संधारण की समस्त जवाबदेही संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी की होगी। जिला स्तर से प्रत्येक 15 दिवस में इसकी जांच अनिवार्य रूप से की जाएगी और इसकी मासिक प्रगति से राज्य कार्यालय को अवगत कराया जाएंगा। परिपत्र में स्पष्ट किया गया है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत कार्यरत समस्त क्रियान्वयन एजेंसियों के लिए यह सभी व्यवस्थाएं लागू होगी।

