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महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना

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When May 24, 2010
from 06:20 PM to 06:20 PM
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कम्प्यूटरीकृत ऑनलाईन समीक्षा सूचना प्रणाली और सूचना संचार तकनीक अधोसंरचना को ग्राम पंचायतों तक पहुंचाने के निर्देश

रायपुर 24 जून 2010

   महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत पूरी तरह क्रियाशील कम्प्यूटरीकृत ऑनलाईन समीक्षा सूचना प्रणाली एम.आई.एस. (मॉनिटरिंग इन्फरमेशन सिस्टम) और सूचना संचार तकनीक अधोसंरचना को ग्राम पंचायतों तक पहुंचाने के लिए सभी जिला कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को परिपत्र जारी कर निर्देश जारी किए है। आयुक्त (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) छत्तीसगढ़ ने इस संबंध में जारी परिपत्र में कहा है कि ग्राम पंचायतों तक सूचना संचार तकनीक की अंधोसंरचना (कम्प्यूटर एवं कनेक्टिविटी सुविधा) उपलब्ध कराने का कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कर लिया जाए।
परिपत्र के अनुसार योजना के तहत समस्त जानकारियों को योजना की वेबसाईट ूण्दतमहंण्दपबण्पद (डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट एनआरईजीए डॉट एनआईसी डॉट आईएन) पर उपलब्ध साफ्टवेयर की एम.आई.एस. (मॉनिटरिंग इन्फरमेशन सिस्टम) में ऑनलाईन दर्ज करने कहा गया है। केन्द्र सरकार द्वारा निगरानी सूचना प्रणाली में सभी जानकारी पूर्णत कार्यशील होने के आधार पर ही राशि जारी की जाएगी और मासिक रिपोर्ट भी तैयार होगी। केन्द्रीय ग्रामीण्ा विकास मंत्रालय द्वारा भेजी गई शिकायतों का निराकरण छह माह के भीतर कर उसका प्रतिवेदन भी केन्द्र को भेजने कहा गया है। परिपत्र में बताया गया है कि केन्द्र को वित्तीय प्रस्ताव ऑनलाईन भेजे जाने है, जिसकी प्रक्रिया शीध्र ही प्रारंभ हो जाएगी, भेजे गए प्रस्तावों को ऑनलाईन देखा जा सकता है। केन्द्र द्वारा वर्ष 2010-11 के लिए द्वितीय किश्त की राशि निगरानी सूचना प्रणाली (एम.आई.एस.) पर प्रदर्शित आंकड़ों के आधार पर ही जिलों को जारी की जाएगी। वित्तीय वर्ष 2009-10 में माह मार्च की शेष राशि को वर्ष 2010-11 के लिए प्रारंभिक शेष माना जाएगा। प्रथम किश्त की शेष राशि मार्च 2010 के मासिक प्रगति प्रतिवेदन के प्रारंभिक शेष के आधार पर निर्धारित की जाएगी।
    परिपत्र में कहा गया है कि केन्द्रीय सशक्त समिति की बैठक में वर्ष 2010-11 के लिए तय लेबर बजट के अनुसार एम.आई.एस. पर जिलेवार और माहवार प्रविष्टि 20 मई तक अवश्य कर ली जाए। वर्ष 2010-11 के लेबर बजट की जिलेवार, माहवार एम.आई.एस. एन्ट्री से वास्तविक प्रगति तथा एम.आई.एस. आंकलन की नियमित समीक्षा में सहायता मिलेगी। जिससे योजना क्रियान्वयन में गति लाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे। वर्ष 2010-11 के लिए प्रस्तावित भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्रों को इस वर्ष के लेबर बजट में शामिल करते हुए इसके विवरण को भी दर्ज किया जाए। भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्र के प्रस्ताव स्थल चयन सहित केन्द्र के पास शीघ्र भेजने के निर्देश दिए गए है। लेबर बजट में प्रस्तावित कार्यो के विवरण भी एम.आई.एस. में एन्ट्री करने कहा गया है। 
   परिपत्र में जिला कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से कहा गया है कि केन्द्र सरकार द्वारा निगरानी सूचना प्रणाली के माध्यम से तीन मासिक प्रतिवेदन वित्तीय, भौतिक तथा कार्य तैयार होंगे। इसके लिए इन मॉडयूल पर पंजीकरण, रोजगार कार्ड्स, कार्य कार्य की मांग का आवेदन, तिथि युक्त रसीद, कार्य आबंटन, तकनीकी ओर प्रशासकीय स्वीकृति सहित कार्य विवरण, मस्टर रोल एवं माप-पुस्तिका, संपत्ति रजिस्टर, अकुशल और अर्धकुशल मजदूरों को मजदूरी भुगतान, सामग्री पर व्यय-बिल, प्रशासकीय व्यय, मजदूरी भुगतान के लिए वेज सूची की एन्ट्री किया जाना जरूरी है। इन सभी मॉडयूल्स पर 15 जून 2010 तक अनिवार्यत: पूर्ण एन्ट्री सुनिश्चित कर ली जाए। निगरानी सूचना प्रणाली (मॉनिटरिंग इन्फरमेशन सिस्टम) की पूर्णत: क्रियाशील करने क्षमता निर्माण के लिए राज्य, जिला, जनपद और ग्राम पंचायत स्तर पर पद संरचना और अधिकारियो तथा कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाए। सामाजिक अंकेक्षण और शिकायत निवारण के लिए केन्द्र सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2010-11 में प्रत्येक माह के 10 तारीख तक पिछले माह की जिले और राज्य की प्रगति एम.आई.एस. के सभी मॉडल्यू में दर्ज आंकड़ो से सीधे ही ली जाएगी और उसे ही वास्तविक मासिक प्रगति माना जाएगा।
    परिपत्र के अनुसार रोजगार कार्ड्स के संबंध में निगरानी सूचना प्रणाली (मॉनिटरिंग इन्फरमेशन सिस्टम) पर उपलब्ध सभी रोजगारकार्ड में फोटो, कार्य की मांग करने वाले सभी मजदूरों के बैंक और डाकघर के खाता नम्बर, पंजीकृत मजदूरों में से गरीबी रेखा श्रेणी, लघु और सीमांत किसानों की जानकारी तथा बीमा संबंधी जानकारी अद्यतन कर ली जाए। समस्त प्राप्त शिकायतों एवं उस पर की गई कार्रवाई की एन्ट्री एम.आई.एस. पर अवश्य कराई जाए। सामाजिक अंकेक्षण कैलेण्डर तथा मिनिट्स के साथ उत्तरदायी व्यक्ति का नाम तथा पदनाम भी दर्शाया जाए। परिपत्र में एम.आई.एस. साफ्टवेयर के संबध निर्देशित किया गया है कि कार्य आवंटित करते समय गरीबी रेखा श्रेणी, लघु और सीमांत किसान, बैंक या डाकघर खाता संख्या की स्थिति अद्यतन की जाए। समस्त बिलों के पंजीयन क्रमांक और उनका नंबर होने चाहिए, एम.आई.एस. में क्रियान्वयन ऐजन्सियों को जारी की गई राशि दर्शायी जाए। कार्य मॉडयूल में सभी कार्यो का सर्वे नंबर, खाता नंबर और प्लॉट नम्बर होना चाहिए। कार्यो की तकनीकी स्वीकृति में सभी गतिविधियों से संबंधित जानकारी मात्रा एवं धनराशि सहित दर्ज की जानी चाहिए। इसके साथ ही कार्य में उपयोग होने वाली सभी प्रकार की सामग्री की जानकारी मात्रा और धनराशि सहित होनी चाहिए। परिपत्र में मस्टर रोल और माप-पुस्तिका के संबंध में कहा गया है कि ई-मस्टर रोल निगरानी सूचना प्रणाली (एम.आई.एस.) के माध्यम से निकाला जाए और इसी का उपयोग कार्यस्थल पर उपस्थिति पत्रक के रूप में किया जाए। प्रत्येक मस्टर रोल के साथ माप-पुस्तिका भरी जाए। मजदूरी सूची भी निगरानी सूचना प्रणाली (एम.आई.एस.) के माध्यम से तैयार की जाए, जिसे भुगतान के लिए बैंक और डाकधर शाखाओं को प्रेषित किया जाए। मजदूरी का भुगतान समय पर किया जाए। विलंब से मजदूरी भुगतान के लिए जिम्मेदार लोगों के विरूध्द कार्रवाई की जाए। परिपत्र में बताया गया है कि फास्ट टे्रक सिस्टम भी एक मई 2010 से बंद कर दिया गया है। ऑफ लाईन मोड पर कार्य करने वाले सभी स्थानों पर नवीन 5.0 वर्सन डाउनलोड कर उपयोग किया जाए।  जिला स्तर से कम से कम 10 प्रतिशत एम.आई.एस. आंकड़ों की प्रविष्टि को आवश्यक रूप से सत्यापित किया जाए। इसके लिए जिला स्तर पर एक एम.आई.एस. प्रभारी अधिकारी घोषित कर उसका नाम, पद, मोबाईल नंबर, ई-मेल से कार्यालय आयुक्त रोजगार गारंटी को अवगत कराया जाए। जनपद स्तर पर कार्यक्रम अधिकारी को विकासखण्ड में एम.आई.एस. के समस्त आंकड़ों की जांच कर पूर्ण सावधानी के साथ सही प्रविष्टि कराने और उसकी सत्यता के लिए जिम्मेदार घोषित किए जाने के लिए निर्देशित किया जाए। व्यक्तिगत कार्यो में अनुसूचित जाति और जनजाति तथा चिन्हित क्षेत्र के विवरण की एन्ट्री के समय विशेष सर्तकता बरती जाए।    

क्रमांक- 938/चतुर्वेदी

 

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