कसडोल विकासखण्ड में तेईस तालाबों के निर्माण-गहरीकरण के लिए 1.73 करोड़ रूपए मंजूर
रायपुर 24 मई 2010
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में कसडोल विकासखण्ड के तेईस गांवों में तालाब निर्माण और तालाब गहरीकरण के लिए एक करोड़ 73 लाख रूपए मंजूर किए गए हैं। जिला पंचायत ने सामान्य वन मण्डल रायपुर को इस राशि की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस राशि में से एक करोड़ 20 लाख रूपए तेरह गांवों में 12 नये तालाबों के निर्माण और एक तालाब के गहरीकरण के लिए मंजूर किए गए हैं, जबकि शेष पचास लाख रूपए की स्वीकृति दस गांवों में तालाबों के गहरीकरण के लिए दी गई है।
पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि योजना के तहत स्वीकृत राशि से जिन गांवों में नये तालाबों का निर्माण किया जाएगा, उनमें ग्राम झालपानी, बंगलापानी, कुकरीकोना, बिठकुली, भरका, भुसड़ीपाली, पोड़ी, पचपेड़ी, सलिहाभाठा, सोनाखान, उपरानी और नवागांव शामिल हैं। इनमें से प्रत्येक गांव के लिए दस लाख रूपए मंजूर किए गए हैं। ग्राम भुसड़ीपाली में कोसम तालाब के गहरीकरण के लिए तीन लाख रूपए की स्वीकृति दी गई है। इन सभी तेरह गांवों में मंजूर की गई एक करोड़ 23 लाख रूपए की धनराशि में से एक करोड़ 22 लाख 70 हजार रूपए मजदूरी पर और शेष 30 हजार रूपए सामग्री पर खर्च करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा ग्राम अर्जुनी, सरायपाली, सिरमाल, गिण्डोला, खोसड़ा, गांजरडीह, महराजी, दलदली, महकोनी और कुकरीकोना में तालाब गहरीकरण के लिए पांच-पांच लाख रूपए के हिसाब से पचास लाख रूपए मंजूर किए गए हैं। यह सम्पूर्ण राशि मजदूरी पर व्यय की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि जिला पंचायत द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि इन रोजगारमूलक कार्यो में ठेकेदारी प्रथा पर प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही मानव श्रम के स्थान पर वहां मशीनों का उपयोग भी प्रतिबंधित किया गया है। कार्य स्थल पर प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा, पेयजल व्यवस्था, छाया के लिए शेड और श्रमिकों के बच्चों के लिए झूला घर उपलब्ध कराने निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं। क्रियान्वयन एजेंसी अर्थात् सामान्य वन मण्डल कार्यालय रायपुर को यह भी कहा गया है कि मस्टर रोल में श्रमिक का परिवार रोजगार कार्ड क्रमांक अनिवार्य रूप से अंकित करते हुए मस्टर रोल की एक प्रति संबंधित ग्राम पंचायतों को भी उपलब्ध करायी जाए। कार्य शुरू करने के पहले और कार्य की प्रगति के दौरान तथा कार्य पूर्ण होने के बाद की स्थिति फोटोग्राफी करने और फोटोग्राफ्स की एक-एक प्रति कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र के साथ प्रस्तुत करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं।
पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि योजना के तहत स्वीकृत राशि से जिन गांवों में नये तालाबों का निर्माण किया जाएगा, उनमें ग्राम झालपानी, बंगलापानी, कुकरीकोना, बिठकुली, भरका, भुसड़ीपाली, पोड़ी, पचपेड़ी, सलिहाभाठा, सोनाखान, उपरानी और नवागांव शामिल हैं। इनमें से प्रत्येक गांव के लिए दस लाख रूपए मंजूर किए गए हैं। ग्राम भुसड़ीपाली में कोसम तालाब के गहरीकरण के लिए तीन लाख रूपए की स्वीकृति दी गई है। इन सभी तेरह गांवों में मंजूर की गई एक करोड़ 23 लाख रूपए की धनराशि में से एक करोड़ 22 लाख 70 हजार रूपए मजदूरी पर और शेष 30 हजार रूपए सामग्री पर खर्च करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा ग्राम अर्जुनी, सरायपाली, सिरमाल, गिण्डोला, खोसड़ा, गांजरडीह, महराजी, दलदली, महकोनी और कुकरीकोना में तालाब गहरीकरण के लिए पांच-पांच लाख रूपए के हिसाब से पचास लाख रूपए मंजूर किए गए हैं। यह सम्पूर्ण राशि मजदूरी पर व्यय की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि जिला पंचायत द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि इन रोजगारमूलक कार्यो में ठेकेदारी प्रथा पर प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही मानव श्रम के स्थान पर वहां मशीनों का उपयोग भी प्रतिबंधित किया गया है। कार्य स्थल पर प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा, पेयजल व्यवस्था, छाया के लिए शेड और श्रमिकों के बच्चों के लिए झूला घर उपलब्ध कराने निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं। क्रियान्वयन एजेंसी अर्थात् सामान्य वन मण्डल कार्यालय रायपुर को यह भी कहा गया है कि मस्टर रोल में श्रमिक का परिवार रोजगार कार्ड क्रमांक अनिवार्य रूप से अंकित करते हुए मस्टर रोल की एक प्रति संबंधित ग्राम पंचायतों को भी उपलब्ध करायी जाए। कार्य शुरू करने के पहले और कार्य की प्रगति के दौरान तथा कार्य पूर्ण होने के बाद की स्थिति फोटोग्राफी करने और फोटोग्राफ्स की एक-एक प्रति कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र के साथ प्रस्तुत करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं।
क्रमांक - 932/स्वराज्य

