तीस हजार से अधिक आबादी वाले शहरों में बिजली सुविधा बढ़ाने 216.56 करोड़ की विशेष परियोजना जल्द
राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में कोरिया जिले के लिए 81 करोड़ का प्रस्ताव मंजूर

छत्तीसगढ़ में तीस हजार से अधिक जनसंख्या वाले सोलह शहरों में बिजली आपूर्ति से संबंधित विभिन्न तकनीकी सुविधाओं के विकास और विस्तार के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की खास पहल पर 216 करोड़ 56 लाख रूपए की एक विशेष परियोजना जल्द शुरू होगी। मुख्यमंत्री ने इसके लिए हरी झंडी दे दी है। डॉ. रमन सिंह के निर्देश पर 15 हजार से तीस हजार तक आबादी वाले 29 शहरों के लिए भी यह परियोजना शुरू करने का प्रस्ताव केन्द्र को भेजा गया है।
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कम्पनी के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से केन्द्र को भेजे गए प्रस्ताव के तहत तीस हजार से अधिक आबादी वाले जिन शहरों में आर-एपीडीआर प्रोजेक्ट मंजूर किया गया है, उनमें अम्बिकापुर, मनेन्द्रगढ़, नैला-जांजगीर, चाम्पा, दल्लीराजहरा, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, मुंगेली, कवर्धा, महासमुंद, धमतरी, कांकेर, जगदलपुर, भाटापारा, रायगढ़ और कोरबा शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कल रात यहां अपने निवास पर ऊर्जा विभाग और छत्तीसगढ़ पॉवर कम्पनी से संबंधित उत्पादन, पारेषण, वितरण और होल्डिंग कम्पनियों के काम-काज की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को तीस हजार से अधिक आबादी वाले इन सोलह शहरों के लिए मंजूर आर-एपीडीआर की विशेष परियोजना जल्द से जल्द से शुरू करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि पन्द्रह हजार से तीस हजार तक आबादी वाले जिन 29 शहरों में आर-एपीडीआर परियोजना शुरू करने का प्रस्ताव है, उनमें कोण्डागांव, रतनपुर, तखतपुर, गौरेला/पेण्ड्रा, कोटा, बोदरी-बिल्हा, बड़े बचेली, किरन्दुल, बेमेतरा, कुम्हारी, जामुल, बालोद, अहिवारा, अकलतरा, सक्ती, जशपुर नगर, दीपका, कटघोरा, सरायपाली, बागबाहरा, नारायणपुर, खरसिया, बिरगांव, बलौदाबाजार, आरंग, तिल्दा-नेवरा, गोबरा नवापारा, खैरागढ़ और सूरजपुर शामिल हैं। इसकी सैध्दांतिक सहमति मिल चुकी है।
मुख्यमंत्री ने बैठक में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि प्रदेश के 18 में से 16 जिलों में इस योजना के तहत विद्युत सुविधा विहीन बसाहटों के विद्युतीकरण का काम प्रगति पर है, जबकि शेष दो में से कोरिया जिले के लिए इस योजना के तहत 81 करोड़ रूपए का प्रोजेक्ट मंजूर हो गया है और जशपुर जिले के लिए राज्य सरकार की ओर से केन्द्र को भेजा गया 91 करोड़ रूपए का परियोजना प्रस्ताव वहां विचाराधीन है। मुख्यमंत्री ने जिन सोलह जिलों में इस योजना का काम जारी है, वहां सभी निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में कम वोल्टेज की समस्या के निराकरण के लिए चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि भानुप्रतापपुर में 132 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र का निर्माण पिछले माह पूर्ण कर लिया गया है। इससे भानुप्रतापपुर, अतांगढ़, पखांजूर और बांदे इलाकों में कम वोल्टेज की दिक्कत अब नहीं है। गरियाबंद, मैनपुर और देवभोग इलाकों में कम वोल्टेज की परेशानी से जनता को राहत देने के लिए विद्युत लाईन खीचनें की स्वीकृति मिल चुकी है। मुख्यमंत्री ने गरियाबंद में विद्युत उपकेन्द्र निर्माण भी जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि बिजली चोरी रोकने के लिए छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, भिलाई, रायगढ़ और कुछ अन्य प्रमुख शहरों में अब तक 280 किलोमीटर लम्बी केबल लाईने खींची जा चुकी है, जबकि आगामी दिनों में एक हजार किलोमीटर लम्बी केबल लाईन डालने के लिए प्रदेश सरकार की विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा निविदा आमंत्रित की जा चुकी है। ऊर्जा विभाग और छत्तीसगढ़ पावर कम्पनी के वरिष्ठ अधिकारियों की इस बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में निर्माणाधीन बिजली परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विद्युत कम्पनी की एक हजार मेगावाट की मड़वा ताप बिजली परियोजना और 500 मेगावाट की कोरबा-पश्चिम परियोजना का निर्माण समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने कोरबा से रायपुर तक 400 के.व्ही.ए. अति उच्च दाब की लाईन बिछाने और इसके लिए रायपुर के नजदीक ग्राम रायता में बनवाये जा रहे 400 के.व्ही. के विद्युत सब स्टेशन का निर्माण भी समय पर पूर्ण करने के लिए कहा।
डॉ. सिंह ने बैठक में विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा विगत तीन वर्षो में वितरण क्षति (लाईन लॉस) कम करने के प्रयासों को मिली अच्छी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2009-10 में जहां लाईन लॉस 35.56 प्रतिशत था, वहीं पिछले वर्ष 2010-11 में यह कम होकर 31 प्रतिशत हो गया और चालू वर्ष 2011-12 में इसे और भी कम करते हुए 28 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य है। बैठक में मुख्य सचिव श्री पी. जॉय उम्मेन, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव श्री अजय सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री अमन कुमार सिंह और छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कम्पनी के प्रबंध संचालक श्री सुबोध कुमार सिंह सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

