निजी विद्युत उत्पादकों द्वारा राज्य के बाहर बिजली बेचे जाने के मामले की जांच होगी
दो सदस्यीय जांच समिति गठित
रायपुर 13 जुलाई 2010
राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ के निजी विद्युत उत्पादकों द्वारा विद्युत अधिनियम 2003 के अनुसार ओपन एक्सेस के अधिकार के तहत राज्य के बाहर बिजली बेचे जाने से संबंधित समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों को गंभीरता से लिया है और इस पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए तत्कालीन छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल के सेवानिवृत सदस्य श्री वाय.एन. जौहरी की अध्यक्षता में दो सदस्यीय समिति गठित की गई है। विद्युत पारेषण कम्पनी के वरिष्ठ मुख्य अभियंता श्री व्ही.के. खरे को जांच समिति का दूसरा सदस्य नियुक्त किया गया है। वे समिति के संयोजक भी होंगे।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न निजी विद्युत उत्पादकों द्वारा एक वर्ष में ओपन एक्सेस के तहत भारप्रेषण केन्द्र द्वारा दी गई अनापत्ति के सभी मामलों को इस जांच के दायरे में लिया है। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा जांच के छह बिंदु तय किए गए हैं। इनमें ओपन एक्सेस के अन्तर्गत अनापत्ति जारी करने के लिए संगत रेग्यूलेशन के प्रावधानों के पालन में राज्य भार प्रेषण केन्द्र की भूमिका और दायित्वों के निर्वहन पर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए समिति को कहा गया है। विद्युत उत्पादकों द्वारा राज्य के बाहर बिजली बेचने के मामले के घोषित शेडयूल के एवज में वास्तवित विद्युत के उत्पादन की स्थिति और रेग्यूलेशन की शर्तों का पालन नहीं करने की स्थिति में राज्य भार प्रेषण केन्द्र द्वारा उठाये जाने वाले उपायों पर पालन प्रतिवेदन और रेग्यूलेशन के उल्लंघन को नियंत्रित नहीं करने के मामलों में जवाबदेही का निर्धारण किया जाएगा। ओपन एक्सेस के अन्तर्गत गत एक वर्ष में विभिन्न विद्युत उत्पादकों द्वारा राज्य के बाहर बेची गई बिजली के समस्त प्रकरणों की भी जांच करने के लिए कहा गया है।
जांच समिति विद्युत उत्पादकों द्वारा घोषित शेडयूल के एवज में विद्युत का उत्पादन नहीं करने की स्थिति में अंतर्राज्जीय बिजली के विक्रय के लिए बनाए गए रेग्यूलेशन के अन्तर्गत राज्य विद्युत वितरण कम्पनी को देय यू.आई. चार्जेस के भुगतान के बकाया होने के कारण हुई क्षति का आंकलन भी करेगी और बकाया राशि वसूली के उपायों पर सुझाव देगी। विद्युत उत्पादकों द्वारा राज्य के बाहर बेची जा रही बिजली के मामले में रेग्यूलेशन के अन्तर्गत दी जाने वाली अनुमति की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और वर्तमान में चिन्हित विभिन्न त्रुटियों की पुनर्रावुति भविष्य में नहीं हो, इसके लिए समिति सुझाव देगी। जांच समिति प्रकरण में तथ्यों के परीक्षण और मामले की समीक्षा के उपरांत आवश्यकतानुसार ओपन एक्सेस के तहत राज्य के बाहर बिजली बेचने से संबंधित गत एक वर्ष में जारी की गई विभिन्न विद्युत उत्पादकों को जारी की गई अनापत्तियों के सभी मामलों में आवश्यकतानुसार अनुशंसा राज्य शासन के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत करेगी।

